
(1) पंचायती राज चुनाव 2026
जिले की पंचायत समितियों में कुल मतदाताओं की संख्या 13.79 लाख से अधिक
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उदयपुर, 3 अक्टूबर। जिले की 20 पंचायत समितियों में 3 अक्टूबर तक कुल 13,79,990 मतदाता पंजीकृत हैं। इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 7,04,393, महिला मतदाताओं की संख्या 6,75,592 तथा थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 5 है। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल के अनुसार 20 पंचायत समितियों में कुल ग्राम पंचायतें 590 हैं जिनमें पंचायत समिति वार्ड 318, कुल साधारण वार्ड 4,948 और कुल मतदान केंद्र 1,593 हैं।
भींडर: भींडर मतदाताओं के लिहाज से जिले की सबसे बड़ी पंचायत समिति है। यहाँ कुल 32 ग्राम पंचायतें, 19 पीएस वार्ड और 308 साधारण वार्ड हैं। इस क्षेत्र में 100 मतदान केंद्रों पर कुल 97,764 मतदाता (49,382 पुरुष और 48,382 महिला) पंजीकृत हैं।
मावली: यहाँ 29 ग्राम पंचायतें, 17 पीएस वार्ड, 285 वार्ड और 95 मतदान केंद्र हैं। कुल मतदाता संख्या 94,535 (47,557 पुरुष और 46,978 महिला) है।
गोगुंदा: सबसे अधिक 39 ग्राम पंचायतों वाली इस पंचायत समिति में 19 पीएस वार्ड, 325 वार्ड और 109 मतदान केंद्र हैं। यहाँ कुल 86,382 मतदाता पंजीकृत हैं।
वल्लभनगर: यहाँ 28 ग्राम पंचायतें, 17 पीएस वार्ड, 270 वार्ड और 104 मतदान केंद्र हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 86,118 है।
घासा: यहाँ 26 ग्राम पंचायतें, 17 पीएस वार्ड, 260 वार्ड और 85 मतदान केंद्र हैं। यहाँ कुल 85,025 मतदाता पंजीकृत हैं।
खैरवाड़ा: इस क्षेत्र में 36 ग्राम पंचायतें, 17 पीएस वार्ड, 310 वार्ड और 102 मतदान केंद्रों के साथ कुल 84,959 मतदाता दर्ज हैं।
बड़गांव: बड़गांव में 30 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 258 वार्ड और 76 मतदान केंद्र हैं। यहाँ कुल मतदाताओं की संख्या 76,522 है।
सायरा: यहाँ 35 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 279 वार्ड और 94 मतदान केंद्र हैं। कुल मतदाता 75,990 (2 थर्ड जेंडर सहित) हैं।
फलासिया: इस पंचायत समिति में 35 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 277 वार्ड और 94 मतदान केंद्र हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 72,935 है।
झाडोल: यहाँ 34 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 268 वार्ड और 91 मतदान केंद्रों के साथ कुल 71,380 मतदाता पंजीकृत हैं।
कुराबड़: यहाँ 29 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 227 वार्ड और 77 मतदान केंद्र हैं। यहाँ कुल 70,383 मतदाता (1 थर्ड जेंडर सहित) हैं।
नयागांव: इस क्षेत्र में 31 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 259 वार्ड और 84 मतदान केंद्रों के साथ कुल 70,227 मतदाता दर्ज हैं।
कोटड़ा: यहाँ 36 ग्राम पंचायतें, 17 पीएस वार्ड, 292 वार्ड और 82 मतदान केंद्र हैं। यहाँ कुल मतदाताओं की संख्या 69,089 है।
ऋषभदेव: यहाँ 30 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 252 वार्ड और 76 मतदान केंद्र हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 67,202 है।
गीरवा: इस पंचायत समिति में 27 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 229 वार्ड और 68 मतदान केंद्र हैं। यहाँ कुल 65,433 मतदाता पंजीकृत हैं।
नाई: यहाँ 20 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 166 वार्ड और 55 मतदान केंद्रों के साथ कुल 47,188 मतदाता पंजीकृत हैं।
देवला: देवला में 26 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 188 वार्ड और 53 मतदान केंद्र हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 44,204 है।
ओगणा: यहाँ 24 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 176 वार्ड और 57 मतदान केंद्र हैं। यहाँ कुल 41,906 मतदाता (1 थर्ड जेंडर सहित) हैं।
सुलाव: यहाँ 23 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 173 वार्ड और 44 मतदान केंद्र हैं। कुल पंजीकृत मतदाता 37,136 (1 थर्ड जेंडर सहित) हैं।
कल्याणपुर: कल्याणपुर मतदाताओं की दृष्टि से सबसे छोटी पंचायत समिति है। यहाँ 20 ग्राम पंचायतें, 15 पीएस वार्ड, 146 वार्ड और 47 मतदान केंद्र हैं, जहाँ कुल मतदाताओं की संख्या 35,612 है।
(2) पंचायत चुनाव 2026
जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू
उदयपुर, 03 अक्टूबर। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही उदयपुर जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम लागू कर दिए गए हैं।
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री गौरव अग्रवाल ने एक आदेश जारी कर पूरे उदयपुर जिले की विभिन्न पंचायत समितियों गिर्वा, कुराबड, नाई, बड़गांव, गोगुन्दा, सायरा, झाडोल, फलासिया, ओगणा, खेरवाड़ा, नयागांव, ऋषभदेव, कल्याणपुर, वल्लभनगर, भींडर, मावली, घासा, कोटडा, देवला, सुलाव आदि की राजस्व सीमाओं के भीतर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (धारा 144 के समान) लागू कर दी है।
यह आदेश से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हथियार और विस्फोटक पर रोकरू कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का आग्नेयास्त्र (जैसे पिस्तौल, बंदूक आदि) या धारदार हथियार (जैसे तलवार, फरसा, लाठी, गुप्त, गंडासा) लेकर नहीं घूमेगा। यह नियम ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाबलों और धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने वाले सिख समुदाय पर लागू नहीं होगा।
