
#श्रीगंगानगर_निकाय_चुनाव
जिला प्रमुख की कुर्सी पर बैठेगी महिला, जानें किस नगर पालिका में कौन लड़ सकेगा चुनाव?
संगरिया की आवाज़।
श्रीगंगानगर जिला प्रमुख पद की कमान इस बार महिला संभालेगी। जयपुर में गुरुवार को निकाली गई आरक्षण लॉटरी में यह पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित हुआ। पंचायतीराज संस्थाओं में आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद सबसे पहले सरिता बिश्नोई जिला प्रमुख बनी थीं। उनके बाद शांति देवी पूनिया, प्रियंका श्योराण और कविता रैगर इस पद पर रह चुकी हैं।
#नगर_परिषद सभापति पद ओपन फॉर ऑल
नगर परिषद श्रीगंगानगर के सभापति पद को अनारक्षित रखा गया है। यानी सभापति पद पर किसी भी वर्ग का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है। इससे शहर में राजनीतिक गतिविधियां और दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। सभापति पद को लेकर भाजपा व कांग्रेस में कड़ा मुकाबला रहने की संभावना है।
#लॉटरी से तय निकाय अध्यक्षों का आरक्षण, 10 नगर पालिकाओं की तस्वीर साफ
#निकाय चुनाव से पहले गुरुवार को जयपुर में हुई आरक्षण लॉटरी ने श्रीगंगानगर जिले की नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद के दावेदारों की तस्वीर साफ कर दी है। जिले की 10 नगर पालिकाओं में तीन अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला, एक ओबीसी महिला तथा पांच पद सामान्य (ओपन फॉर ऑल) श्रेणी में आए हैं। #घड़साना नगर पालिका का अध्यक्ष पद एससी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। आरक्षण से सामान्य श्रेणी वाले निकायों में दावेदारों का दायरा बढ़ गया है।
कहीं महिला तो कहीं ओबीसी महिला
आरक्षण लॉटरी में अनूपगढ़, सादुलशहर और सूरतगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला की श्रेणी में रहेंगे। वहीं, केसरीसिंहपुर में अध्यक्ष पद ओबीसी महिला के और घड़साना में अध्यक्ष पद एससी महिला के लिए आरक्षित हुआ है।
इन चार निकायों में पुरुषों की अध्यक्ष पद की दावेदारी पर विराम लग गया है। इसके अलावा गजसिंहपुर, पदमपुर, रायसिंहनगर, श्रीकरणपुर और श्रीविजयनगर में अध्यक्ष पद सामान्य (ओपन फॉर ऑल) श्रेणी में रखा गया है। इन निकायों में किसी भी वर्ग का उम्मीदवार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ सकेगा।
#अब_वार्ड_आरक्षण_पर_नजर
अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय होने के बाद अब स्थानीय राजनीतिक दलों और दावेदारों की नजर वार्ड आरक्षण पर है। वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही संभावित प्रत्याशियों का चुनावी गणित और स्पष्ट होगा। जिले के सामान्य श्रेणी वाले निकायों में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की संख्या बढ़ने के आसार हैं, जबकि महिला और ओबीसी महिला आरक्षण वाले निकायों में संबंधित वर्ग के नेताओं ने अपने परिवार की महिला दावेदारों को आगे करने की कवायद शुरू कर दी है। नगर निकायों के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी 17 अगस्त को निकाली जाएगी।
संगरिया की आवाज़