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Ramchandra Rajput

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दमा गांव की बदहाल सड़क बनी मुसीबत, ग्रामीण बोले- आखिर किसकी मौत का इंतजार?
DM Jalaun District Magistrate/District Election Officer, Jalaun निवेदन है कि संज्ञान ले और बच्चों को स्कूल आने जाने के लायक ही सड़क का इंतजाम करवाने की कोशिश करने की कृपा करें।

जालौन। ग्राम दमा की सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि मोटरसाइकिल से निकलना भी जोखिम भरा हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन बाइक सवार गड्ढों में गिरकर हादसे का शिकार हो रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी सड़क पर हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या जिम्मेदार किसी और हादसे या किसी की जान जाने का इंतजार कर रहे हैं?

ग्रामीणों ने विधायक जी से सड़क की समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर समाधान कराने की मांग की है।
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कमेंट करें हमारी टीम 
ग्रामीण कवरेज के लिए तैयार
कालपी में तीन बच्चों की मां लापता, भांजे पर बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप

रिश्तों की डोर जब कमजोर होने लगे,
तो अपने ही सवालों के घेरे में आने लगे

कालपी/जालौन।
महेवा ब्लॉक क्षेत्र के एक ग्राम से 45 वर्षीय तीन बच्चों की मां के लापता होने से परिवार में हड़कंप मच गया। 
पति का आरोप है कि महिला खेत में चारा काटने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी।

पीड़ित पति  ने रविवार को कोतवाली कालपी में शिकायती पत्र देकर पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कर तलाश कराने की गुहार लगाई। 
पति ने आशंका जताई है कि जनपद कानपुर देहात के ग्राम बिधरिया निवासी उसका भांजा कल्लू महिला को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
 पति ने दोनों के बीच प्रेम प्रसंग होने की भी आशंका व्यक्त की है।

परिजनों ने महिला की काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। पीड़ित ने प्रभारी निरीक्षक और हल्का पुलिस से महिला को जल्द बरामद कराने की मांग की है।

हालांकि, महिला के साथ वास्तव में क्या हुआ और वह कहां गई, इसकी पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।

आपकी राय क्या है?

क्या परिवार में बढ़ती दूरी और रिश्तों में बदलती सोच ऐसे मामलों की बड़ी वजह बन रही है? 
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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रानी अवंतीबाई लोधी केवल 1857 की वीरांगना नहीं, बल्कि साहस, स्वाभिमान और बलिदान की ऐसी प्रेरणादायी प्रतिमूर्ति हैं, जिनका नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा।

आज वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जी की 195वीं जयंती वर्ष के पावन अवसर पर ग्राम करमेर में उनकी प्रतिमा स्थापना एवं रानी अवंतीबाई पार्क के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक आयोजन के सफल आयोजन के लिए आयोजक, समस्त लक्ष्य टीम एवं उपास्थित प्रबुद्ध जनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

रानी अवंतीबाई का शौर्य और त्याग सदैव हम सभी को प्रेरणा देता रहेगा।
सोशल मीडिया से एक वीडियो में एक व्यक्ति नोरे चतुर्वेदी जो थाना गोहन क्षेत्र के रहने वाले हैं उनके द्वारा एक व्यक्ति के साथ मारपीट की जा रही है और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है उक्त वीडियो का संज्ञान लेकर अभियोग पंजीकृत किया गया है। 02 अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है एवं शेष अभियुक्त नोरे चतुर्वेदी की गिरफ्तारी हेतु दबिश दी जा रही है जल्द से जल्द अभियुक्त नोरे को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इस सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा दी गयी बाइट।
मंगरोल में झंडारोहण को लेकर नया मोड़, पंचायत सहायक महिला ने स्वीकारा देरी का मामला

महेवा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मंगरोल में स्वतंत्रता दिवस पर झंडारोहण में देरी को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सुबह करीब 9:15 बजे तक ग्राम पंचायत भवन पर तिरंगा नहीं फहराया गया था।
 वहीं GPS लोकेशन वाली फोटो में करीब 9:21 बजे तक झंडारोहण की तैयारी दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।

मामले में नया मोड़ तब आया जब पंचायत सहायक महिला ने भी झंडारोहण में देरी होने की बात स्वीकार की।
 इससे पहले खबर सामने आने के बाद समय से झंडारोहण हो जाने का दावा किए जाने पर सवाल खड़े हो गए हैं। 
आरोप है कि अधिकारियों को बिना GPS वाली फोटो के आधार पर अलग जानकारी दी गई।

