हाईकोर्ट के आदेश से जुड़ी पत्रावली गायब, तत्कालीन ईओ केके सोनकर पर एक और FIR
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#हरदोई। शाहाबाद नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (ईओ) केके सोनकर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रिश्वत के मामले में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अब हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन से जुड़ी आउटसोर्सिंग की महत्वपूर्ण पत्रावली गायब होने के मामले में उनके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।
नगर पालिका परिषद शाहाबाद के वर्तमान ईओ सर्वेश कुमार ने कोतवाली शाहाबाद में तहरीर देकर बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल रिट संख्या 1638/2026 में पारित आदेश के अनुपालन के लिए आउटसोर्सिंग से संबंधित पत्रावली की आवश्यकता थी। कार्यालय में तलाश करने पर पत्रावली नहीं मिली। अधिष्ठान लिपिक ने बताया कि संबंधित पत्रावली तत्कालीन ईओ केके सोनकर को दी गई थी, हालांकि इसे सौंपे जाने की कोई रिसीविंग कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
मामले में पुलिस ने केके सोनकर और अधिष्ठान लिपिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक दृगपाल सिंह गौर को सौंपी गई है। पुलिस पत्रावली के गायब होने की परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच कर रही है।
गौरतलब है कि केके सोनकर को इससे पहले 15 जून 2026 को लखनऊ से आई विजिलेंस टीम ने दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि नगर पालिका के बिजली ठेकेदार से लंबित भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। अब हाईकोर्ट के आदेश से जुड़ी महत्वपूर्ण पत्रावली गायब होने के मामले में नई एफआईआर दर्ज होने के बाद सोनकर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि पत्रावली कहां गई और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी थी।
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