
मृतक के पास रुपये होने का पुलिस को नहीं मिला कोई सबूत, अभिजीत हत्याकांड का मुख्य सरगना तक नहीं पहुँच पाई पुलिस..
सहरसा। अभिजीत सिंह राजपूत हत्याकांड में पुलिस को अब तक मृतक के पास रुपये होने का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। शुरुआती चर्चा थी कि अभिजीत ने स्कॉर्पियो खरीदने के लिए गांव के एक व्यक्ति से रुपये लिए थे, लेकिन पूछताछ में संबंधित व्यक्ति ने रुपये देने से इनकार किया है।
बताया जा रहा है कि मृतक ने दो लाख रुपये और चार लाख रुपये में एक जमीन बेचने की बात कही थी। रुपये की व्यवस्था होने के बाद लौटाने की बात भी सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर की रात करीब 2 बजे तक रुपये को लेकर मैसेज किए जाने की जानकारी मिली है, जबकि 17 सितंबर की सुबह अभिजीत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्याकांड की जांच में पुलिस ने मृतक का मोबाइल, माला और घड़ी बरामद नहीं होने सहित कई बिंदुओं को जांच के दायरे में रखा है। घटनास्थल से पुलिस ने एक हथियार, दो खोखा और डिजिटल तराजू समेत अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस को आशंका है कि मृतक का मोबाइल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
__हत्या की वजह और मकसद की तलाश
पुलिस के अनुसार, अभिजीत की हत्या 17 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे होने की बात सामने आ रही है, जबकि उसका शव 18 अगस्त की सुबह घर से करीब 24-25 घंटे बाद बरामद हुआ था। छानबीन के दौरान मृतक के पेट का हिस्सा काफी गीला मिला। कपड़े भी लंबे समय तक गीले रहने को लेकर सवाल उठे हैं। 16 सितंबर की रात मृतक ने जो कपड़े पहने थे, शव मिलने के समय उसके शरीर पर कपड़े बदले हुए थे। पुलिस हत्या के पीछे के वास्तविक मकसद का पता लगाने के लिए तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जांच कर रही है।
__मोबाइल और डिजिटल सबूतों पर भी फोकस
मृतक का मोबाइल, घड़ी और माला गायब होने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। वहीं, मृतक द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला बुलेट बाइक भी दूसरे व्यक्ति के पास से मिली थी। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस जांच के दौरान मोबाइल से भेजे गए डिलीट मैसेज को रिकवर कर सबूत जुटाने की कोशिश करेगी। हत्या से पहले अभिजीत ने कई लोगों से फोन पर बातचीत और मैसेज भी किए थे। ऐसे में कॉल डिटेल और मोबाइल डेटा की जांच से हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।