बेटी जन्म पर उत्सव का माहौल : मानहेरू के भुक्कल परिवार ने कुआं पूजन कर मनाई खुशियां
किसी वरदान से कम नहीं है घर में बेटी का जन्म : बलवान सिंह
भिवानी, 18 अगस्त : समाज में बेटियों के प्रति बदलती सोच और लैंगिक समानता की एक बेहद खूबसूरत व प्रेरणादायी तस्वीर गांव मानहेरू से सामने आई है। मानहेरू निवासी सुमित कुमार की पत्नी रविना की कोख से बेटी के जन्म लेने पर पूरा गांव उत्सव के रंग में रंग गया। पारंपरिक रूप से बेटों के जन्म पर निभाई जाने वाली कुआं पूजन की रस्म को भुक्कल परिवार ने अपनी नवजात पोती के आगमन पर अत्यंत हर्षोल्लास के साथ पूरा किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और मांगलिक गीतों के बीच मनाए गए इस उत्सव ने पूरे क्षेत्र में बालिका सशक्तिकरण का एक नया उदाहरण पेश किया है। बेटी के जन्म की इस पावन वेला पर दादा बलवान सिंह और दादी कृष्णा देवी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पोती के घर आगमन की खुशी में पूरे भुक्कल परिवार ने ढोल की थाप पर नाच-गाकर जश्न मनाया। इस दौरान एक भव्य प्रतिभोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें ग्रामीणों और रिश्तेदार-परिजनों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर नवजात बच्ची को अपना आशीर्वाद दिया और परिवार की खुशियों में शरीक हुए। इस मौके पर नवजता के दादा बलवान व दादी कृष्णाा देवी ने कहा कि उनके घर पौत्री का जन्म किसी वरदान से कम नहीं है। बेटियां दो कुलों का नाम रोशन करती हैं और आज के दौर में बेटों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। हमारे समाज में बेटियों के जन्म पर भी वही खुशियां और वही सम्मान मिलना चाहिए जो बेटों को मिलता है। कुआं पूजन की यह रस्म केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हमारी इस नन्हीं परी के प्रति हमारे असीम स्नेह और गर्व का प्रतीक है। वही गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और परिजनों ने परिवार की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। ग्रामीणों का कहना है कि भुक्कल परिवार द्वारा उठाए गए इस कदम से समाज में बेटियों को लेकर बनी पुरानी भ्रांतियां टूटेंगी और अन्य लोगों को भी अपनी बेटियों के जन्म पर इस प्रकार के उत्सव मनाने की प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर समस्त भुक्कल परिवार व अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।