
हिमाचल में कूड़ा फैलाया तो खैर नहीं! नियम तोड़े तो कट सकता है पानी-बिजली कनेक्शन
शिमला, 27 सितंबर 2026: हिमाचल प्रदेश में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। Solid Waste Management Rules, 2026 के तहत कचरे को घर और प्रतिष्ठान से ही अलग-अलग करना अनिवार्य किया गया है। ये नियम शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ दुकानों, संस्थानों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर भी लागू हैं।
चार श्रेणियों में अलग करना होगा कचरा
कचरे को मुख्य रूप से गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट और स्पेशल केयर वेस्ट में अलग करना होगा। खुले में कूड़ा फेंकने, जलाने, जमीन में दबाने या नालियों और जलस्रोतों में डालने पर रोक है।
नियम तोड़े तो पानी-बिजली पर कार्रवाई
खास तौर पर Bulk Waste Generators यानी बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान की जा रही है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यदि ऐसे बड़े कचरा उत्पादक कचरे का पृथक्करण और उचित प्रबंधन नहीं करते हैं, तो अस्थायी रूप से बिजली और पानी की आपूर्ति काटने की कार्रवाई की जा सकती है।
हिमाचल के कुछ नगर निकायों के 2026 के उपनियमों में भी नियमों के उल्लंघन पर पानी, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं के कनेक्शन काटने का प्रावधान दर्ज है।
गांव भी नियमों के दायरे में
ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों को घर-घर कचरा संग्रह, स्रोत पर कचरा पृथक्करण और उचित निस्तारण सुनिश्चित करने में भूमिका निभानी होगी। लोगों से गीला और सूखा कचरा अलग रखने तथा जहां संभव हो जैविक कचरे से होम कम्पोस्टिंग करने की अपील की गई है।
यानी अब कूड़ा खुले में फेंकना या जलाना भारी पड़ सकता है—कचरा अलग करें और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही सौंपें।
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Kullu, Kullu | Sep 27, 2026