*शासन स्तर पर लंबित मांगों को लेकर न्यायालय कर्मचारियों ने निकाली तिरंगा यात्रा, 25 अक्टूबर को लखनऊ में होगा प्रदेशव्यापी सत्याग्रह*
जनपद बस्ती ,उत्तर प्रदेश 02 अक्टूबर 2026
*बस्ती।* दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शासन स्तर पर वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर चलाए जा रहे सत्याग्रह आंदोलन के तृतीय चरण के तहत गुरुवार को जनपद न्यायालय बस्ती के कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा निकाली। राष्ट्रध्वज के साथ निकली इस यात्रा में सैकड़ों कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए शासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकृष्ट कराया।
तिरंगा यात्रा की शुरुआत संघ के मार्गदर्शक अवध बिहारी श्रीवास्तव ने कर्मचारी एकता जिंदाबाद और वंदे मातरम के उद्घोष के साथ की। हाथों में तिरंगा लिए कर्मचारियों ने अनुशासित तरीके से न्यायालय परिसर से यात्रा निकाली। यात्रा के माध्यम से कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें वर्षों से शासन के विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं, जिनका सीधा संबंध सेवा-शर्तों, पदोन्नति, वेतनमान और कार्य सुविधाओं से है।
संघ के अध्यक्ष भागवत शुक्ल ने कहा कि न्यायालय कर्मचारी न्यायिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। वे न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और वादकारियों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। इसके बावजूद उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि न्यायालय कर्मचारियों का कार्य सामान्य लिपिकीय कार्य नहीं है, बल्कि यह विशिष्ट विधिक प्रकृति का दायित्व है, इसलिए कार्य के अनुरूप वेतनमान मिलना चाहिए।
अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यह तिरंगा यात्रा आंदोलन का अंतिम पड़ाव नहीं है। यदि शासन ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो 25 अक्टूबर को प्रदेश भर के न्यायालय कर्मचारी लखनऊ में एकत्र होकर प्रदेशव्यापी सत्याग्रह करेंगे।
सचिव संतोष कुमार त्रिपाठी ने प्रमुख मांगों के बारे में बताया - लिपिकीय संवर्ग का प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड पे (लेवल-5) किया जाए, न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक हो, 14वें वित्त आयोग के तहत एफटीसी में संविदा कर्मचारियों को 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि और नियमितीकरण किया जाए, कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक पदोन्नति में 50 प्रतिशत शिथिलीकरण, 4600 ग्रेड पे वाले पदों को राजपत्रित दर्जा, बयान लेखक के पद सृजन, मकान किराया भत्ते का पुनरीक्षण और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के विलुप्त पद को पुनः सृजित किया जाए।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी और संयुक्त सचिव रोहित कुमार जायसवाल ने कहा कि जनपद न्यायालयों में कर्मचारियों की भारी कमी है, नए पदों का सृजन जरूरी है और तब तक अतिरिक्त कार्य भत्ता दिया जाए। मीडिया प्रभारी उमेश चंद्र जायसवाल ने कहा कि यह संघर्ष व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है।
इस दौरान अमित कुमार श्रीवास्तव, नियाज अहमद, आदर्श श्रीवास्तव, सुमित झा, जैनेन्द्र यादव, मनोज कुमार, वैशाली गुप्ता, आराधना, प्रिन्सी, अंजू सागर सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
संवाददाता हरी ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Oct 2, 2026