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Tv20 Bihar

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जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर के निदेश पर गंडक एवं बागमती नदी के जल के आस-पास के इलाक़ों में फैल जाने से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप सभी कार्य किया जा रहा है। सामुदायिक रसोई केन्द्रों का संचालन, पॉलीथिन शीट्स का वितरण, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ टीम द्वारा आवश्यकतानुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, सूखा राशन का वितरण, स्वास्थ्य जाँच तथा दवाओं की उपलब्धता, नावों का परिचालन, कुट्टी-भूसा पशु चारा का वितरण एवं पशु चिकित्सा की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, शौचालय की सुविधा, तटबंधों की निगरानी एवं सुदृढ़ीकरण सहित आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से हर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों सहित सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने; बच्चों, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों सहित आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है। ज़िलाधिकारी श्री कुमार गौरव स्वयं वरीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र भ्रमण एवं पारू में लगातार कैम्प कर रहे हैं तथा राहत एवं बचाव कार्यों का अनुश्रवण कर रहे हैं। उनके द्वारा स्थानीय लोगों एवं जन प्रतिनिधियों से भी संवाद स्थापित कर उनका सुझाव एवं फीडबैक लिया जा रहा है।

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*जिलाधिकारी ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अफ़वाह पर ध्यान न दें। अपुष्ट, अप्रामाणिक एवं भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित न करें। प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं पर ही ध्यान दें तथा बाढ़ की स्थिति में बचाव हेतु सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अनुपालन करें।*
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जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों में जल-स्तर अभी पीक पर है। गंडक नदी के रेवा घाट स्थित गेज स्थल पर वर्तमान में नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया है तथा जलस्तर में वृद्धि की प्रवृत्ति बनी हुई है।ऐसी क्रिटिकल परिस्थिति के बावजूद प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर आवश्यक बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराते हुए स्थल को सुरक्षित किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है तथा तटबंध पर सतत निगरानी एवं चौकसी की जा रही है। उन्होंने कहा कि नदियों के जल-स्तर में जल्द ही कमी आएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण अभी नदियों में जल स्तर अधिकतम है। इसके आलोक में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूर्णतः तैयार है। *लोग पैनिक न हों लेकिन सजग एवं सतर्क रहें*। संपूर्ण आपदा प्रबंधन तंत्र आपकी सहायता हेतु तत्पर है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम सक्रिय है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार मरम्मती एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग को सजग एवं सक्रिय होकर स्थिति के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया है। क्षेत्रीय अधिकारियों को आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों के जान-माल की सुरक्षा एवं ससमय राहत पहुँचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर लोगों द्वारा जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (0621-2212007), राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार, पटना के हेल्पलाइन नंबर (0612-2294204/205) या आपातकालीन सहायता नंबर 1070 पर सूचना दी जा सकती है।
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ज़िलाधिकारी, मुज़फ़्फ़रपुर श्री कुमार गौरव द्वारा नेपाल में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण गंडक नदी में अत्यधिक जलस्राव के मद्देनजर अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, मुज़फ़्फ़रपुर, अनुमंडल पदाधिकारी; अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी; कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग, अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों के साथ रेवा घाट, रतनपुर डीही सहित गंडक नदी के तटबंध के अन्य संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया गया। सायंकाल उन्होंने नगर आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों के साथ साहेबगंज एवं पारू में भी विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। ज़िलाधिकारी द्वारा स्थानीय लोगों से भी फीडबैक लिया गया। सरैया, पारू एवं साहेबगंज के अंचल अधिकारियों (सीओ) सहित सभी संबंधित अधिकारियों को एसओपी के अनुसार हरेक प्रबंध सुनिश्चित रखने के साथ अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा के मद्देनज़र विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूर्णतः तैयार है। लोग पैनिक न हों लेकिन सजग एवं सतर्क रहें। संपूर्ण आपदा प्रबंधन तंत्र आपकी सहायता हेतु तत्पर है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम अलर्ट है। तटबंधों की निगरानी की जा रही है। क्षेत्रीय अधिकारियों को आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों को निदेश दिया गया है कि नदियों के जल-स्तर, मौसम विभाग द्वारा दी जा रही सूचनाओं तथा वर्षापात के आंकड़ों पर लगातार नजर रखें। एसओपी के अनुसार क्षेत्रीय पदाधिकारी यथा अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तुरंत रिस्पॉन्ड करेंगे। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर मिशन मोड में काम करने का निदेश दिया गया है।उन्होंने कहा कि बाढ़ आने की स्थिति में प्रभावितों के जान-माल की सुरक्षा एवं ससमय राहत पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, पी.एच.ई.डी., पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग सहित संबंधित सभी विभागों के पदाधिकारी आपस में सुदृढ़ समन्वय तथा सार्थक संवाद स्थापित रखें एवं परिस्थिति के अनुसार त्वरित गति से कार्य करें।

