
बेगूसराय: बरौनी थाने की दोनों गश्ती गाड़ियाँ खराब, प्राइवेट गाड़ियों के भरोसे इलाके की सुरक्षा
संवाददाता मुकेश कुमार बीहट
एक तरफ जहाँ पुलिस प्रशासन अपराध पर लगाम लगाने और मुस्तैदी के लंबे-चौड़े दावे करता है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर बरौनी थाना संसाधनों की भारी किल्लत से जूझ रहा है। बरौनी थाने की सुरक्षा व्यवस्था और गश्ती इन दिनों भगवान भरोसे चल रही है। पिछले तीन दिनों से थाने की दोनों आधिकारिक गश्ती गाड़ियाँ पूरी तरह खराब पड़ी हैं, जिसके कारण पुलिसकर्मियों को गश्त लगाने के लिए प्राइवेट गाड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
3 दिनों से ठप हैं सरकारी वाहन
मिली जानकारी के अनुसार, बरौनी थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए के लिए तैनात दोनों ↓सरकारी गश्ती वाहन 3 दिनों से तकनीकीखराबी के कारण बेकार पड़े हैं। थाने में वाहनों की मरम्मत या उनके विकल्प की व्यवस्था न होने के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। क्षेत्र बड़ा होने और लगातार गश्ती की जरूरत को देखते हुए थाना पुलिस मजबूरी में किराए या प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल कर रही है।
112 नंबर और प्राइवेट गाड़ी के भरोसे गश्ती फिलहाल बरौनी थाना क्षेत्र में सुरक्षा और गश्त का पूरा ढांचा महज़ एक 'डायल 112' आपातकालीन वाहन और एक प्राइवेट गाड़ी के सिर टिका हुआ है। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने वाली 112 गाड़ी की अपनी सीमाएं हैं, ऐसे में रूटीन गश्ती के लिए प्राइवेट वाहन का इस्तेमाल करना पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्राइवेट गाड़ियों से गश्ती करने पर पुलिस आपात स्थिति में पूरी दक्षता से काम कर पाएगी?स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने संवेदनशील इलाके में पुलिस वाहनों का इस तरह खराब पड़ा रहना सुरक्षा के दृष्टिकोण से बड़ा खतरा बन सकता है। अब देखना यह होगा कि वरीय पुलिस अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर बरौनी थाने को नई या दुरुस्त गाड़ियाँ कब तक उपलब्ध कराते हैं