अब GPS फोटो, वीडियो और पंचायत सहायक के बयान को आधार बनाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठ रही है। 
ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व पर हुई लापरवाही की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और अधिकारियों को सही जानकारी दी गई या नहीं, इसकी भी जांच जरूरी है।

बड़ा सवाल—जब मौके के साक्ष्य और पंचायत सहायक के बयान में देरी की बात सामने आ रही है, तो अधिकारियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी किस आधार पर दी गई?
जिलाधिकारी ने तिरंगा फहराकर शहीदों को किया नमन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को किया सम्मानित

 *आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत के निर्माण के लिए हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी—जिलाधिकारी* 

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कैम्प कार्यालय एवं कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। ध्वजारोहण के उपरांत सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ तथा राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके आश्रितों को माला पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों सरस्वती देवी पत्नी स्वर्गीय रामपाल, गणेशी देवी पत्नी स्वर्गीय शत्रुधन सिंह, कौशल्या देवी पत्नी स्वर्गीय रमाशंकर व्यास तथा रामदेवी विद्यार्थी पत्नी स्वर्गीय चन्द्रमान विद्यार्थी को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनका त्याग और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समारोह में जिलाधिकारी ने अमर शहीद परिवारों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं जनपदवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने दायित्वों को याद करने का भी दिन है। आज भारत आत्मनिर्भरता और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत के निर्माण का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन करेगा।
उन्होंने कहा कि नागरिक सशक्तिकरण केवल अधिकारों की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिकारों के साथ कर्तव्यों के निर्वहन से ही सशक्त समाज का निर्माण होता है। युवाओं को शिक्षा, कौशल, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए तथा महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। किसानों की आय में वृद्धि, युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर, महिला सशक्तिकरण तथा बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा की दिशा में जनपद में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, बेहतर हो रहा सड़क नेटवर्क, जालौन झांसी लिंक एक्सप्रेसवे , औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार और विभिन्न विकास परियोजनाएं जालौन को विकास की नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और जनपद को और आगे ले जाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक नागरिक आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बने। उन्होंने नागरिकों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी न्यायिक रिन्कू सिंह राही ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता हमें अधिकारों के साथ अपने दायित्वों का बोध भी कराती है। स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेकर हम सभी को देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक योगेंद्र यादव, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट कुमार संजय आदि मौजूद रहे।
स्वतंत्रता दिवस पर भी नहीं खुला स्कूल, न हुआ ध्वजारोहण; ग्रामीणों में भारी आक्रोश

क्रॉसर- BSA साहब को दूर भाषा से संवाद करने की कोशिश पर कॉल बिजी कर दिया गया

जालौन। विकासखंड कुठौंद की ग्राम पंचायत जमलापुर जुन्नारदार के मजरा खेड़ा कनार में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी विद्यालय नहीं खुलने और ध्वजारोहण न होने का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय पर्व के दिन विद्यालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

ग्रामीणों का आरोप है कि 15 अगस्त जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर विद्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होना चाहिए था, लेकिन विद्यालय बंद रहा और न तो शिक्षक पहुंचे और न ही तिरंगा फहराया गया। ग्रामीणों ने इस मामले को शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल बताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभक्ति और बच्चों में राष्ट्रीय भावना जागृत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में विद्यालय में ध्वजारोहण तक न होना बेहद गंभीर लापरवाही है।

मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से पूरे प्रकरण की जांच कराकर जिम्मेदार शिक्षक एवं संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

अब सवाल यह है कि राष्ट्रीय पर्व के दिन विद्यालय बंद रहने और ध्वजारोहण न होने की आखिर जिम्मेदारी किसकी है? ग्रामीणों ने मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
Happy independence day to all 

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MPS Gohand family
राम चन्द्र राजपूत
स्वाधीनता दिवस पर भी बंद मिला सरकारी स्कूल, नहीं हुआ झंडारोहण!
जालौन। स्वाधीनता दिवस के मौके पर जहां जिलेभर के सरकारी और निजी विद्यालयों में राष्ट्रध्वज फहराकर देशभक्ति का संदेश दिया जा रहा है, वहीं रामपुरा ब्लॉक के किशुनपुरा प्राथमिक पाठशाला को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि 15 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे तक विद्यालय के ताले नहीं खुले थे और स्कूल परिसर में झंडारोहण भी नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में दो शिक्षक तैनात हैं, लेकिन वे कथित तौर पर लंबे समय से नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं।
स्वाधीनता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर भी विद्यालय नहीं खुलने की सूचना से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराकर जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब राष्ट्रीय पर्व के दिन ही सरकारी स्कूल में झंडारोहण नहीं हो रहा, तो शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत क्या है?
क्या यही है सर्व शिक्षा अभियान की हकीकत?
मामले में बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। देखने वाली बात होगी कि विभाग इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर जांच और कार्रवाई करता है या मामला महज कागजों तक सीमित रह जाएगा।
नोट: विद्यालय बंद होने और शिक्षकों के महीनेभर से नहीं पहुंचने संबंधी आरोप ग्रामीणों के बताए अनुसार हैं। विभागीय पुष्टि/जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
सोनू महाराज हमारे दबंग पत्रकार साथी और छोटे भाई को अवतरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

Happy Birthday to my dear younger brother and valued journalism colleague, Sonu Maharaj Ji! 🎂🎉

Your dedication, courage, and fearless approach to truth in reporting inspire us all. Watching you reach new heights in journalism fills me with immense pride.

May God bless you with good health, boundless happiness, and continuous success in every story you tell. Keep shining and making us proud, my brother! ❤️💐
बरसाती कीड़े के काटने से छात्र की तबीयत बिगड़ी!- रातों-रात विद्यालय पहुंचे 25 पलंग

 किसी बड़ी घटना के इंतजार में या घटना के बाद होगी क्या विद्यालय प्रबंधन पर कार्यवाही?

जालौन। गुरु का इटौरा स्थित श्रीकृष्ण संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्र की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। डीएम राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर शुक्रवार रात ही विद्यालय में 25 पलंग पहुंचा दिए गए। अब बारिश के मौसम में विद्यार्थियों को जमीन पर नहीं सुलाया जाएगा। सभी छात्रों के लिए 10 और प्लाई के पलंग की व्यवस्था भी की जा रही है।

दरअसल, रात में विद्यालय के एक छात्र को बरसाती कीड़े ने काट लिया था। इसके बाद उसके गले में तेज दर्द होने लगा और हालत बिगड़ गई। जानकारी मिलते ही डीएम राजेश कुमार पांडेय और एसपी विनय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। छात्र को तत्काल उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने विषैले कीड़े के काटने की आशंका जताई है।

विद्यालय में गुरुकुल परंपरा के तहत विद्यार्थी जमीन पर सोते थे। बारिश के मौसम में जमीन पर बरसाती और विषैले कीड़ों के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इस व्यवस्था को तत्काल बदलने के निर्देश दिए हैं। विद्यालय में करीब 70 विद्यार्थियों का नामांकन है। प्रशासन का लक्ष्य सभी बच्चों के लिए पलंग उपलब्ध कराना है।

घटना के बाद डीएम ने सीएमओ को विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय पहुंचकर सभी विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ ही निर्देश दिए गए कि किसी भी छात्र में स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर उसे तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए।

डीएम राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि बच्चों के रहने और सोने की व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बारिश के मौसम में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
Video 12
जालौन नगर में 15 अगस्त के दिन चोरों ने पांच जगह पर चोरी कर दी सलामी*

एक ही रात में पांच जगह चोरी, जालौन नगर में दहशत, कई चोरियों का खुलासा अभी भी बाकी