सभा और रैलियों पर प्रतिबंधः सक्षम अधिकारी (संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट) की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति राजनीतिक उद्देश्य के लिए जुलूस, सभा या रैली का आयोजन नहीं करेगा।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रणः बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर या ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग नहीं किया जाएगा। अनुमति मिलने पर भी इनका उपयोग केवल सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही किया जा सकेगा।
भड़काऊ भाषण और सामग्री पर रोकः कोई भी व्यक्ति सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले भड़काऊ नारे नहीं लगाएगा और न ही ऐसा कोई भाषण या चुनाव सामग्री (पम्फलेट, पोस्टर) छपवाएगा या वितरित करेगा।
सोशल मीडिया पर निगरानीः फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर (ग्), इंस्टाग्राम और यूट्यूब आदि के माध्यम से किसी भी तरह का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या भ्रामक प्रचार फैलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसानः सार्वजनिक या राजकीय संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का नारा लेखन, पोस्टर या होर्डिंग लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
मदिरा सेवन और बिक्री पर पाबंदीः सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही श्सूखा दिवसश् घोषित होने पर मदिरा की बिक्री पर पूर्ण रोक रहेगी।
धार्मिक स्थानों का राजनीतिक उपयोग नहींः मंदिरों, मस्जिदों, गिरिजाघरों, गुरुद्वारों या किसी भी पूजा स्थल का उपयोग चुनावी प्रचार या राजनीतिक मंच के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों की अवहेलना या उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी नागरिकों से आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
पंचायती राज चुनाव 2026 के मद्देनजर शस्त्र जमा कराने के आदेश जारी
उदयपुर, 03 अक्टूबर। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल ने पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए जिले की विभिन्न पंचायत समितियों के क्षेत्रों में रहने वाले सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों को अपने हथियार तुरंत जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इन पंचायत समितियों में लागू होगा आदेश
यह आदेश उदयपुर जिले की गिर्वा, कुराबड़, नाई, बड़गांव, गोगुंदा, सायरा, झाड़ोल, फलासिया, ओगणा, खेरवाड़ा, नयागांव, ऋषभदेव, कल्याणपुर, वल्लभनगर, भींडर, मावली, घासा, कोटड़ा, देवला और सुलाव पंचायत समिति क्षेत्रों में रहने वाले सभी शस्त्र धारकों पर प्रभावी होगा।
हथियार जमा कराने की प्रक्रिया
संबंधित क्षेत्रों के सभी शस्त्र धारकों को अपने हथियार तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन के भारसाधक अधिकारी के पास जमा कराने होंगे। जमा किए गए शस्त्र चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यानी चुनाव परिणाम घोषित होने के 01 सप्ताह पश्चात संबंधित पुलिस थाने से वापस प्राप्त किए जा सकेंगे।
यदि कोई अनुज्ञापत्रधारी (लाइसेंस धारक) अपने आत्मरक्षा या किसी अन्य ठोस कारण से हथियार अपने पास रखना चाहता है, तो उसे संबंधित थानाधिकारी को प्रार्थना पत्र देना होगा। यह आवेदन जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष भेजा जाएगा, जो गुण-दोष के आधार पर इस पर निर्णय लेगी।
इन लोगों को मिलेगी छूट
बैंक सुरक्षाकर्मी, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), अर्द्धसैनिक बल, सैनिक बल, सशस्त्र पुलिस, सिविल डिफेंस और होमगार्ड्स आदि को छूट रहेगी। ऐसे राज्य एवं केंद्रीय अधिकारी या कर्मचारी जिन्हें कानून-व्यवस्था के तहत ड्यूटी पर हथियार रखने के लिए अधिकृत किया गया है उन्हें भी हथियार नहीं जमा कराने होंगे।
जो लोग लंबे समय से राजस्थान से बाहर रह रहे हैं और चुनाव के दौरान राजस्थान आने की संभावना नहीं है, मंदिर, कंपनी, बैंक और ज्वेलरी शॉप आदि की सुरक्षा में लगे गार्ड, विभिन्न राइफल एसोसिएशन के सदस्य और स्पोर्ट्स पर्सन, जो राइफल एसोसिएशन के मेंबर होकर प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं, उन्हें भी छूट रहेगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि उक्त आदेश की पालना न करने वाले शस्त्र धारकों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट, 1959 एवं आयुध नियम 2016 के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं शस्त्र धारक की होगी।
(3) पंचायतीराज चुनाव 2026
जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी गठित
उदयपुर, 3 अक्टूबर। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, आगामी पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया गया है।
इस कमेटी में निम्नलिखित अधिकारियों को शामिल किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट इस समिति के अध्यक्ष होंगे वहीं जिला पुलिस अधीक्षक सदस्य सचिव होंगे। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) और उप विधि परामर्शी, जिला कलेक्ट्रेट, उदयपुर को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी चुनावों के दौरान जिले में शांति व्यवस्था और नियमों का पालन सुनिश्चित करेगी।
(4) पंचायती राज चुनाव-2026
आदर्श आचार संहिता के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित
उदयपुर, 3 अक्टूबर। राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता की पालना को कड़ाई से सुनिश्चित करने के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर दी गई है।
आदर्श आचार संहिता प्रकोष्ठ के सहायक प्रभारी अनिल पहाड़िया ने बताया कि आचार संहिता के उल्लंघन या इससे संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए नागरिक जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0294-2420028 और ई-मेल आईडी mcc1udaipur@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।
Girwa, Udaipur | Oct 3, 2026