
क्या इंसान एक पूरी लाइब्रेरी को अपने दिमाग में याद रख सकता है ?
शायद आपको यह बात किसी फिल्म की कहानी लगे, लेकिन अमेरिका में एक ऐसा इंसान था जिसकी याददाश्त ने वैज्ञानिकों तक को हैरान कर दिया था। उसका नाम था Kim Peek और लोग उन्हें अक्सर “Human Database” यानी इंसानी डेटाबेस कहते थे।
Kim Peek की सबसे खास बात उनकी असाधारण याददाश्त थी। बताया जाता है कि वे किताबों को बेहद तेजी से पढ़ते थे और पढ़ी हुई जानकारी को लंबे समय तक याद रख सकते थे। इतिहास, भूगोल, तारीखें, किताबें और हजारों तरह के तथ्य उनके दिमाग में जैसे किसी विशाल संग्रह की तरह मौजूद रहते थे।
उनके बारे में यह भी प्रसिद्ध है कि वे खुली हुई किताब के दोनों पन्नों की जानकारी एक साथ पढ़ सकते थे। कई जगह यह दावा मिलता है कि वे बाएं पन्ने को बाईं आँख और दाएं पन्ने को दाईं आँख से पढ़ते थे, लेकिन इसे वैज्ञानिक रूप से इतना सरल और निश्चित तथ्य मानना सही नहीं है। फिर भी उनकी पढ़ने और जानकारी याद रखने की क्षमता सामान्य इंसान से बेहद अलग थी।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती...
Kim Peek का दिमाग सामान्य तरीके से विकसित नहीं हुआ था। उनके मस्तिष्क की संरचना में कई असामान्यताएँ थीं और corpus callosum, जो मस्तिष्क के दोनों हिस्सों के बीच संपर्क बनाने वाली प्रमुख संरचना है, सामान्य नहीं था। वैज्ञानिकों ने उनकी असाधारण क्षमताओं को समझने के लिए उनके मस्तिष्क का अध्ययन भी किया।
सबसे दिलचस्प बात यह थी कि उनकी कुछ क्षमताएँ असाधारण थीं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि वे हर काम में असाधारण थे। रोज़मर्रा की जिंदगी के कई कामों में उन्हें दूसरों की सहायता की जरूरत पड़ती थी। यानी उनका दिमाग कुछ खास क्षेत्रों में अविश्वसनीय रूप से सक्षम था, जबकि दूसरी क्षमताएँ काफी सीमित थीं।
एक ऐसा इंसान जो हजारों किताबों की जानकारी अपने दिमाग में संभाल सकता था, दुनिया के सामने एक बड़ा सवाल छोड़ गया—
आखिर हमारे दिमाग की असली क्षमता कितनी है, जिसे हम अभी तक पूरी तरह समझ ही नहीं पाए हैं ?