जालौन। जालौन नगर में चोरों ने एक बार फिर पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। बीती रात नगर के अलग-अलग मोहल्लों में एक के बाद एक पांच स्थानों पर चोरी की घटनाएं सामने आने से लोगों में दहशत का माहौल है। लगातार हो रही चोरी की वारदातों को लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार पहली चोरी की घटना मोहल्ला बापूसाहब स्थित तहसील गेट के पास होटल में हुई। होटल मालिक सुनील कुमार बाथम के यहां से चोर सामान और नकदी ले जाने की बात सामने आई है। दूसरी घटना मोती मस्जिद के समीप सामने आई, जहां दिल्ली से आए लोडर चालक सोहिल की गाड़ी से चोर नकदी और गाड़ी की चाबी लेकर फरार हो गए।
तीसरी चोरी मोहल्ला तोपखाना में स्वर्गीय फूल सिंह यादव के घर में होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद इसी मोहल्ले में दिवारी लाल राठौर के घर को भी चोरों ने निशाना बनाया।
पांचवीं घटना अध्यापक रवि कुमार राठौर के घर में सामने आई, जहां भी चोरों द्वारा चोरी की वारदात को अंजाम दिए जाने की बात बताई जा रही है।
एक ही रात में पांच स्थानों पर चोरी की घटनाओं की जानकारी सामने आने के बाद पूरे नगर में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस के सामने इन घटनाओं पर अंकुश लगाने की बड़ी चुनौती है।
अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस इन घटनाओं का खुलासा कर चोरों को कब तक गिरफ्तार करती है। फिलहाल नगरवासियों के बीच यही चर्चा है—कानून से शातिर चोर दस कदम आगे!
नोट: चोरी की घटनाओं और नुकसान की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।
नगर पालिका जालौन चेयरमैन श्रीमति नेहा पुनीत मित्तल की और से  सभी नगर वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 

साथ ही भावुक अपील
एसडीएम की जनसुनवाई में 60 दिन से भटक रहे किसान की समस्या का किया मौके पर  निस्तारण

तहसील कर्मियों की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी, समीक्षा बैठक में दिए सुधार के निर्देश

तहसील उरई में एसडीएम उत्तम कुमार तिवारी ने रोज की तरह अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुन रहे थे  इस दौरान दो मामलों का तत्काल प्रभाव से उन्होंने निस्तारण कराया गया। इनमें से एक ग्राम कुरोना निवासी किसान इंद्रजीत अपनी जमीन से संबंधित परवाना  के लिए करीब 50 दिनों से तहसील के चक्कर लगा रहा था। थक-हारकर वह एसडीएम के समक्ष पहुंचा और अपनी समस्या बताई। किसान ने आरोप लगाया कि तहसील के संबंधित कर्मचारी उसे लगातार आज-कल कहकर कई दिनों से टरका रहे थे। उसने यह भी आरोप लगाया कि नाश्ते और अन्य खर्चों के नाम पर उससे रुपये की मांग की जा रही थी। किसान की शिकायत सुनने के बाद एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर समस्या का निस्तारण अपने सामने ही करवा कर किसान को खुशी खुशी रवाना किया 

ब्यूरो रिपोर्ट जालौन 
राम चन्द्र राजपूत।
अपर पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत कोतवाली उऱई पुलिस बल के साथ रेलवे स्टेशन होटल/रेस्टोरेन्ट व अन्य स्थानों पर पैदल गस्त/चेकिंग कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये ।
बारिश में गौशालाओं की हकीकत पर डीएम-एसपी की नजर, सवालों के घेरे में व्यवस्थाएं
क्रासर- क्या जिम्मेदारों का गिनी चुनी गौशालाओं का बार बार निरीक्षण करना अन्य गौशालाओं के साथ सौतेला व्यवहार नहीं

बारिश के बीच बबीना और कदौरा की गौशालाओं में पहुंचे डीएम-एसपी, चारा-पानी से लेकर जल निकासी तक पर दिए सख्त निर्देश

जालौन बारिश के मौसम में निराश्रित गोवंश की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई।
 शुक्रवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने अस्थाई गौशाला बबीना तथा कान्हा गौशाला कदौरा का निरीक्षण किया।
 अधिकारियों ने मौके पर चारा-पानी, शेड, जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट कहा कि बारिश के कारण किसी भी गोवंश को परेशानी नहीं होनी चाहिए। 
गौशालाओं में पर्याप्त और सुरक्षित शेड, स्वच्छ पेयजल तथा पर्याप्त मात्रा में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। 
परिसर में जलभराव रोकने के लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था रखने और नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश भी दिए गए।

डीएम ने बीमार एवं कमजोर गोवंश की विशेष निगरानी तथा समय से उपचार कराने को कहा।
 साथ ही बारिश के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए।

लेकिन निरीक्षण के साथ कुछ बड़े सवाल भी खड़े होते हैं—क्या बारिश शुरू होने से पहले सभी गौशालाओं की व्यवस्थाओं की पूरी जांच हुई थी?
 क्या प्रत्येक गौशाला में जलभराव रोकने की पर्याप्त व्यवस्था है? 
क्या गोवंश के लिए चारा और स्वच्छ पानी नियमित रूप से उपलब्ध है?
 बीमार और कमजोर गोवंश की निगरानी के लिए जिम्मेदार तंत्र कितना सक्रिय है?

