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🛕 ग्राम बरहद के प्राचीन श्री बलदाऊजी मंदिर के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण हेतु अपील
ग्राम बरहद, तहसील मेहगांव, जिला भिण्ड (म.प्र.)
ग्राम बरहद में स्थित प्राचीन श्री बलदाऊजी मंदिर भिण्ड जिले की ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों में से एक है। इस पवित्र मंदिर में श्री बलदाऊजी महाराज जी एवं  रेवती मैया जी एक साथ विराजमान हैं।
यह मंदिर केवल ग्राम बरहद ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्र के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था, श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र रहा है। पीढ़ियों से लोग यहां दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए आते रहे हैं।
⚠️ धरोहर पर मंडरा रहा है संकट
विगत कुछ समय से मंदिर की दीवारों, छत एवं फर्श में दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कई स्थानों पर दरारों की चौड़ाई भी बढ़ती दिखाई दे रही है। इन दरारों का वास्तविक कारण क्या है, इसकी जानकारी आम श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों को नहीं है।
यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। यदि समय रहते विशेषज्ञों द्वारा इसकी जांच एवं आवश्यक संरक्षण कार्य नहीं कराया गया, तो भविष्य में इस अमूल्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहर को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार इस मंदिर का निर्माण प्राचीन काल में किसी राजा द्वारा कराया गया था। यदि यह ऐतिहासिक तथ्य अभिलेखों से प्रमाणित होता है, तो मंदिर का ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
🙏 शासन एवं प्रशासन से विनम्र आग्रह
मैं, ब्रजेश सिंह भदौरिया, समस्त ग्रामवासियों की ओर से शासन एवं प्रशासन से विनम्र अनुरोध करता हूं कि—
मंदिर की तकनीकी विशेषज्ञों से तत्काल जांच कराई जाए।
दीवारों, छत एवं फर्श में आ रही दरारों के कारणों का पता लगाया जाए।
मंदिर की संरचनात्मक सुरक्षा का विशेषज्ञ निरीक्षण कराया जाए।
आवश्यकतानुसार जीर्णोद्धार एवं संरक्षण की DPR तैयार कराई जाए।
मंदिर की प्राचीनता एवं ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे संरक्षित धार्मिक/ऐतिहासिक धरोहर के रूप में सुरक्षित रखने की संभावनाओं पर विचार किया जाए।
मंदिर के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण के लिए शासन स्तर से आवश्यक वित्तीय एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
जब तक विशेषज्ञ जांच न हो, तब तक श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं।
🌿 यह केवल एक मंदिर नहीं, हमारी विरासत है
श्री बलदाऊजी मंदिर केवल ईंट-पत्थरों से बनी एक इमारत नहीं है।
यह हमारी आस्था, हमारी परंपरा, हमारी संस्कृति और हमारी पीढ़ियों की स्मृतियों का प्रतीक है।
यदि आज हमने इसकी ओर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाली पीढ़ियां हमसे पूछेंगी कि जब हमारी प्राचीन धरोहर संकट में थी, तब हमने उसके संरक्षण के लिए क्या किया?
आइए, राजनीति और व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर इस अमूल्य धरोहर को बचाने के लिए एकजुट हों।
श्री बलदाऊजी महाराज जी एवं  रेवती मैया जी की कृपा से यह पवित्र धरोहर सदियों तक सुरक्षित रहे—यही हमारी सामूहिक प्रार्थना है।
जय दाऊजी की 🙏

अपीलकर्ता:
ब्रजेश सिंह भदौरिया
समस्त ग्रामवासी, ग्राम बरहद
तहसील मेहगांव, जिला भिण्ड (म.प्र.)