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*जिलाधिकारी ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अफ़वाह पर ध्यान न दें। अपुष्ट, अप्रामाणिक एवं भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित न करें। प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं पर ही ध्यान दें तथा बाढ़ की स्थिति में बचाव हेतु सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अनुपालन करें।*
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*किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए संपर्क करें*:

(1) जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र, मुजफ्फरपुर : 0621-2212007

(2) राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार, पटना: हेल्पलाइन नंबर: 0612-2294204/205, आपातकालीन सहायता नंबर: 1070
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शहीद भगत सिंह की जयंती पर SFI का सवाल -युवाओं को रोजगार और बेहतर शिक्षा कब? <nis:link nis:type=tag nis:id=युवा nis:value=युवा nis:enabled=true nis:link/> -सवाद का हुआ आयोजन.

 मुजफ्फरपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), मुजफ्फरपुर के बैनर तले शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा एवं युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान युवा सवाद की शुरुआत करते हुए SFI के जिला सयोजक आरिफ हुसैन ने कहा कि भगत सिंह केवल स्वतंत्रता आंदोलन के योद्धा नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक बराबरी, वैज्ञानिक सोच, शिक्षा, रोजगार और शोषणमुक्त समाज के पक्षधर थे। उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
युवा संवाद के दौरान बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा एवं रोजगार के निजीकरण, किसानों-मजदूरों की समस्याओं, सांप्रदायिकता और नफरत की राजनीति तथा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा जैसे सवालों पर चर्चा की गई।
युवा सवाद के मुख्य वक्ता DYFI के जिला सयोजक संतोष कुमार यादव ने कहा  कि आज युवाओं के सामने रोजगार और बेहतर शिक्षा का गंभीर संकट है। ऐसे समय में भगत सिंह के विचारों को केवल स्मरण करने के बजाय उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिए युवाओं को सामाजिक सरोकारों और जनहित के सवालों पर संगठित होकर आवाज उठानी होगी।
कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने “सोचो, समझो, संगठित हो” के आह्वान के साथ सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा और रोजगार के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।इस युवा सवाद को baspa जिला सचिव उमा शंकर,मास्टर जाहिर, अली अहमद, मानियारी यूनिट अध्यक्ष एहशान, फरहान, चाँद, शादाब ने भी सम्बोधित किया.
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का आक्रोश मार्च, समाहरणालय पर पुतला दहन

मुजफ्फरपुर। जिला कांग्रेस कमेटी पश्चिमी की ओर से सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला गया। जिलाध्यक्ष कृपाशंकर शाही के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुदीराम बोस स्मारक से मार्च शुरू किया, जो जिला समाहरणालय पहुंचकर समाप्त हुआ। वहां कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित हुए हैं। नेताओं ने दावा किया कि इससे वर्तमान सरकार को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। साथ ही चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रत्येक योग्य मतदाता के मतदान अधिकार की रक्षा की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष कृपाशंकर शाही ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक योग्य मतदाता को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ी और मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित किए जाने की शिकायतों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस नेता सुरेश शर्मा नीरज ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वर्तमान सरकार के विरोध में यह आक्रोश मार्च निकाला गया है। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी के प्रभारी डॉ. कपिल देव प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
मुजफ्फरपुर पश्चिमी स्थापना प्रभारी आलोक शर्मा ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से आम मतदाता के अधिकार प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।
कुढ़नी सीएचसी में  पुनः शुरू हुआ सफल सिजेरियन प्रसव, महिलाओं को बड़ी राहत*