सबसे अहम सवाल यह भी है कि क्या अधिकारियों के निरीक्षण के बाद दिए गए निर्देश धरातल पर लगातार लागू होंगे या फिर कुछ दिनों बाद व्यवस्थाएं पुराने ढर्रे पर लौट जाएंगी?
 क्योंकि बारिश के मौसम में गौशालाओं की वास्तविक परीक्षा सिर्फ निरीक्षण के दौरान नहीं, बल्कि लगातार खराब मौसम के बीच होती है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को गौशालाओं की नियमित निगरानी करने तथा गोवंश को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 
उन्होंने साफ कहा कि निराश्रित गोवंश की सुरक्षा और देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी कालपी विनय कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद, खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

अब देखने वाली बात यह होगी कि डीएम के सख्त निर्देशों के बाद बबीना और कदौरा की गौशालाओं में व्यवस्थाएं कितनी बेहतर होती हैं और बारिश के दौरान गोवंश को वास्तव में कितनी राहत मिलती है।

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हमीरपुर जिलाधिकारी ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद, पत्रकारों की समस्याओं एवं सुझावों पर दिए आवश्यक निर्देश*

हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों के साथ मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने जनपद के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर पत्रकार बंधुओं से संवाद करते हुए उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं सुझाव सुने तथा आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

मीडिया संवाद के दौरान पत्रकार बंधुओं द्वारा जनपद से जुड़े विभिन्न जनहित के विषयों, स्थानीय समस्याओं एवं प्रशासन से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव जिलाधिकारी के समक्ष रखे गए। जिलाधिकारी ने सभी विषयों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों का यथासंभव नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है तथा शासन-प्रशासन और आमजन के बीच संवाद एवं सूचना के आदान-प्रदान में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जनपद के विकास एवं जनहित से जुड़े विषयों को बेहतर ढंग से सामने लाने में पत्रकार बंधुओं के सुझाव महत्वपूर्ण एवं उपयोगी हैं। प्रशासन द्वारा जनसामान्य से जुड़े मुद्दों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पत्रकार बंधुओं द्वारा संज्ञान में लाए जाने वाले जनहित के विषयों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों के माध्यम से परीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। साथ ही, मीडिया एवं प्रशासन के मध्य बेहतर समन्वय और सतत संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया।

मीडिया संवाद के दौरान पत्रकार बंधुओं ने जनपद में संचालित विकास कार्यों, जनसमस्याओं एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव रखे। जिलाधिकारी ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन और मीडिया के बीच सकारात्मक एवं रचनात्मक संवाद से जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री राकेश कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे श्री विजय सिंह, जिला सूचना अधिकारी श्री सतीश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मुकेश खरवार, उपायुक्त उद्योग श्रीमती जयश्री, जिला खान अधिकारी श्री विकास परमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा जनपद के विभिन्न प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों के पत्रकार एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
एसडीएम ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

आज उपजिलाधिकारी उरई उत्तम कुमार तिवारी ने तहसील स्तर पर चल रही व्यवस्थाओं और कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित जिम्मेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यों में मिली खामियों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश देते हुए लापरवाही पर नाराजगी भी जताई। बैठक में आगामी स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को 15 अगस्त के कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए गए। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत कार्यक्रमों को उत्साहपूर्वक मनाने तथा सुबह 8 बजे ध्वजारोहण कराने की रूपरेखा तय की गई। 

इसके साथ ही पौधरोपण सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित कर स्वतंत्रता दिवस को यादगार बनाने पर जोर दिया गया।
इमरजेंसी में डॉक्टर नदारद, अधीक्षक के निजी क्लीनिक पर भी उठे सवाल

सीएचसी माधौगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न, ड्यूटी के समय चिकित्सक की मौजूदगी को लेकर उठे सवाल; निजी प्रैक्टिस के आरोपों की जांच की मांग

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माधौगढ़ में बुधवार शाम इमरजेंसी व्यवस्था को लेकर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब अस्पताल में मरीज और तीमारदार मौजूद थे, लेकिन इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक मौके पर दिखाई नहीं दिए।
 अस्पताल परिसर में चिकित्सकीय सहायता की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों के बीच इस स्थिति को लेकर नाराजगी देखने को मिली।

मौके पर मिली जानकारी के अनुसार बुधवार शाम डॉ. विनय कुमार पांडे की इमरजेंसी ड्यूटी बताई गई थी, लेकिन मौके पर उनकी मौजूदगी नहीं मिलने की बात सामने आई।
 ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि इसी दौरान कोई मरीज गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचता और उसे तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप की जरूरत पड़ती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन संभालता?