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Video 1
मेरठ में ऑर्डर पहुंचाने में कुछ मिनट की देरी को लेकर एक डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। गंगा हाइट्स सोसाइटी में हुई इस घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।

आरोप है कि डिलीवरी बॉय ऑर्डर लेकर ग्राहक के फ्लैट पर पहुंचा था। इसी दौरान देरी को लेकर ग्राहक से उसकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर युवक ने डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट शुरू कर दी।

CCTV फुटेज में युवक को डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद आरोप है कि उसे फ्लैट के अंदर ले जाया गया, जहां करीब तीन मिनट तक उसके साथ मारपीट की गई। फुटेज में बाद में डिलीवरी बॉय को फ्लैट से बाहर आते हुए भी देखा गया।

डिलीवरी बॉय ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसका फोन भी छीन लिया गया और उसे धमकी दी गई। उसके मुताबिक, फ्लैट में मौजूद महिला ने भी पूरे घटनाक्रम में भूमिका निभाई। हालांकि, इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।

मामला सामने आने के बाद मेरठ में डिलीवरी कर्मचारियों में भी नाराजगी फैल गई। कई डिलीवरी एजेंटों ने घटना के विरोध में काम बंद कर प्रदर्शन और हड़ताल की बात कही। उनका कहना है कि बारिश और धूप में लोगों तक ऑर्डर पहुंचाने वाले डिलीवरी कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पुलिस ने अब इस मामले में आरोपी कपल के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी अपने फ्लैट पर ताला लगाकर फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

घटना के सामने आए वीडियो और शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मारपीट की पूरी वजह और घटनाक्रम को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
बिरजू कुमार पुत्र ज्ञानचंद साहनी

निवासी खनुआ गाँव जिला समस्तीपुरा थाना विद्यापति नगर बिहार
बड़े हनुमान मंदिर भिंड से 9 अगस्त को अचानक लापता हो गया है।अगर किसी ब्यक्ति को कोई जानकारी और सूचना मिले तो इसकी सूचना तुरन्त नजदीकी पुलिस थाने को दे।

6287344295 या भिंड शहर कोतवाली पुलिस को सूचना दे
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भिंड:उमरी थाना प्रभारी ब्रजेन्द्र सिंह सेंगर को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ ।
Video 6
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स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
हे देशवासियों! बहुत-बहुत बधाई 🇮🇳
आपको और आपके परिवार को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा 224 किग्रा मावा एवं 30 किग्रा पनीर जप्त

नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्य प्रदेश के आदेशानुसार एवं कलेक्टर भिण्ड के निर्देश पर व अभिहित अधिकारी के मार्गदर्शन में दिनांक 12 अगस्त 2026 को रात 8:00 बजे खाद्य सुरक्षा अधिकारी कु. रेखा सोनी ने अंबेडकर मार्केट पुस्तक बाजार स्थित राय सिंह बघेल की फर्म न्यू पंडित रामबाबू मावा भंडार से पनीर का नमूना लेकर 30 किलोग्राम पनीर जप्त किया जिसकी कीमत रूपये 8400/-  है। 

इसी क्रम में गत दिवस खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रीना बंसल ने तहसील अटेर के ग्राम बलारपुरा स्थित बाबा डेयरी के प्रोपराइटर आनंद कुमार नरवरिया से मावा का नमूना लेकर 104 किलो मावा जप्त किया एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी कु. रेखा सोनी ने मेहगांव के ग्राम सैपुरा की रमेश डेयरी से मावा का नमूना लेकर 120 किलोग्राम मावा जप्त किया, जप्त मावा की कीमत लगभग रूपये 48000/- है। 

इसी क्रम में आज खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रीना बंसल ने तहसील गोहद के ग्राम चंदहारा में शकुंतला मिल्क प्रोडक्ट के प्रोपराइटर हरिमोहन श्रीवास्तव से गाय का घी एवं मिश्रित दूध के नमूने व श्याम चरण शर्मा के दुग्ध वाहन से दूध का नमूना जांच वास्ते लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे। सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं एवं जांच रिपोर्ट उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जावेगी।
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Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
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गोरमी में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, भारत माता के जयकारों से गूंजा नगर
मेहगांव:नेशनल हाईवे पर अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई
औषधि निरीक्षक डॉ आकांक्षा गरुड ने किया तहसील मेहगाँव स्थित मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण

कोडीन घटक युक्त कॅफ सीरप का असामाजिक तत्वों एवं युवा पीढ़ी द्वारा नशे के रूप में दुरुपयोग की संभावना को ध्यान में रखते हुए नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, भोपाल, कलेक्टर भिण्ड एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिण्ड के निर्देशानुसार औषधि निरीक्षक डॉ आकांक्षा गरुड़ द्वारा आज तहसील मेहगांव क्षेत्र में स्थित मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया गया। तहसील मेहगांव में मुकेश मेडिकल स्टोर, महाकाल मेडिकल स्टोर, राठौर मेडिकल स्टोर, प्रेम मेडिकल स्टोर, जादौन मेडिकल स्टोर, रवि मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण किया गया। 