डीएम के निर्देश का असर, एक सप्ताह में शुरू पुनः हुई सी-सेक्शन सुविधा*

पर्यटन मंत्री की शिकायत के बाद डीएम ने किया था औचक निरीक्षण

डीपीएम व पिरामल टीम ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के लिए राहत की खबर है। जिलाधिकारी डॉ कुमार गौरव के निर्देश के बाद सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुढ़नी में पुनः सिजेरियन (सी-सेक्शन) प्रसव सफलतापूर्वक कराया गया। इससे प्रसव संबंधी जटिलता की स्थिति में स्थानीय महिलाओं को जिला मुख्यालय के बड़े अस्पतालों या निजी क्लीनिकों की दौड़ लगाने से राहत मिलेगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अब सीएचसी में नियमित सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

*एक सप्ताह में शुरू हुई सुविधा* 

बता दें कि बीते सोमवार को बिहार के पर्यटन मंत्री सह स्थानीय कुढ़नी विधायक केदार प्रसाद गुप्ता ने सीएचसी के बारे में जिलाधिकारी को जानकारी दी थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने बीते मंगलवार को औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर सिजेरियन ऑपरेशन शुरू करने का निर्देश दिया था। निरीक्षण में सामने आई कमियों को भी तत्काल दुरुस्त किया गया।

*विशेषज्ञ टीम ने कराया सुरक्षित प्रसव* 

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रीता रेनू चौधरी के नेतृत्व में महिला चिकित्सक डॉ. श्वेता कुमारी, एनेस्थेटिस्ट डॉ. विजय कुमार, ओटी प्रभारी पंकज कुमार, ओटी सहायक विक्रम कुमार तथा जीएनएम आकृति कुमारी और श्वेता कुमारी की टीम ने ऑपरेशन कराया।

*जिला टीम ने परखी स्वास्थ्य व्यवस्था*

ऑपरेशन के दौरान जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम सलीम जावेद और जिला पिरामल टीम ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बीएचएम, बीसीएम समेत अन्य कर्मी भी मौजूद रहे। सुविधा शुरू होने से कुढ़नी व आसपास की पंचायतों की गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर सिजेरियन प्रसव की सुविधा मिल सकेगी।
प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में बिहार विधान परिषद के द्वि-वार्षिक निर्वाचन, 2026 के सफल संचालन हेतु बैठक आयोजित; मंगलवार से शुरू हो रहे नाम-निर्देशन की तैयारियों सहित निर्वाचन संबंधी सभी कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा
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नामांकन करने हेतु आने वाले अभ्यर्थियों की सहायता हेतु हेल्पडेस्क क्रियाशील रहेगा; नाम-निर्देशन की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी सुनिश्चित की जाएगी; सीसीटीवी के माध्यम से परिसर में गतिविधियों की निगरानी की जाएगी : प्रमंडलीय आयुक्त
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आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः अनुपालन सभी राजनैतिक दलों, अभ्यर्थियों, सरकारी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए समान रूप से अनिवार्य; विधि-व्यवस्था संधारण से कोई समझौता नहीं: प्रमंडलीय आयुक्त
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भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें; किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी: प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को दिया निदेश 

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निर्वाचन का हर चरण महत्वपूर्ण; स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में चुनाव संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता; संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहे: प्रमंडलीय आयुक्त

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निर्वाची पदाधिकारी, तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-सह-आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर श्री गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में आज आयुक्त कार्यालय में बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्वि-वार्षिक निर्वाचन, 2026 के सफल एवं सुचारू संचालन हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में *मंगलवार, 29 सितंबर से प्रारंभ हो रहे नाम-निर्देशन की तैयारियों, विभिन्न कोषांगों के अधिकारियों एवं कर्मियों के दायित्वों, निर्वाचन संबंधी कार्यों सहित भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया*। प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया।

इस बैठक में आयुक्त के साथ जिला पदाधिकारी, मुज़फ़्फ़रपुर; वरीय पुलिस अधीक्षक, मुज़फ़्फ़रपुर; आयुक्त के सचिव; उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी/ पश्चिमी, अपर पुलिस अधीक्षक, नगर-१, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी -२ एवं अन्य भी उपस्थित थे।

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट के आलोक में बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्वि-वार्षिक निर्वाचन, 2026 हेतु नाम-निर्देशन का कार्य दिनांक 29.09.2026 से प्रारंभ हो रहा है जो 06.10.2026 तक चलेगा। नामांकन पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 03:00 बजे तक आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर में किया जाएगा। 07 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी तथा अभ्यर्थिता वापसी की अंतिम तिथि 09 अक्टूबर निर्धारित है।

