#सेवा_संकल्प_अभियान
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कहानी बदलाव की
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खेती की समस्या को बनाया अवसर: सरदारपुर के युवाओं ने स्थापित की 1.5 करोड़ के टर्नओवर वाली 'फोम नेट' इकाई
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मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2025 से संवरा रजौद के युवाओं का भविष्य
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सफर किसान से उद्यमी बनने तक का, स्थानीय फल उत्पादन से स्वरोजगार की नई राह
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धार जिले के सरदारपुर क्षेत्र में फल उत्पादन को नई दिशा देते हुए शुभंकर एवं गोलू अतोलिया ने स्थानीय स्तर पर फल प्रसंस्करण की पहल कर किसान से उद्यमी बनने की राह बनाई है। ग्राम रोजड़, तहसील सरदारपुर निवासी दोनों हितग्राहियों ने ‘फ्रूट नेट/कॉमन नेट’ आधारित उद्योग स्थापित कर स्थानीय उत्पाद को बाजार से जोड़ने का प्रयास किया है।
सरदारपुर क्षेत्र में फलों की खेती पर्याप्त मात्रा में होती है। यहां उत्पादित फलों का एक बड़ा हिस्सा स्थानीय स्तर पर ही विक्रय किया जाता है। फल शीघ्र खराब होने वाली कृषि उपज होने के कारण किसानों को दूरस्थ बाजारों तक पहुंचाने में परिवहन लागत, समय और खराब होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
इसी चुनौती को अवसर में बदलने का विचार शुभंकर एवं गोलू अतोलिया को आया। फल उत्पादन एवं विपणन से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए उन्होंने फ्रूट नेट के माध्यम से फलों की बर्बादी कम करने तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया।
उद्यम स्थापित करने के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा उन्हें उद्योग स्थापना एवं विभागीय योजनाओं से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही एमपीएमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2025 के अंतर्गत उद्योग विकास अनुदान का लाभ भी प्राप्त हो रहा है। इस उद्यम का टर्नओवर लगभग 1.5 करोड़ रुपये तथा इससे 8 लोगों को रोजगार मिल रहा है।
*पहले की स्थिति*
फल उत्पादन के बाद किसानों को दूरस्थ बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता था। परिवहन के दौरान फलों के खराब होने से नुकसान की समस्या भी बनी रहती थी।
*अब बदलाव की तस्वीर*
स्थानीय स्तर पर फल प्रसंस्करण की दिशा में नई औद्योगिक गतिविधि प्रारंभ हुई है। परिवहन एवं फलों के खराब होने से होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में प्रयास हुआ है। स्थानीय कृषि उत्पाद को बाजार से जोड़ने का नया माध्यम विकसित हुआ है। साथ ही युवाओं में कृषि आधारित स्टार्टअप एवं फूड प्रोसेसिंग उद्योग के प्रति रुचि बढ़ी है।
*शुभंकर एवं गोलू की प्रेरणादायी पहल*
शुभंकर एवं गोलू की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि संसाधनों से नई व्यावसायिक संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। शासन की स्टार्टअप एवं एमएसएमई योजनाओं से प्राप्त मार्गदर्शन ने उनके व्यावसायिक विचार को उद्यम के रूप में आगे बढ़ाने में सहयोग किया है।
यह सफलता कहानी ‘स्थानीय संसाधन–स्थानीय प्रसंस्करण–स्थानीय रोजगार’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
#SevaSankalpAbhiyan
Jansampark Madhya Pradesh
31 views | Dhar, Madhya Pradesh | Oct 1, 2026