जमीन बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप, अदालत के आदेश पर दंपती के खिलाफ FIR
बैंक लोन छिपाकर 35 लाख रुपये में बेच दिया दो मंजिला मकान
आसपुर देवसरा। जमीन बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने के मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि दंपती ने बैंक में बंधक और लोन वाले मकान को ऋण भार मुक्त बताकर 35 लाख रुपये में बेच दिया।
आसपुर देवसरा निवासी शिव शंकर सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने 15 अप्रैल 2026 को पट्टी उपनिबंधक कार्यालय में 43 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बने दो मंजिला मकान का राकेश यादव और उसकी पत्नी प्रियंका यादव, निवासी आसपुर देवसरा, से 35 लाख रुपये में बैनामा कराया था। भुगतान बैंक ऑफ बड़ौदा के चेक के माध्यम से किया गया और संपत्ति का नामांतरण उनकी पत्नी मंजू सिंह के नाम भी हो गया।
शिव शंकर सिंह के मुताबिक, 25 जुलाई 2026 को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, प्रतापगढ़ शाखा के प्रबंधक लोन की वसूली के लिए मकान पर पहुंचे। इसी दौरान उन्हें जानकारी हुई कि उक्त मकान पर विक्रेता दंपती ने 15 लाख रुपये का बैंक ऋण ले रखा था।
आरोप है कि विक्रेता दंपती ने बैंक ऋण की जानकारी छिपाते हुए संपत्ति को ऋण भार से मुक्त बताकर बिक्री की। मामले में थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने दंपती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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