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नाम-निर्देशन की प्रक्रिया को सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने हेतु स्नातक व शिक्षक निर्वाचन हेतु एक-एक डेडिकेटेड (समर्पित) नामांकन कोषांग (नोमिनेशन सेल) का गठन किया गया है। यह सतत क्रियाशील है। कोषांग में सहायक निर्वाची पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों तथा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से सम्यक निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

नाम-निर्देशन कोषांग की जिम्मेदारी एवं समन्वय
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प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नाम-निर्देशन कोषांग के संपूर्ण प्रभार में श्री संदीप शेखर प्रियदर्शी, आयुक्त के सचिव, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर हैं। वे कोषांग से संबंधित सभी गतिविधियों का पर्यवेक्षण करेंगे तथा प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर श्री सत्यप्रिय कुमार द्वारा इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

नामांकन प्रक्रिया एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा
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बैठक में नामांकन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, आवश्यक प्रपत्रों, तकनीकी व्यवस्थाओं, अभ्यर्थियों की सुविधा, आदर्श आचार संहिता के अनुपालन तथा विधि-व्यवस्था संधारण की तैयारियों से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नामांकन के लिए आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु सहायक निर्वाची पदाधिकारी के स्तर पर हेल्पडेस्क क्रियाशील रहेगा, जो प्रत्येक कार्यालय दिवस पर कार्यालय अवधि में कार्यरत रहेगा। हेल्पडेस्क पर अद्यतन मतदाता सूची उपलब्ध रहेगी। प्रतिनियुक्त कर्मी अभ्यर्थी एवं प्रस्तावक के नाम तथा क्रमांक का निर्वाचक सूची से मिलान करेंगे तथा नामांकन से संबंधित आवश्यक प्रपत्र एवं जानकारी उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को शपथ-पत्र प्रारूप-26 के सभी स्तंभों को सही तरीके से भरने, आवश्यक घोषणाएं संलग्न करने तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का अनुपालन करने के संबंध में आवश्यक जानकारी तथा सहायता हेल्पडेस्क पर नियमानुसार उपलब्ध कराया जाए।

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि नामांकन के अवसर पर नियंत्रण कक्ष क्रियाशील रहेगा। यहाँ दंडाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी।

नामांकन के लिए निर्धारित प्रावधान
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प्रमंडलीय आयुक्त ने नामांकन प्रक्रिया से संबंधित प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि नाम-निर्देशन निर्धारित प्रारूप-2E में किया जाएगा। एक अभ्यर्थी अधिकतम चार सेट में नामांकन दाखिल कर सकता है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए जमानत राशि 10,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 5,000 रुपये निर्धारित है। प्रस्तावकों की संख्या के संबंध में उन्होंने बताया कि मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के अभ्यर्थियों के लिए निर्वाचकों की कुल संख्या का 10 प्रतिशत अथवा 10 प्रस्तावक, जो भी न्यूनतम हो, आवश्यक है। निर्दलीय अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 10 प्रस्तावक आवश्यक हैं। *यह प्रस्तावक तिरहुत शिक्षक/स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के वैध निर्वाचक ही हो सकते हैं*। बैठक में नामांकन प्रक्रिया के अंतर्गत उपयोग में लाए जाने वाले विभिन्न प्रपत्रों, जैसे निर्वाचन की सूचना, नाम-निर्देशन पत्र, शपथ-पत्र, विधिमान्य अभ्यर्थियों की सूची, अभ्यर्थिता वापसी की सूचना, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तथा निर्वाचन अभिकर्ता एवं मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति से संबंधित प्रपत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया।