इमरजेंसी ड्यूटी में डॉक्टर नहीं तो व्यवस्था किसके भरोसे?

सीएचसी जैसे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इमरजेंसी सेवा का उद्देश्य ही यह है कि किसी भी आपात स्थिति में मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध हो। 
खासकर माधौगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए सीएचसी पहुंचते हैं। 
ऐसे में इमरजेंसी के दौरान डॉक्टर की अनुपस्थिति का सवाल महज एक कर्मचारी की गैरमौजूदगी तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी आपातकालीन व्यवस्था की कार्यप्रणाली से जुड़ा गंभीर विषय है।

अधीक्षक के निजी क्लीनिक को लेकर भी चर्चा

इसी दौरान सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मनीष कुमार को लेकर भी स्थानीय स्तर पर निजी क्लीनिक में मरीज देखे जाने की चर्चा सामने आई।
 हालांकि निजी क्लीनिक में मरीज देखने और सरकारी ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस किए जाने संबंधी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। 
यदि जांच में यह सामने आता है कि सरकारी ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस की गई, तो यह गंभीर प्रशासनिक एवं विभागीय जांच का विषय बन सकता है।

फोटो ने भी खड़े किए सवाल

मौके की तस्वीर में अस्पताल के कक्ष में चिकित्सकीय सामान और कुर्सियां दिखाई दे रही हैं, जबकि पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। 
हालांकि केवल तस्वीर के आधार पर डॉक्टर की ड्यूटी या अनुपस्थिति की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसकी वास्तविक स्थिति ड्यूटी चार्ट, उपस्थिति रजिस्टर, ओपीडी/इमरजेंसी रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की जांच से ही स्पष्ट होगी।

अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल

- इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर उस समय कहां थे?
- क्या ड्यूटी चार्ट के अनुसार चिकित्सक की उपस्थिति दर्ज थी?
- इमरजेंसी में डॉक्टर की अनुपस्थिति की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई?
- सीएचसी अधीक्षक के निजी क्लीनिक को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की विभागीय जांच होगी?
- क्या ड्यूटी अवधि और निजी प्रैक्टिस के समय का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा?
- मरीजों की आपातकालीन सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग क्या व्यवस्था सुनिश्चित करेगा?

अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर हैं। यदि आरोप निराधार हैं तो विभाग को रिकॉर्ड के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। 
सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी किसी भी स्थिति में सवालों के घेरे में नहीं रहनी चाहिए।

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कदौरा में ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय पर उठे सवाल, महीनों से भुगतान न होने का आरोप

 विकासखंड कदौरा के ग्राम रोजगार सेवकों ने अवशेष मानदेय का भुगतान न होने को लेकर खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर बकाया मानदेय दिलाए जाने की मांग की है।
 रोजगार सेवकों का कहना है कि उनके द्वारा मनरेगा योजना सहित अन्य सौंपे गए कार्यों का समय से निर्वहन किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद मानदेय उनके खातों में नहीं पहुंच रहा है।

शिकायती पत्र में ग्राम रोजगार सेवकों ने कहा कि मानदेय लंबित रहने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है। 
रोजगार सेवकों ने बीडीओ कदौरा से तत्काल मामले का संज्ञान लेकर अवशेष मानदेय का भुगतान कराने की मांग की है।

सवालों के घेरे में भुगतान व्यवस्था

ग्राम रोजगार सेवकों की ओर से उठाई गई शिकायत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रोजगार सेवकों द्वारा मनरेगा और अन्य विभागीय कार्य लगातार किए जा रहे हैं तो उनका मानदेय समय से क्यों नहीं दिया जा रहा है?
 क्या भुगतान में तकनीकी समस्या है या फिर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया लंबित है? 
यदि मानदेय जारी हो चुका है तो संबंधित कर्मचारियों के खातों तक रकम क्यों नहीं पहुंची?

