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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस में पहुंची जामपुर सेवा समिति, विस्थापितों के साहस को किया नमन विभाजन के संघर्ष को भावी पीढिय़ां रखें याद : विनोद मिर्ग भिवानी, 18 अगस्त : वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान देश ने जो संताप, दर्द और विभीषिका झेली, उसकी टीस आज भी इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इसी त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों की स्मृति और विस्थापित परिवारों के त्याग, संघर्ष व धैर्य को नमन करने के उद्देश्य से गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के आयोजक जामपुर सेवा समिति के राष्ट्रीय प्रधान बोधराज सिकरी रहे। इस अवसर पर जामपुर सेवा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से शिरकत की। समिति के महासचिव विनोद मिर्ग के नेतृत्व में भिवानी से बसों व अन्य वाहनों में भारी संख्या में पहुंचे सदस्यों ने कार्यक्रम में भाग लिया तथा विभाजन के बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। जामपुर सेवा समिति के महासचिव विनोद मिर्ग ने कहा कि विभाजन केवल भू-भाग का बंटवारा नहीं था, बल्कि लाखों परिवारों की संवेदनाओं, सपनों और अपनों से बिछडऩे की एक न भूलने वाली त्रासदी थी। उस समय जिन लाखों निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनका बलिदान हमें शांति और एकता का मूल्य सिखाता है। साथ ही, सब कुछ खो देने के बावजूद शून्य से शुरुआत कर देश के निर्माण में योगदान देने वाले हमारे विस्थापित पूर्वजों का साहस और धैर्य अनुकरणीय है। मिर्ग ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को इतिहास के इस काले अध्याय और हमारे पूर्वजों के अतुलनीय संघर्ष से रूबरू कराने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, ताकि भावी पीढ़ी राष्ट्र की अखंडता और आपसी सौहार्द के महत्व को समझ सके। इस स्मृति समारोह में विभाजन की विभीषिका से जुड़ी प्रदर्शनियों और संस्मरणों के माध्यम से उस दौर के मंजऱ को याद किया गया। जामपुर सेवा समिति के सदस्यों ने मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और संकल्प लिया कि वे समाज में भाईचारे, एकता और सेवा की भावना को सदैव प्रज्वलित रखेंगे। इस अवसर पर जामपुर सेवा समिति के कई अन्य गणमान्य सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से पूर्वजों के संघर्ष को नमन किया। - Bhiwani News