*नामांकन की प्रक्रिया के अन्तर्गत उपयोग में लाये जाने वाले प्रारूप-*
- प्रारूप 1 - निर्वाचन की सूचना।
- प्रारूप 2ड - नामनिर्देशन-पत्र।
- प्रारूप 26 - शपथ-पत्र।
- संविधान के अनुच्छेद 173 (ए) - शपथ-पत्र प्राप्त करने का प्रमाण-पत्र।
- प्रारूप 3ग - नामनिर्देशन की सूचना।
- प्रारूप 4 - विधिमान्यत: नामनिर्देशित अभ्यर्थियों की सूची।
- प्रारूप 5 - अभ्यर्थिता वापस लेने की सूचना (पावती रसीद सहित)।
- प्रारूप 6 - अभ्यर्थिता वापस लिये जाने की सूचना (सूची)।
- प्रारूप 7ख - निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची।
- प्रारूप 8 - निर्वाचन अभिकर्ता की नियुक्ति।
- प्रारूप 10 - मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति।
- पहचान पत्र - अभ्यर्थी एवं निर्वाचन अभिकर्ता का पहचान पत्र तैयार करना।

पारदर्शिता एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन
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प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन का प्रत्येक चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही के साथ करें। *अधिकारियों को निर्वाचन का गुर सिखाते हुए आयुक्त ने कहा कि सभी को अपने कार्यों में पारदर्शिता बनाये रखनी है। उन्हें सिर्फ पारदर्शी रहना ही नहीं बल्कि पारदर्शी दिखना* भी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त सभी पदाधिकारी एवं कर्मी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण एवं अनुशासन के अधीन कार्य करते हैं। अतः सभी अधिकारी आयोग के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।

प्रमंडलीय आयुक्त ने निर्देश दिया कि आयोग के आदेश के अनुसार नाम-निर्देशन की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए नामांकन कक्ष में दक्ष वीडियोग्राफर की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आयोग के निर्देशानुसार सीसीटीवी के माध्यम से परिसर में गतिविधियों की निगरानी की जाए।

आदर्श आचार संहिता एवं विधि-व्यवस्था संधारण
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प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि आदर्श आचार संहिता का अनुपालन सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों, सरकारी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए समान रूप से अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों, निर्देशों, अनुदेशों एवं परिपत्रों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने नामांकन स्थल पर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। नामांकन स्थल के 100 मीटर की परिधि में वाहनों के प्रवेश को निर्धारित मानकों के अनुरूप नियंत्रित किया जाएगा। वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के स्तर से निर्वाची पदाधिकारी के नामांकन कक्ष के बाहर पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी को विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक के बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने कार्यालय का निरीक्षण कर नामांकन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने हेल्प डेस्क, नियंत्रण कक्ष, नाम निर्देशन कक्ष इत्यादि का निरीक्षण किया। मानकों के अनुरूप तैयारी पूर्ण है। 

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि *बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का द्वि-वार्षिक निर्वाचन, 2026 स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण वातावरण* में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को *सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध* रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आजादी के बाद भी विकास से कोसों दूर बड़कागांव का टोला बिनवा के ढाह, विधायक ने ली सुधि

कांटी विधायक के सामने ग्रामीणों ने सुनाया अपना दर्द : दो हजार की आबादी आज भी पक्की सड़क, स्कूल, बिजली और रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरस रही
 
मड़वन प्रखंड के बड़का गांव स्थित बिनवा के ढाह टोला के ग्रामीण आज भी विकास की बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। करीब दो हजार की आबादी वाले इस टोले तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क से कोई पक्की सड़क नहीं है। ग्रामीणों को पगडंडी और संकरे रास्ते से आवागमन करना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। कीचड़ और जलजमाव के बीच आवागमन ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
 
ग्रामीणों की समस्याओं को जानने के लिए सोमवार को स्थानीय विधायक ई. अजीत कुमार टोले में पहुंचे और लोगों से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियां सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि टोले में सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एक भी भवन नहीं है। बच्चों को पढ़ाई के लिए तीन से चार किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है। बिजली के पोल और तार जर्जर होने के कारण आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। टोले में सोलर लाइट की भी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र समेत कई अन्य सुविधाओं की मांग विधायक के समक्ष रखी।
    विधायक ई. अजीत कुमार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मुख्य सड़क से टोले को जोड़ने के लिए जी. रामजी योजना अथवा विधायक मद से जल्द काम कराया जाएगा। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल तथा प्रकाश व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों से बात कर समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
   मौके पर पैक्स अध्यक्ष निरंजन सुमन, रंजीत सिंह, पप्पू गुप्ता, श्रीकांत तिवारी, गुड्डू भगत, विश्वनाथ प्रताप सिंह, मालती देवी, राजू शाही, रमेश महतो, शिवनाथ महतो, अजीत तिवारी, मुन्ना मियां समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।