
*नोटिस देकर भूल गया स्वास्थ्य विभाग, एक भी मरीज नहीं हुआ शिफ्ट, उल्टा डॉक्टर धड़ाधड़ देख रहे मरीज, कलेक्टर-एसपी की रेड के बाद भी आयुष्मान अस्पताल में कामकाज जस का तस*
*CMHO ने कहा तीन दिन में मांगा था जवाब, सोमवार को फिर करेंगे जांच, कार्रवाई का कोई असर नहीं दिखा, मैनेज होने का हल्ला, स्वास्थ्य विभाग दोबारा देखने भी नहीं गया*
रीवा। कलेक्टर और एसपी ने समान थाना क्षेत्र के आयुष्मान अस्पताल में रेड मारी थी। रेड के दौरान कई कमियां मिली थीं। इसके बाद CMHO ने आयुष्मान अस्पताल को बंद करने के आदेश दिए थे। सभी मरीजों को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने और नए मरीजों को एडमिट न करने के लिए कहा गया था। साथ ही 8 बिंदुओं पर जवाब भी मांगा गया था।
*तीन दिन से कामकाज जस का तस*
इस नोटिस का हालांकि कोई असर नहीं दिखा। तीन दिन से अस्पताल में कामकाज जस का तस चलता रहा। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पलट कर नहीं देखा। अब सोमवार को जवाब नहीं आने पर फिर कार्रवाई की बात कही जा रही है। रेड में अस्पताल में भर्ती मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं भेजने की बात सामने आई थी। साथ ही डॉ केडी सिंह बिना किसी सक्षम अधिकारी के अस्पताल में काम करते पकड़े गए थे। अस्पताल में पदस्थ रहने के बाद भी वह आयुष्मान में काम करते नजर आए। इसके अलावा बेड संख्या के हिसाब से मौके पर पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ नहीं मिले। बीएमएस डॉक्टरों से काम लिया जा रहा था। पैरामेडिकल स्टाफ बदला गया लेकिन इसकी जानकारी नहीं दी गई। सबसे बड़ा आरोप डॉ केडी सिंह पर अनैतिक और असामाजिक कार्यों में लिप्त होने का भी लगा है।
*कार्रवाई का कोई असर नहीं दिखा, मैनेज होने का हल्ला*
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने रेड मारकर अस्पताल के संचालन पर रोक लगा दी थी, इसके बाद भी पहले की ही तरह डॉ केडी सिंह मरीज देखते रहे। अस्पताल का संचालन यूं ही चलता रहा। यहां तक बात सामने आई कि सब मैनेज हो गया है, कुछ नहीं होगा। ढइल्ले से काम चल रहा है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का कोई असर नहीं दिखा। अब सच क्या है यह आने वाले एक दो दिन में पता चल जाएगा। हालांकि आदेश जारी कर दोबारा स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पताल की स्थिति देखने की जहमत नहीं उठाई। मरीज शिफ्ट हुए या नहीं, यह भी नहीं देखा गया।
*CMHO का कहना*
हमारी तरफ से मामला कोई भी मैनेज नहीं हुआ है। तीन दिन में जवाब मांगा गया था। रविवार को अवकाश रहता है। सोमवार को यदि जवाब नहीं आएगा तो उचित कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल का निरीक्षण भी किया जाएगा।
*- सुधाकर पाण्डेय, CMHO, रीवा*
Mauganj, Rewa | Sep 28, 2026