निरीक्षण की भनक लगते ही चौधरी मेडिकल स्टोर, अनिल मेडिकल स्टोर, पवन मेडिकल स्टोर एवं बजरंग मेडिकल स्टोर के संचालक अपने मेडिकल स्टोर बंद कर भाग गए जिन पर नियमानुसार आगे की कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी। 
निरीक्षण के दौरान औषधियों की गुणवत्ता की जांच करने के लिए 4 औषधियों के सैंपल लिए जाकर भोपाल स्थित औषधि प्रयोगशाला में जांच एवं परीक्षण हेतु भेजे जाने की कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है। 

साथ ही निरीक्षण के दौरान उचित स्थान पर लाइसेंस का प्रदर्शन, दुकानों पर फार्मासिस्ट की उपलब्धता, दुकानों की साफ सफाई, एक्सपाइरी दवाओं के लिए उचित व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर एवं पशुओं के लिए उपयोगी दवाओं को अलग से रखने की व्यवस्था, फ्रिज में संधारित की जाने वाली औषधियों का रख रखाव, बिना पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के शेड्यूल औषधियों का विक्रय नहीं किए जाने एवं औषधियों के क्रय विक्रय अभिलेख का संधारण नियमानुसार रखने संबंधी दिशा निर्देश दिए किये। नियमों की अनदेखी करने वालों पर नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
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🔥 गोरमी की जनता, अब जवाब आपका है!

💡 करीब 1 करोड़ की स्ट्रीट लाइटें बंद… आखिर जिम्मेदार कौन?

गोरमी नगर परिषद में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर लगाई गईं स्ट्रीट लाइटें कुछ समय चलने के बाद बंद पड़ी हैं।
जनता के पैसे से लगी लाइटें अगर जल ही नहीं रहीं, तो इसकी जवाबदेही किसकी है?

👉 आप बताइए—नगर परिषद से इस मामले में सवाल होना चाहिए या नहीं?

👇 कमेंट में सिर्फ “हाँ” या “नहीं” लिखकर अपनी राय जरूर दें।
गोहद पुलिस ने हत्या के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, भेजा जेल…
<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान nis:value=राजस्थान nis:enabled=true nis:link/> के बालोतरा में पत्नी और परिवार से पैसे छिपाने के चक्कर में एक किसान को लाखों रुपये का नुकसान हो गया। प्लॉट बेचकर मिले 5 लाख रुपये चोरी के डर से उसने खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिए थे, लेकिन बाद में वह यह भूल गया कि रकम आखिर किस जगह छिपाई थी।

मांगीलाल मेघवाल नाम के किसान ने करीब एक साल पहले प्लॉट बेचकर मिले 5 लाख रुपये खेत में दबाए थे। बताया गया है कि किसान को भूलने की बीमारी है। इसी वजह से कुछ समय बाद उसे यह याद नहीं रहा कि उसने रुपये खेत के किस हिस्से में छिपाए थे।

जब खेत में कमरे बनवाने की जरूरत पड़ी तो मांगीलाल ने जमीन में छिपाए रुपये तलाशने शुरू किए। करीब 10 बीघा खेत में काफी तलाश करने के बावजूद उसे वह जगह नहीं मिली, जहां उसने रकम दबाई थी।

पैसे नहीं मिलने पर आखिरकार उसने अपनी पत्नी और बेटों को पूरी बात बताई। शुरुआत में परिवार को उसकी बात पर विश्वास नहीं हुआ। हालांकि, मांगीलाल के समझाने के बाद परिजनों ने भी खेत में रकम तलाशनी शुरू कर दी, लेकिन काफी कोशिश के बावजूद पैसे नहीं मिले।

करीब एक साल बाद बारिश के बाद खेत में बुवाई का काम शुरू हुआ। इसी दौरान जमीन से नोटों की गड्डियों वाली एक थैली बाहर निकल आई। किसान की पत्नी और बेटे को जब यह थैली मिली और उन्होंने उसे खोला तो उसमें 500-500 रुपये के नोट थे। लेकिन नोटों की हालत देखकर उनके होश उड़ गए।

