प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा।
दिनांक 21.08.2026
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उर्वरक की उपलब्धता एवं निर्धारित दर पर बिक्री सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश
बिहारशरीफ, 21 अगस्त 2026। जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आज नालन्दा समाहरणालय, बिहारशरीफ में जिला पदाधिकारी, नालन्दा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में श्री श्रवण कुमार, माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इसके अतिरिक्त जिले के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, अनुमण्डल स्तरीय पदाधिकारी, उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि तथा नालन्दा जिले के थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारम्भ में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जिले में वर्तमान तिथि को उर्वरक के उपलब्ध भंडार की स्थिति तथा उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर पदाधिकारियों द्वारा की गई छापेमारी एवं निरीक्षण की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्तमान में जिला में 8208.57 मे0टन यूरिया, डी0ए0पी0 1635.25 मे0टन, एम0ओ0पी0 468.8 मे0टन, एन0पी0के0 6558.75 मे0टन, एस0एस0पी0 7348.68 मे0टन उपलब्ध है। अबतक खरीफ 2026 में कुल 492 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 3 प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति रद्द, 35 को निलंबित एवं 64 प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण किया गया।
बैठक में माननीय मंत्री द्वारा जिले में डी.ए.पी. उर्वरक के अपेक्षाकृत कम भंडार पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया गया कि निदेशालय को लक्ष्य के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में डी.ए.पी. उपलब्ध कराने हेतु मांग-पत्र प्रेषित किया जाए, ताकि किसानों को उर्वरक की उपलब्धता में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
उर्वरक की कालाबाजारी एवं निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री की रोकथाम के संबंध में माननीय मंत्री ने कहा कि प्रारम्भिक स्तर पर ही जिले के सभी थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए कि वे किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं। विक्रेताओं द्वारा नियमों का पालन सुनिश्चित किए जाने से अनावश्यक छापेमारी की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी और किसानों को भी सुगमता से उर्वरक प्राप्त हो सकेगा।
जिला पदाधिकारी, नालन्दा ने उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों एवं थोक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने तथा किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि उर्वरक वितरण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर अनियमितता अथवा किसानों को परेशानी की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक के दौरान माननीय मंत्री द्वारा ‘धरती माता बचाओ अभियान’ को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता कम करते हुए जैविक खाद एवं प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित करना आवश्यक है। इसके लिए कृषि विभाग एवं संबंधित पदाधिकारी अपने स्तर से व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता अभियान चलाएं तथा किसानों को प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के लाभों के बारे में जानकारी दें।
जिला पदाधिकारी, नालन्दा ने बताया कि धरती माता को स्वस्थ रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वस्थ मिट्टी ही स्वस्थ फसल, स्वस्थ पर्यावरण और स्वस्थ समाज का आधार है। इसलिए किसानों के बीच जैविक खाद के उपयोग, प्राकृतिक खेती तथा मिट्टी के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पंचायत एवं प्रखण्ड स्तर तक निरंतर अभियान चलाया जाना चाहिए।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं उर्वरक विक्रेताओं ने किसानों को समय पर, पर्याप्त मात्रा में एवं निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Shrawon kumar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Department of Agriculture, Government of Bihar
Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India
Directorate of Soil Conservation, Department of Agriculture, GoB
8 views | Nalanda, Bihar | Aug 21, 2026