
दिल्ली में दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक, संवैधानिक अधिकारों को लेकर साझा मंच की जरूरत पर जोर
नई दिल्ली, 29 सितंबर 2026
नई दिल्ली स्थित मावलंकर हॉल, संविधान क्लब ऑफ इंडिया में मंगलवार को दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं आदिवासी समुदायों से जुड़े सांसदों, विधायकों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक का आयोजन एससी/एसटी एवं आदिवासी संगठनों के संयुक्त मंच द्वारा किया गया। आयोजन में एसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, भूरिया जी तथा राजू सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका रही।
बैठक में हल्द्वानी शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर शीघ्र और कड़ी कार्रवाई की मांग को दोहराया गया। वक्ताओं ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए सामूहिक एवं संवैधानिक मंच को मजबूत किया जाना आवश्यक है।
1992 की बैठक को किया याद
बैठक में मुकुल वासनिक ने वर्ष 1992 की उस बैठक का उल्लेख किया, जब इसी स्थान पर विभिन्न राजनीतिक दलों के पक्ष और विपक्ष से जुड़े सांसद एकत्र हुए थे। उन्होंने बताया कि उस समय सांसदों के साझा मंच के माध्यम से बहुजन समाज से जुड़े संवैधानिक मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष रखने का प्रयास किया गया था।
उन्होंने कहा कि उस दौर में रामविलास पासवान, शरद यादव, सुशील शिंदे और अन्य नेताओं सहित कई सांसद इस पहल से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि उस समय प्रमुख एजेंडों में देश का पहला दलित राष्ट्रपति बनाने की मांग भी शामिल थी। इसकी शुरुआत उपराष्ट्रपति पद से हुई और बाद में सांसदों के मंच की भूमिका के बीच के. आर. नारायणन देश के पहले दलित राष्ट्रपति बने।
मुकुल वासनिक ने कहा कि वर्ष 2015 के बाद सांसदों का वह मंच समाप्त हो गया। अब इंडिया गठबंधन की ओर से फिर से ऐसा मंच बनाने की पहल की जा रही है, जिसके माध्यम से बहुजन समाज के हितों और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों को संयुक्त रूप से उठाया जा सके।
देशभर से जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
बैठक में कुमारी शैलजा, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखदेव भगत, कर्मवीर बौद्ध सहित दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और उत्तर भारत से कई सांसद एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में दो राज्यों के उपमुख्यमंत्रियों की भागीदारी का भी उल्लेख किया गया।
हिमाचल से भी प्रतिनिधित्व
हिमाचल प्रदेश से प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा, पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, अमित भरमौरी, चंबा से शिवकरण चंद्रा तथा मंडी से चमन राही सहित अन्य प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।
बैठक में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सामूहिक रूप से आवाज उठाने तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित प्रयासों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
प्रेषक:
शिवकरण चंद्रा
वरिष्ठ उपाध्यक्ष, डीसीसी-एसी विभाग, चंबा
Chamba, Chamba | Sep 30, 2026