हाथीसर तालाब बनेगा इकोटूरिज्म स्थल, पर्यावरण एवं बागमती संरक्षण को लेकर डीडीसी की अहम बैठक संपन्न,
आज शिवहर में पर्यावरण संरक्षण, नदी स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति, सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध हेतु गठित समिति, जिला आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) समिति एवं टास्क फ़ोर्स समिति के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में जिले के पर्यावरण को संतुलित रखने और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें हाथीसर तालाब को इकोटूरिज्म के रूप में विकसित करना और बागमती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाना प्रमुख रहा।
बैठक में चर्चा किए गए मुख्य बिंदु एवं निर्णय:
1. वायु गुणवत्ता की निगरानी: शिवहर जिले में वायु प्रदूषण का स्तर मापने के लिए 'वायु प्रदूषण मापक यंत्र' स्थापित किए जाएंगे।
2. वनीकरण पर जोर: पथ चौड़ीकरण और बांध सुदृढ़ीकरण के दौरान काटे जाने वाले वृक्षों की भरपाई के लिए विशेष रूप से 'वनागर' (नए वन क्षेत्र) का निर्माण किया जाएगा।
3. नदियों की सफाई: बालसुंदर व महनद की उड़ाही (सफाई व गाद निकालने का कार्य) कराई जाएगी ताकि जल प्रवाह बेहतर हो सके।
4. इकोटूरिज्म का विकास: जिले के ऐतिहासिक 'हाथीसर तालाब' का सौंदर्यीकरण कर इसे एक प्रमुख इकोटूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
5. अपशिष्ट प्रबंधन: तरल अपशिष्ट (Liquid Waste) के समुचित प्रबंधन के लिए जिले में FSTP (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) का अधिष्ठापन किया जाएगा।
6. नदी संरक्षण: गंगा की प्रमुख सहायक नदी 'बागमती' के संरक्षण और उसे प्रदूषण रहित बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
7. सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती: जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए प्रभावी छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
8. वेटलैंड और नगर वन: जिले की सत्यापित आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) की विवरणी की समीक्षा की गई तथा उनके संरक्षण एवं प्रबंधन के साथ-साथ 'नगर वन' (सिटी फारेस्ट) विकसित करने की रूपरेखा तय की गई।
बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों को पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा प्रस्तावित सभी योजनाओं को ससमय व गुणवत्तापूर्ण ढंग से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया।