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15 अगस्त पर सम्मान नहीं लेगा महान क्रांतिकारी जयदेव कपूर का परिवार, पोते ने जताई नाराजगी . #हरदोई। स्वतंत्रता दिवस से पहले महान क्रांतिकारी एवं शहीद-ए-आजम भगत सिंह के साथी जयदेव कपूर के परिवार ने सम्मान समारोहों से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। क्रांतिकारी जयदेव कपूर के पोते मयूर कपूर ने कहा कि 15 अगस्त और 26 जनवरी को केवल औपचारिक रूप से शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके योगदान और सम्मान के लिए निरंतर प्रयास होना चाहिए। मयूर कपूर का कहना है कि महान क्रांतिकारी जयदेव कपूर ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे भगत सिंह के साथ असेंबली बम कांड में जुड़े रहे और अंग्रेजी शासन के दौरान अंडमान की सेल्युलर जेल (काला पानी) में लंबी सजा और यातनाएं झेलीं। परिवार के अनुसार, हरदोई के कंपनी गार्डन, जिसे आज शहीद उद्यान के रूप में जाना जाता है, के विकास और वहां भगत सिंह एवं चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाओं की स्थापना में भी जयदेव कपूर की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इसके बावजूद उनके नाम और स्मृति को उचित स्थान नहीं मिल सका। मयूर कपूर ने बताया कि करीब 30 वर्षों से जयदेव कपूर की प्रतिमा को शहीद उद्यान में स्थापित किए जाने का इंतजार है। पिछले पांच वर्षों से प्रतिमा उनके घर पर रखी हुई है। परिवार का कहना है कि जिस सम्मान के जयदेव कपूर हकदार थे, वह उन्हें आज तक नहीं मिल पाया। इसी नाराजगी के चलते मयूर कपूर ने निर्णय लिया है कि 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उनका परिवार किसी भी प्रकार का सम्मान स्वीकार नहीं करेगा। परिवार ने सवाल उठाया कि यदि देश के महान क्रांतिकारियों को उनकी जयंती, पुण्यतिथि और राष्ट्रीय पर्वों पर याद किया जाता है, तो उनकी स्मृतियों और प्रतिमाओं को उचित स्थान देने में इतनी लंबी प्रतीक्षा क्यों हो रही है? “शहीदों और क्रांतिकारियों को सिर्फ 15 अगस्त और 26 जनवरी को याद करना पर्याप्त नहीं, उनका सम्मान और उनकी विरासत पूरे वर्ष जीवित रहनी चाहिए।” #TheTelecast - Hardoi News