
बिहार स्टेट एजुकेशनल कॉन्क्लेव में बक्सर के रोहित दुबे ने युवाओं को दिया करियर मंत्र, शिक्षा और भविष्य को लेकर रखे विचार
बक्सरन। बिहार स्टेट एजुकेशनल कॉन्क्लेव में बक्सर निवासी लेखक, मार्शल आर्टिस्ट एवं कॉरपोरेट प्रोफेशनल रोहित दुबे ने युवाओं के शिक्षा और करियर को लेकर अपने विचार साझा किए। स्वर्गीय डॉ. बैजनाथ दुबे के पुत्र रोहित दुबे ने कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा के साथ मंच साझा किया।
अपने संबोधन में रोहित दुबे ने युवाओं से करियर को लेकर सजग और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने से पहले यह समझना जरूरी है कि जिसे हम अपना पैशन मान रहे हैं, वह वास्तव में पैशन है या महज फैंटेसी। दोनों के बीच अंतर किए बिना लिया गया करियर निर्णय भविष्य में चुनौती बन सकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल डिग्री और अंकों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। कौशल विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और करियर की बेहतर तैयारी भी युवाओं के भविष्य के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है। बदलते दौर में युवाओं को अपनी रुचि, क्षमता और अवसरों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
रोहित दुबे ‘Letter To My Son’ और ‘30 Lessons Not Taught in School’ के लेखक हैं। कॉन्क्लेव में उनके विचारों को युवाओं और शिक्षा से जुड़े प्रतिभागियों के लिए उपयोगी बताया गया।
Buxar, Buxar | Oct 1, 2026