देवभूमि की समृद्ध लोक परंपराओं की अनमोल धरोहर…
मुख्यमंत्री एवं कैबिनेट मंत्रियों के हाथ में दिखाई दे रही वस्तु देवीधुरा की प्रसिद्ध बग्वाल परंपरा में प्रयोग होने वाली पारंपरिक ‘फर्रा/छन्तोली’ (ढाल) है। इसे मुख्यतः बांस या रिंगाल की खपच्चियों से छतरीनुमा आकार में तैयार किया जाता है। बग्वाल के दौरान प्रतिभागी पत्थरों की मार से बचाव के लिए ऐसी ढालों का प्रयोग करते रहे हैं।