
पत्नी पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश करने वाले पति को 10 साल का कठोर कारावास
₹40 हजार का जुर्माना, अजमेर पुलिस की प्रभावी पैरवी और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान से 15 माह में आया फैसला
अजमेर/बोराड़ा। बोराड़ा थाना क्षेत्र में पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगाने के मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या-01, केकड़ी ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹40 हजार के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह फैसला 23 सितंबर 2026 को सुनाया। पुलिस के अनुसार, प्रभावी अनुसंधान और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते घटना के करीब 15 माह में मामले का फैसला आया।
खाना बनाते समय पत्नी पर उड़ेल दिया पेट्रोल
मामला 27 जून 2025 की शाम का है। बोराड़ा थाना क्षेत्र निवासी प्रियंका घर में चूल्हे पर खाना बना रही थी। इसी दौरान उसका पति घनश्याम वहां पहुंचा और कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग की चपेट में आने से प्रियंका गंभीर रूप से झुलस गई।
घटना के अगले दिन, 28 जून 2025 को पीड़िता के पिता ने बोराड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवादी ने पुलिस को बताया कि आरोपी घनश्याम आए दिन उसकी बेटी के साथ मारपीट करता था और उसे प्रताड़ित करता रहता था।
घटना के बाद आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक घटना की सूचना मिलने के बाद आरोपी घनश्याम को 27 जून 2025 को ही हिरासत में ले लिया गया था। मामले की जांच के दौरान पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करवाए गए। साथ ही एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर घटनास्थल का तकनीकी निरीक्षण करवाया गया और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए।
पुलिस अधीक्षक अजमेर हर्ष वर्धन अग्रवाला (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजमेर ग्रामीण डॉ. लालचंद कायल (RPS) तथा वृताधिकारी किशनगढ़ ग्रामीण आयुष वशिष्ठ (RPS) के सुपरविजन में बोराड़ा थानाधिकारी उप निरीक्षक जगदीश प्रसाद के नेतृत्व में मामले की जांच की गई।
कई बार जमानत की कोशिश, लेकिन नहीं मिली राहत
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 85, 115(2), 109(1), 118(2) और 351(3) के तहत न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। आरोपी की ओर से ट्रायल कोर्ट से लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर तक कई बार जमानत याचिकाएं पेश की गईं, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी के बाद से ही न्यायिक अभिरक्षा में रहा।
अभियोजन पक्ष की ओर से समय पर गवाहों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और मामले में ठोस गवाही करवाई गई। पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन की पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
23 सितंबर को सुनाई सजा
अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या-01, केकड़ी ने 23 सितंबर 2026 को आरोपी घनश्याम रेदास पुत्र सकराम रेदास, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम गोठियाना, थाना बोराड़ा, जिला अजमेर को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹40 हजार के जुर्माने से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रभावी अभियोजन पैरवी के चलते मामले में महज 15 माह के भीतर न्यायालय से फैसला कराया जा सका।
Ajmer Police Rajasthan
Ajmer, Ajmer | Sep 26, 2026