
**प्रसव पीड़िता के पास नहीं थे खाने-किराए के पैसे, 108 एम्बुलेंस स्टाफ ने ₹500 की मदद देकर पहुँचाया अस्पताल**
**नाथद्वारा
108 एम्बुलेंस कर्मचारियों ने एक बार फिर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक आर्थिक रूप से असहाय महिला को न केवल समय पर अस्पताल पहुँचाया, बल्कि अपनी जेब से आर्थिक सहायता देकर उसकी उदयपुर जाने की हिचकिचाहट को भी दूर किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गावगुड़ा (नाथद्वारा) निवासी सीता (37 वर्ष, पत्नी किशन) को गंभीर प्रसव पीड़ा होने पर नाथद्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय (MBGH) के लिए रेफर कर दिया।
हालांकि, गरीबी और आर्थिक तंगी के कारण मरीज और उनके परिजन उदयपुर जाने से साफ मना करने लगे। उन्होंने 108 एम्बुलेंस स्टाफ से हाथ जोड़कर वापस घर छोड़ने का अनुरोध किया। अस्पताल प्रशासन और एम्बुलेंस कर्मचारियों द्वारा काफी समझाने के बाद परिजन मरीज को उदयपुर ले जाने के लिए तैयार हुए।
सफर के दौरान जब 108 एम्बुलेंस के **ईएमटी (EMT) मनोज खोटिया** और **पायलट गौतम जीनगर** ने उनसे उदयपुर न जाने का कारण पूछा, तो परिजनों का दर्द छलका। उन्होंने बताया कि उनके पास न तो खाने-पीने के लिए पैसे हैं और न ही इलाज के बाद वापस घर लौटने का किराया।
परिस्थिति की संवेदनशीलता को समझते हुए एम्बुलेंस स्टाफ ने तुरंत अपनी तरफ से **₹500 की नकद सहायता** प्रदान की और उन्हें भरोसा दिलाया कि किसी भी जरूरत पर वे बेझिझक संपर्क कर सकते हैं। इसके बाद महिला को सुरक्षित उदयपुर के MBGH अस्पताल में भर्ती कराया गया। एम्बुलेंस कर्मचारियों के इस मानवीय कदम की सर्वत्र सराहना हो रही है।