रोजगार सेवकों ने अपने पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा उपायुक्त (श्रम रोजगार), जिला ग्राम्य विकास अभिकरण जालौन को भी भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। 
इससे साफ है कि मामला केवल ब्लॉक स्तर तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि उच्चाधिकारियों से भी हस्तक्षेप की अपेक्षा की गई है।

काम पूरा, भुगतान अधूरा क्यों?

मनरेगा व्यवस्था में ग्राम रोजगार सेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। 
ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों से संबंधित अभिलेखीय और जमीनी कार्यों में उनकी जिम्मेदारी रहती है। 
ऐसे में यदि लंबे समय तक मानदेय लंबित रहता है तो कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होना स्वाभाविक है।

अब देखने वाली बात होगी कि विकासखंड कदौरा प्रशासन रोजगार सेवकों की शिकायत पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और बकाया मानदेय का भुगतान कब तक सुनिश्चित कराया जाता है।
 साथ ही यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि मानदेय लंबित रहने की वास्तविक वजह क्या है और इसके लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी।

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मंत्री जी ने गर्दा उड़ा दिया, सुनिए मीडिया को कैसे लताड़ रहे, ये है मैं स्ट्रीम मीडिया के हालत
*लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 231वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम*

*जालौन उरई:-* बुधवार को  सत्रह जिलों में में आयोजित लोकमाता देवी अहिल्या बाई होळकर जी की 231 पुण्यतिथि का आयोजन पिछड़ा वर्ग मोर्चा के द्वारा  मनाई गई। मनोज राजपूत ने कहा कि महिलाओं को लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है और समाज में जहा भी हम लोगों की आवश्यता हो हम संगठन के साथ समाज के प्रति सदैव तैयार है। देवी अहिल्याबाई होल्कर मालवा साम्राज्य की महान, न्यायप्रिय और धर्मनिष्ठ महारानी थीं। उनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गांव में हुआ था। उन्होंने लगभग 30 वर्षों तक शासन किया, अपनी राजधानी महेश्वर बनाई, और देश भर में मंदिरों व जनहित के कार्यों का निर्माण कराया ऐसी महापुरुषों को शत-शत नमन। निम्न लोगों ने सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक गौरीशंकर वर्मा के साथ पिछड़ा वर्ग मोर्चा कानपुर के अध्यक्ष के सहित सैकड़ो समाजसेवी, राजमाता अहिल्याबाई होल्कर सेना संगठन के लोग  रहे मौजूद।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम 2026 लागू: देर से पंजीकरण के नियमों में बड़ा बदलाव

जिला संवाददाता रामचन्द्र राजपूत जालौन

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 की अधिसूचना भारत के राजपत्र में जारी कर दी है। विधि और न्याय मंत्रालय द्वारा 6 अगस्त 2026 को प्रकाशित इस कानून के तहत जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 13 में संशोधन किया गया है।
नए संशोधनों के लागू होने के बाद, जन्म या मृत्यु की सूचना देर से देने (Delayed Registration) की प्रक्रियाओं को अधिक सख्त और स्पष्ट बना दिया गया है।
नए कानून के मुख्य प्रावधान
1. एक वर्ष से दो वर्ष तक की देरी (उप-धारा 3)
* यदि जन्म या मृत्यु की सूचना घटना घटने के 1 वर्ष के बाद लेकिन 2 वर्ष के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाती है, तो इसका पंजीकरण सीधे नहीं होगा।
* इसके लिए संबंधित क्षेत्र के जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) या DM द्वारा अधिकृत किसी कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) द्वारा सत्यापन और उनके लिखित आदेश के बाद ही पंजीकरण किया जाएगा।
2. दो वर्ष से अधिक की देरी (उप-धारा 3A)
* यदि सूचना घटना के 2 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद दी जाती है, तो पंजीकरण केवल प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (First Class Judicial Magistrate) द्वारा घटना की सत्यता की जांच/सत्यापन और आदेश के बाद ही संभव होगा।
> मुख्य बात: इन दोनों ही मामलों में निर्धारित शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा। नए नियमों का मुख्य उद्देश्य फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगाना और पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता व प्रमाणिकता को बढ़ाना है।