
पेंशनर्स की मांगों की अनदेखी पर भिवानी में भडक़ा रोष, 24 घंटे के महापड़ाव में सरकार के खिलाफ जमकर उठी आवाज
सेवानिवृत्ति के बाद रिटायर्ड कर्मचारियों की मांगों को लेकर लगातार अपनाया जा रहा उपेक्षापूर्ण रवैया : मा. वजीर सिंह
पेंशनर्स की मांगें केवल आर्थिक हितों नहीं, उनके सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी नरेश शर्मा
भिवानी, 29 सितबर : अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला भिवानी इकाई के बैनर तले पेंशनर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 29-30 सितंबर को 24 घंटे का महापड़ाव आयोजित कर सरकार के प्रति रोष जताया। मंगलवार को आयोजित महापड़ाव की अध्यक्षता जिला प्रधान नरेश शर्मा ने की, जबकि जिला सचिव राजबीर कादयान ने मंच संचालन किया। महापड़ाव में जिलेभर से बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
महापड़ाव को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के महासचिव एवं रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर वजीर सिंह ने कहा कि पेंशनभोगियों की लंबित मांगों को लेकर देशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशनभोगियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते सेवानिवृत्त कर्मचारियों में भारी रोष है। मास्टर वजीर सिंह ने कहा कि पेंशनभोगियों ने अपने सेवाकाल में सरकार और समाज के लिए लंबे समय तक सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद सेवानिवृत्ति के बाद उनकी मांगों को लेकर लगातार उपेक्षा का रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि पेंशनर्स अपने अधिकारों को लेकर किसी प्रकार की अनदेखी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस को लेकर भी पेंशनर्स के बीच गंभीर चिंता है। उनके अनुसार पेंशन से जुड़े अधिकारों और पेंशन रिवीजन के मुद्दे पर सरकार को पेंशनभोगियों की चिंताओं को दूर करना चाहिए।
रटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य महासचिव रतन जिंदल ने कहा कि पेंशनर्स की मांगों को लंबे समय से लंबित रखा गया है। उन्होंने सरकार से पेंशनभोगियों को अंतरिम राहत देने, 50 प्रतिशत डीए/डीआर को वेतन एवं पेंशन में विलय करने, कम्यूटेशन की कटौती की अवधि पूरी होने के बाद पूरी पेंशन बहाल करने तथा आयु के आधार पर अतिरिक्त पेंशन का प्रावधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की मांग है कि 65 वर्ष की आयु पर मूल पेंशन में 10 प्रतिशत तथा 75 वर्ष की आयु पर 20 प्रतिशत की वृद्धि की जाए। इसके साथ ही पेंशन समानता लागू करने, पारिवारिक पेंशन में सुधार करने, लंबित 18 महीने के डीए/डीआर का भुगतान करने, कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने तथा मेडिकल भत्ता बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
जिला प्रधान नरेश शर्मा ने कहा कि पेंशनर्स अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार के समक्ष आवाज उठाते रहे हैं। बार-बार मांग उठाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि पेंशनर्स की मांगें केवल आर्थिक हितों से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि यह उनके सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को सुबह 10 बजे जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
महापड़ाव में रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के मुख्य सलाहकार मास्टर शेर सिंह, रामचंद्र सैनी, चंद्रभान नहलिया, महाबीर शर्मा, शकुंतला देवी, फूल चंद सहित अनेक पदाधिकारियों ने विचार रखे। इसके अलावा भिवानी ब्लॉक के प्रधान फतेह सिंह, सचिव ओमप्रकाश घुसकानी, सिवानी ब्लॉक के प्रधान मास्टर उमराव सिंह, लोहारू के प्रधान सतबीर सिंह स्योरान, बवानी खेड़ा के प्रधान सन्तु सिंह, कैरू के प्रधान प्रेम सिंह शेखावत, तोशाम के प्रधान अभे राम, सर्व कर्मचारी संघ भिवानी के प्रधान सुमेर आर्य, अखिल भारतीय किसान सभा जिला भिवानी के प्रधान रामफल, सचिव मास्टर जगरोशन, उपप्रधान कॉमरेड ओमप्रकाश, तहसील प्रधान संतोष देसवाल, सुखदेव पालुवास, पूर्व एक्सईएन सज्जन कुमार सिंगला, युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल प्रधान, पुलिस संगठन के प्रधान आजाद सिंह, बलवान दरोगा, महेंद्र सिंह तंवर सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।