प्रॉपर्टी डील की रंजिश में अपहरण करने की कोशिश करने की वारदात का अपराध शाखा सेक्टर-43, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने किया पर्दाफाश।
हथियार के बल पर युवक का अपहरण करने की कोशिश करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार।
प्रॉपर्टी विवाद में दबाव बनाने के लिए बनाई थी अपहरण करने की योजना, हथियार दिखाकर युवक को कार सहित ले जाने का किया था प्रयास।
गुरुग्राम, गौरव गर्ग, 2 अक्टूबर । गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-43 की टीम ने हथियार के बल पर अपहरण करने के प्रयास के मामले को सुलझाते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने प्रॉपर्टी डील को लेकर उत्पन्न रंजिश के चलते शिकायतकर्ता का अपहरण करके उसके पिता पर प्रॉपर्टी की डील रद्द करने अथवा रुपये देने का दबाव बनाने की योजना तैयार की थी।
21 सितंबर को गैलेरिया मार्केट में दिया था वारदात को अंजाम
22 सितंबर को पुलिस थाना सेक्टर-29, गुरुग्राम की पुलिस टीम को एक व्यक्ति ने एक लिखित शिकायत के माध्यम से बताया कि यह 21 सितंबर को गैलेरिया मार्केट आया था। यह अपनी कार पार्क करके एक कैफे में चला गया। वापस आकर जैसे ही ये अपनी कार में बैठने लगा, तभी एक व्यक्ति उसकी कार की अगली सीट पर तथा दो व्यक्ति पिछली सीट पर आकर बैठ गए। अगली सीट पर बैठे व्यक्ति ने इसको पिस्तौलनुमा हथियार दिखाकर उनके साथ चलने के लिए कहा। इसके द्वारा विरोध करने पर उन्होंने इस पर गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन हथियार से गोली नहीं चली। इसने तत्परता दिखाते हुए तत्काल अपनी कार आगे बढ़ा दी, कार के चलते ही पिछली सीट पर बैठे दोनों व्यक्ति कार से उतरकर भाग गए। आगे स्कूटी आने के कारण इसको कार रोकनी पड़ी, जिसका फायदा उठाकर अगली सीट पर बैठा आरोपी भी कार से उतरकर भाग गया, परन्तु उनका पिस्तौल/कट्टा इसकी कार में ही छूट गया। पीड़ित द्वारा पुलिस टीम को दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सेक्टर-29, गुरुग्राम में सम्बन्धित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया।
अपराध शाखा सेक्टर-43 ने त्वरित कार्यवाही करके 5 आरोपियों को दबोचा
अभियोग में त्वरित कार्यवाही करके अपराध शाखा सेक्टर-43, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण जानकारी व सुराग जुटाते हुए उपरोक्त अभियोग की वारदात को अंजाम देने वाले 5 आरोपियों को कल गुरुग्राम से काबू करके अभियोग में नियमानुसार गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
1. प्रवीण निवासी नयागांव, गुरुग्राम, वर्तमान निवासी सेक्टर-67, गुरुग्राम।
2. सुमेर सिंह निवासी लक्ष्मण विहार, गुरुग्राम, वर्तमान निवासी राजनगर, गुरुग्राम।
3. शिव शंकर निवासी मोखरी, जिला भगुवा, बिहार, वर्तमान निवासी वैधरम कॉलोनी, पल्ला, जिला फरीदाबाद।
4. अमन निवासी मथी कलां, जिला रीमा, मध्य-प्रदेश, वर्तमान निवासी मीठापुर, दिल्ली।
5. हेमंत निवासी देवरा फरेदा, जिला रीमा, मध्य-प्रदेश, वर्तमान निवासी मीठापुर, दिल्ली।
प्रॉपर्टी डील रद्द होने की रंजिश बनी अपहरण की साजिश का कारण
आरोपियों से की गई पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त आरोपी प्रवीण ने अभियोग में पीड़ित/ शिकायतकर्ता के पिता के साथ प्रॉपर्टी की डील की थी। बाद में शिकायतकर्ता के पिता ने उक्त प्रॉपर्टी की डील किसी अन्य व्यक्ति के साथ कर ली। इसी बात को लेकर आरोपी प्रवीण रंजिश रखने लगा। आरोपी प्रवीण ने अपने साथी सुमेर को इस बारे में बताया। इसके बाद दोनों ने शिकायतकर्ता का अपहरण करके उसके पिता पर प्रॉपर्टी की डील इनके साथ करने तथा रुपये देने का दबाव बनाने की योजना तैयार की।
वारदात को अंजाम देने के लिए नूंह से लिया था हथियार
उपरोक्त वारदात को अंजाम देने के लिए उक्त आरोपी प्रवीण और सुमेर नूंह से हथियार लेकर आए। इसके बाद सुमेर ने अपने परिचित शिव शंकर, अमन और हेमंत को भी योजना में शामिल किया। 21 सितंबर को योजना के अनुसार जब शिकायतकर्ता अपनी कार में बैठने लगा तो शिव शंकर कार की अगली सीट पर बैठ गया और हथियार दिखाकर शिकायतकर्ता को अपने साथ चलने के लिए कहा। अमन और हेमंत पिछली सीट पर बैठ गए, जबकि सुमेर कार के बाहर खड़ा रहा।
आपसी परिचय के आधार पर बनाई गई थी टीम
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी सुमेर पहले फरीदाबाद में रहता था, जहां उसकी मुलाकात शिव शंकर से हुई थी। आरोपी अमन और हेमंत, शिव शंकर के साथ काम करते हैं। इसी आपसी संपर्क के चलते सभी आरोपियों को अपहरण की योजना में शामिल किया गया।
पुलिस टीम द्वारा अभियोग में आगामी कार्यवाही के लिए आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है, पुलिस पूछताछ में जो ही तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अभियोग में नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जाएगी। अभियोग का अनुसंधान जारी है।