थैली में रखे नोटों को दीमक पूरी तरह चट कर चुकी थी। नोट बुरी तरह खराब हो चुके थे और उनके टुकड़े-टुकड़े हो गए थे। इसके बाद परिवार ने इन नोटों को बदलवाने के लिए बैंक का रुख किया।

परिजन सबसे पहले पचपदरा स्थित एसबीआई बैंक पहुंचे, लेकिन नोटों की हालत देखते हुए बैंक ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे बालोतरा स्थित बैंक की मुख्य शाखा में भी पहुंचे, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली।

5 लाख रुपये की रकम बचाने की उम्मीद में परिवार ने बैंक से मदद लेने की कोशिश की, लेकिन दीमक से बर्बाद हुए नोटों के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। किसान की एक भूल ने परिवार को लाखों रुपये के नुकसान में डाल दिया।
शिवपुरी के पिछोर में तिरंगा यात्रा के दौरान हेलमेट नहीं पहनने पर विधायक प्रीतम सिंह लोधी का 300 रूपये का चालान कट गया , हलाकि विधायक ने कहा की ज्यादा उत्साह में आ गये इस वजह से हेलमेट नहीं लगा पाया लेकिन दरोगा जी वास्तव में नियम कानून से काम कर रहे हैं तो हम उसको फॉलो भी करते हैं...
<nis:link nis:type=tag nis:id=छत्तीसगढ़ nis:value=छत्तीसगढ़ nis:enabled=true nis:link/> कैडर के 2022 बैच के ट्रेनी IPS अधिकारी राहुल बंसल इन दिनों एक कथित ₹1 करोड़ की रिश्वत के मामले को लेकर चर्चा में हैं। आरोप है कि साइबर फ्रॉड के एक मामले को निपटाने के लिए राहुल बंसल और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने ₹1 करोड़ की रिश्वत मांगी और स्वीकार की। मामले में दिल्ली की स्पेशल CBI कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के DGP और CBI निदेशक से Action Taken Report मांगी है। आरोपों की जांच अभी जारी है और इन्हें साबित तथ्य नहीं माना गया है।

इस मामले के बीच राहुल बंसल का सिविल सेवा की तैयारी के दौरान का एक पुराना मॉक इंटरव्यू वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह भ्रष्टाचार पर बात करते हुए अपने परिवार से जुड़ा एक अनुभव साझा करते नजर आते हैं।

बंसल ने बताया था कि उनके भाई IIT कानपुर में पढ़ाई के दौरान एक रिसर्च पेपर पेश करने के लिए अमेरिका जाने वाले थे। इसके लिए तत्काल जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत थी। उनके मुताबिक, इसे जल्दी बनवाने के लिए एक पंचायत अधिकारी ने ₹500 की रिश्वत मांगी थी। बंसल ने इंटरव्यू में कहा था कि ₹500 की रिश्वत देने में उन्हें बहुत बुरा लगा था।

हालांकि, उसी बातचीत में उन्होंने यह भी कहा था कि व्यवस्था में कुछ लोग भ्रष्ट हो सकते हैं, लेकिन इसके आधार पर पूरी व्यवस्था को भ्रष्ट नहीं कहा जा सकता।

अब जब उनके खिलाफ ₹1 करोड़ की रिश्वत का आरोप सामने आया है, तो उनका यही पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। इस मामले में राहुल बंसल के साथ ASI प्रवीण कुमार राठौर और कांस्टेबल अंशुल शर्मा के नाम भी शिकायत में शामिल हैं।

फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। दिल्ली की स्पेशल CBI कोर्ट द्वारा Action Taken Report मांगे जाने के बाद आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा पर नजर है।
गोरमी की पोरसा रोड पर मौत का खतरा! डिवाइडर से 2 फीट बाहर निकला टूटा पोल
थाना मेहगांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दुष्कर्म के आरोपी को 24 घंटे के भीतर किया गिरफ्तारभिंड (मध्य प्रदेश):मध्य प्रदेश के भिंड जिला अंतर्गत थाना मेहगांव पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दुष्कर्म के एक आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज कुमार वर्मा (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल और SDOP मेहगांव संजय कोच्छा के निर्देशन व मार्गदर्शन में की गई।क्या है पूरा मामला?पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 11 अगस्त 2026 को फरियादिया ने थाना मेहगांव में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने उसकी करीब 9 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ मारपीट की, उसे डराया-धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म (गलत काम) की वारदात को अंजाम दिया।शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 65(2), 115(2), 351(3) और 5एम/6 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत अपराध क्रमांक 229/26 दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया।टीम गठित कर आरोपी को दबोचामामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने आरोपी के छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी को ग्राम धनौली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से जेल वारंट बनने पर उसे जेल भेज दिया गया है।
लखनऊ में विदेशी महिलाओं से जुड़े हाई-प्रोफाइल देह व्यापार और मानव तस्करी के कथित नेटवर्क की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस की कार्रवाई में उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला कायूमोवा को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, लोला पर उज्बेकिस्तान और नेपाल के रास्ते महिलाओं को भारत लाने और उन्हें इस नेटवर्क में शामिल करने का आरोप है।

जांच के मुताबिक, विदेशी महिलाओं को लखनऊ के पॉश इलाकों में किराये के फ्लैटों में रखा जाता था। इससे पहले गोल्फ सिटी इलाके के एक फ्लैट से उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं के मिलने के बाद मामले की जांच शुरू हुई थी। पूछताछ में महिलाओं ने लोला कायूमोवा और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी दी थी।

पुलिस जांच में फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेजों का एंगल भी सामने आया है। आरोप है कि विदेशी महिलाओं की पहचान छिपाने और भारत में रहने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। लोला के नाम से भी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे भारतीय पहचान दस्तावेज सामने आने की बात जांच में कही गई थी।

इस पूरे मामले में प्लास्टिक सर्जरी का एंगल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। जांच एजेंसियों के मुताबिक, डॉक्टर विवेक गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने विदेशी महिलाओं की पहचान और चेहरे की बनावट बदलने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी की। पुलिस के अनुसार, लोला ने खुद भी अपनी उम्र और पहचान छिपाने के लिए कई प्लास्टिक सर्जरी कराई थीं।

जांच में यह भी सामने आया कि लोला कथित तौर पर महिलाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर भारत लाती थी। आरोप है कि भारत आने के बाद उनके पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों पर नियंत्रण कर उन्हें हाई-प्रोफाइल देह व्यापार नेटवर्क में धकेला जाता था।

लोला पर लंबे समय से भारत में अवैध रूप से रहने और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के भी आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों, भारत में विदेशी महिलाओं को लाने वाले नेटवर्क और इस पूरे मामले में डॉक्टर समेत अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

इस मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि विदेशी महिलाओं की पहचान बदलने के लिए कथित तौर पर सर्जरी और फर्जी भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इससे जांच सिर्फ देह व्यापार तक सीमित नहीं रह जाती, बल्कि मानव तस्करी, विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवास और पहचान संबंधी दस्तावेजों की कथित धोखाधड़ी तक पहुंचती है।

पुलिस और संबंधित एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे, कितनी विदेशी महिलाएं भारत लाई गईं और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किन लोगों की भूमिका रही।

मामले में सामने आए सभी आरोप जांच का विषय हैं। पुलिस की जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति तय होगी।
जयपुर में आधी रात एक फ्लैट में लगी आग के बीच कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत ने अपनी जान की परवाह किए बिना ऐसा साहस दिखाया कि सात लोगों की जिंदगी बच गई। धुएं से भरे फ्लोर पर फंसे लोगों के लिए वह उस वक्त किसी फरिश्ते से कम नहीं थे।

घटना सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे की है। कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत अपने साथी सिपाही छितरमल के साथ डायल 112 वाहन पर ड्यूटी कर रहे थे। खातीपुरा मोड़ के पास से गुजरते समय पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि सिरसी रोड स्थित मुस्कान रेजिडेंसी की तीसरी मंजिल पर आग लगी है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम करीब तीन मिनट में मौके पर पहुंच गई। वहां लोगों की भीड़ जमा थी और बताया गया कि दो फ्लैटों में कुल सात लोग फंसे हुए हैं। आग के कारण पूरे फ्लोर पर धुआं फैल चुका था और अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने धुएं के बीच पहुंचकर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस दौरान एक बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर सुरक्षित बाहर लाने का उनका साहस लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

