
मिठाई कितनी पुरानी? अब दुकानदार को बतानी होगी ‘यूज बाई डेट’!
15 अक्टूबर से यूपी में खुली-भरी सभी मिठाइयों पर उपयोग की अंतिम तिथि दिखाना अनिवार्य, उरई-जालौन-कदौरा में खाद्य विभाग की छापेमारी में 5 नमूने लिए गए ।
मिठाई की चमक देखकर खरीदेंगे या उसकी तारीख देखकर?
दुकान की सजी ट्रे बताएगी स्वाद, लेकिन मिठाई कितनी पुरानी है—यह कौन बताएगा?
अब इस सवाल का जवाब दुकानदारों को देना होगा।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश ने 15 अक्टूबर 2026 से प्रदेश में विक्रय के लिए प्रदर्शित एवं भंडारित सभी प्रकार की मिठाइयों पर यूज बाई डेट यानी उपयोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है।
विभाग के मुताबिक अब उपभोक्ता को मिठाई खरीदते समय उसकी उपयोग अवधि की जानकारी मिल सकेगी।
विभागीय विज्ञप्ति के अनुसार मिठाइयों की उपयोग अवधि उनकी प्रकृति के आधार पर एक दिन से लेकर 30 दिन तक हो सकती है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अब तक खुली मिठाइयों की ताजगी और उपयोग अवधि की जानकारी उपभोक्ता को किस आधार पर मिलती थी?
क्या सिर्फ दुकान की सजी हुई ट्रे देखकर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता तय की जा सकती है?
इसी क्रम में 29 सितंबर को जालौन जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई की।
नगर मजिस्ट्रेट उरई के नेतृत्व में कोंच बस स्टैंड स्थित कन्हैया स्वीट्स हाउस से बूंदी के लड्डू का नमूना लिया गया।
वहीं कुशवाहा स्वीट हाउस के निरीक्षण के दौरान करीब 15 किलोग्राम एल्युमिनियम वर्क लगी बर्फी नष्ट कराई गई।
जालौन तहसील में मोहल्ला चौधरयाना स्थित श्री शंकर मिष्ठान भंडार से खोया का नमूना लिया गया। प्रतिष्ठान में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सुधार सूचना जारी करने की संस्तुति की गई।
गिरिराज जी मिष्ठान भंडार और श्री कृष्णा स्वीट्स का भी निरीक्षण किया गया, जहां साफ-सफाई को लेकर सुधार सूचना जारी करने की संस्तुति बताई गई।
कोंच रोड जालौन पर ई-रिक्शा लोडर से ले जाए जा रहे मिश्रित दूध का भी नमूना लिया गया। वहीं कदौरा के हरचंदपुर रोड स्थित श्री राधा स्वीट हाउस से पनीर तथा बीएमसी सेंटर कदौरा से दूध का नमूना जांच के लिए संग्रहित किया गया।
कुल पांच नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल सीधे दुकानदारों से
क्या मिठाई की ट्रे पर तारीख देखकर ही ग्राहक खरीद पाएगा?
क्या पुरानी मिठाई को नई बनाकर बेचने की गुंजाइश पर पूरी तरह रोक लगेगी?
क्या यूज बाई डेट सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या बाजार में भी इसकी नियमित जांच होगी?
और सबसे बड़ा सवाल—15 अक्टूबर के बाद जिस दुकान पर मिठाई बिना उपयोग की अंतिम तिथि के मिलेगी, उस पर खाद्य विभाग कितनी सख्ती दिखाएगा?
उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़े इन सवालों का जवाब अब विभागीय निरीक्षण और कार्रवाई से सामने आना बाकी है।
डा. सी.आर. प्रजापति, सहायक आयुक्त (खाद्य) के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देश पर मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों के विरुद्ध अभियान जारी है। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय सहित खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश प्रसाद, कन्हैया लाल यादव और सुनील कुमार शामिल रहे।
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Kalpi, Jalaun | Sep 30, 2026