सुरेश चंद शेरावत जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित माचवा गांव के रहने वाले हैं। वर्ष 2013 में वह राजस्थान पुलिस में भर्ती हुए थे और पिछले करीब दो वर्षों से जयपुर आयुक्तालय के वैशाली नगर थाने में तैनात हैं।

आधी रात आग की सूचना मिलने के बाद जिस तरह उन्होंने बिना अपनी सुरक्षा की चिंता किए बचाव अभियान में हिस्सा लिया, उसकी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी सराहना की है। बताया गया है कि अधिकारियों ने फोन कर कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत के साहस की तारीफ की।

एक पुलिसकर्मी के लिए ड्यूटी सिर्फ कानून व्यवस्था संभालना नहीं, बल्कि जरूरत के वक्त लोगों की जिंदगी बचाने का जिम्मा भी है। सुरेश चंद शेरावत की इस बहादुरी ने इसी जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है।
हर कदम पर मुश्किल, शरीर से दिव्यांगता और फिर भी मन में अटूट आस्था। दिव्यांग अनिल भोला की कांवड़ यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। बताया जा रहा है कि अनिल ने हरिद्वार से गंगाजल लेकर करीब 8 दिनों तक कठिन यात्रा की और मेरठ के औघड़नाथ मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया।

अनिल भोला ने 3 अगस्त को हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपनी कांवड़ यात्रा शुरू की थी। यात्रा आसान नहीं थी। वायरल वीडियो में वह जमीन पर अपने हाथों के सहारे आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी यात्रा जारी रखी और कांवड़ लेकर मेरठ के औघड़नाथ मंदिर तक पहुंचे।

अनिल की यात्रा से जुड़ा वीडियो पत्रकार राजू शर्मा ने अपने एक्स अकाउंट पर साझा किया। उनके मुताबिक, अनिल भोला ने पूरी यात्रा हाथों के सहारे चलकर पूरी की। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके हौसले और भक्ति की सराहना कर रहे हैं।

सावन के महीने में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु पवित्र नदियों से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। कई श्रद्धालु यह यात्रा नंगे पैर पूरी करते हैं और रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद अपनी यात्रा जारी रखते हैं।

अनिल भोला की कहानी भी इसी आस्था और संकल्प से जुड़ी है। यात्रा के दौरान उन्हें थकान और मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपना संकल्प नहीं छोड़ा। आखिरकार वह गंगाजल लेकर मेरठ पहुंचे और औघड़नाथ मंदिर में जल अर्पित किया।

अनिल की यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। पोस्ट पर प्रतिक्रिया देने वाले लोग उनके जज्बे को सलाम कर रहे हैं और कमेंट में हर हर महादेव लिख रहे हैं।

अनिल भोला की यह यात्रा इस बात की मिसाल बनकर सामने आई है कि मजबूत संकल्प और आस्था इंसान को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का हौसला दे सकती है।
कौन होगा अगला विधायक
गोरमी में बंदरों का आतंक, दुकानदार और रहवासी परेशान

मेन बाजार में करीब 10 बंदरों का जमावड़ा, दुकानों से सामान उठाकर भाग रहे बंदर; छतों पर जाने वाले लोगों पर हमला कर काटने का आरोप

गोरमी। गोरमी नगर में इन दिनों बंदरों का आतंक लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बना हुआ है। नगर के कई इलाकों के साथ-साथ मेन बाजार में करीब 10 बंदरों का झुंड लगातार घूमता नजर आ रहा है। बंदर दुकानों में घुसकर सामान उठाकर ले जाते हैं और दुकानदारों को परेशान कर रहे हैं। वहीं घरों की छतों पर पहुंचने वाले लोगों पर भी बंदरों के हमले की शिकायतें सामने आ रही हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बंदरों का झुंड दिनभर बाजार और रहवासी इलाकों में घूमता रहता है। बंदर दुकानों के बाहर रखे सामान को उठाकर भाग जाते हैं। दुकानदार उन्हें भगाने का प्रयास करते हैं तो कई बार बंदर आक्रामक होकर हमला करने की कोशिश करते हैं। इससे दुकानदारों में डर का माहौल बना हुआ है।