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Sitamarhi District Administration

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बाजपट्टी स्थित मॉडल स्कूल: शिक्षा, सुविधाओं और नवाचार की एक झलक : ⤵️
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CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Education Department General Administration Department, Govt. of Bihar
जिला पदाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया द्वारा बाजपट्टी प्रखंड अंतर्गत सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) का निरीक्षण किया गया।
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 CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar General Administration Department, Govt. of Bihar Bihar Education Department
कायाकल्प अभियान से बदल रही सरकारी संस्थानों की तस्वीर ⤵️
जिलाधिकारी, सीतामढ़ी श्री तनय सुल्तानिया के निर्देश के आलोक में जिले में कायाकल्प अभियान को गति दी जा रही है।
अभियान का उद्देश्य सरकारी संस्थानों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण विकसित करना तथा आमजन को बेहतर एवं सहज सेवाएं उपलब्ध कराना है।

इसके तहत सरकारी संस्थानों की व्यवस्थाओं का निरंतर अनुश्रवण एवं निरीक्षण किया जा रहा है। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग, स्वच्छता, रख-रखाव तथा आवश्यक सुविधाओं में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बेहतर व्यवस्था • स्वच्छ वातावरण • सुदृढ़ आधारभूत संरचना • गुणवत्तापूर्ण सेवा

यही है कायाकल्प अभियान के माध्यम से बेहतर एवं जनोन्मुखी प्रशासन की दिशा में सीतामढ़ी की पहल।
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**एसडीओ आनंद कुमार ने मॉडल विद्यालय का किया  निरीक्षण, विद्यार्थियों के साथ क्विज प्रतियोगिता में लिया भाग; विजेता बच्चों को किया पुरस्कृत**

 **सीतामढ़ी।** जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार मॉडल विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्ध सुविधाओं एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की निरंतर निगरानी के क्रम में सीतामढ़ी सदर के अनुमंडल पदाधिकारी **श्री आनंद कुमार** ने आज पुनः सीतामढ़ी उच्च विद्यालय, डुमरा का निरीक्षण किया।

 निरीक्षण के दौरान एसडीओ श्री आनंद कुमार ने विद्यालय में आयोजित **क्विज प्रतियोगिता** में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों से विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे तथा विद्यार्थियों के ज्ञान, तर्कशक्ति और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन के साथ-साथ ऐसी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

 <nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> विद्यार्थियों से लिया फीडबैक

 एसडीओ ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर विद्यालय में उपलब्ध **शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं** के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने कक्षाओं, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेलकूद सहित अन्य सुविधाओं के उपयोग एवं उपलब्धता के बारे में विद्यार्थियों से जानकारी प्राप्त की।

 इसके साथ ही उन्होंने बच्चों से **पठन-पाठन की गुणवत्ता, शिक्षकों के सहयोग, विषयवार कठिनाइयों तथा विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण** को लेकर भी फीडबैक लिया। विद्यार्थियों द्वारा बताए गए सुझावों एवं समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधार की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया गया।

 <nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> पढ़ाई के साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर जोर

 अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ **क्विज, खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों** को भी प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहने, नियमित अध्ययन करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

 उन्होंने शिक्षकों से भी विद्यार्थियों की व्यक्तिगत शैक्षणिक जरूरतों पर ध्यान देने तथा जिन बच्चों को किसी विषय में कठिनाई हो रही है, उन्हें आवश्यक अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।

 <nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> विजेता विद्यार्थियों को किया गया पुरस्कृत

 क्विज प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अनुमंडल पदाधिकारी श्री आनंद कुमार द्वारा **पुरस्कार एवं प्रशस्ति/प्रोत्साहन सामग्री** प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने विजेता एवं प्रतिभागी सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतियोगिताओं में भाग लेना स्वयं में सीखने और आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर है।

 उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

 <nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> मॉडल विद्यालयों को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास

 एसडीओ श्री आनंद कुमार ने कहा कि मॉडल विद्यालयों में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों का विद्यार्थियों को अधिकतम लाभ मिले, इसके लिए उनका नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन एवं शिक्षकों से शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अनुशासन एवं सकारात्मक वातावरण को और बेहतर बनाने पर बल दिया।

 इस अवसर पर उन्होंने बिहार सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को बेहतर अवसर एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए **माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी एवं बिहार सरकार के प्रति विशेष आभार** व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन एवं बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करना है।

 विद्यालय में एसडीओ के पुनः आगमन, विद्यार्थियों से सीधे संवाद, क्विज प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। विद्यार्थियों ने भी अपनी पढ़ाई एवं विद्यालय से संबंधित अनुभव साझा किए।

 जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य मॉडल विद्यालयों में **शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों की भागीदारी तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर मजबूत करना** और बच्चों के लिए बेहतर एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
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मॉडल स्कूलों में पहुंचकर पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह, शैक्षणिक व्यवस्था का लिया जायजा

जिलाधिकारी ने सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), बाजपट्टी का किया निरीक्षण, विद्यार्थियों से संवाद कर लिया फीडबैक

जिले के सभी 21 मॉडल विद्यालयों में बुधवार को शैक्षणिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत नामित नोडल पदाधिकारी अपने-अपने विद्यालयों में पहुंचे और विद्यार्थियों के साथ संवाद कर शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता की। इस दौरान विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लेने के साथ-साथ विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया। अभिभावक-छात्र संवाद कार्यक्रम, शैक्षणिक जागरूकता गतिविधियों एवं अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।

इसी क्रम में जिलाधिकारी, सीतामढ़ी श्री तनय सुल्तानिया ने सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), बाजपट्टी पहुंचकर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था एवं उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय के विभिन्न कक्षों एवं शैक्षणिक संसाधनों का अवलोकन करते हुए विद्यालय प्रबंधन से शिक्षण व्यवस्था तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

सरकार द्वारा जिले में 21 मॉडल विद्यालयों का निर्माण कराया गया है। इन विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय सहित विभिन्न आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन, प्रयोग एवं ज्ञान-विस्तार के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल शिक्षण व्यवस्था, पुस्तकालय सहित अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों के उपयोग की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही विद्यालय में पेयजल, विद्युत, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का भी निरीक्षण किया।

विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर जाना पढ़ाई का अनुभव

जिलाधिकारी ने विद्यालय की कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सहज संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, रुचि के विषय, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा शिक्षण के दौरान आने वाली कठिनाइयों के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी द्वारा बच्चों से सीधे संवाद किए जाने पर विद्यार्थी उत्साहित नजर आए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने कहा कि मॉडल स्कूलों की सार्थकता केवल आधुनिक भवन और संसाधनों की उपलब्धता में नहीं, बल्कि इन संसाधनों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराने में है। प्रत्येक बच्चे को अपनी क्षमता और प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता एवं सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने तथा उन्हें नियमित अध्ययन के साथ अपने लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों को उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा जिन विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है, उन पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना का विकास महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, विद्यार्थियों की प्रतिभा का विकास, अनुशासन, रचनात्मक सोच एवं सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार एवं विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी पुपरी,गौरव कुमार जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह सहित संबंधित पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।
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तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर जिलाधिकारी ने की विभिन्न कोषांगों की बैठक। उक्त निर्वाचन के सफल संचालन के बाबत मतदान केंद्रों की व्यवस्था से लेकर मतदान कर्मियों की तैनाती, प्रशिक्षण, मतपेटिका, निर्वाचन सामग्री, वाहन और आदर्श आचार संहिता के अनुपालन तक की जिम्मेदारी 11 अलग-अलग कोषांगों को सौंपी गई है।आज  सहायक निर्वाची पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने उक्त निर्वाचन से संबंधित अब तक की तैयारियों की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्राप्त की उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्वाचन से जुड़ा कोई भी काम अंतिम समय के भरोसे नहीं छोड़ा जाए और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं। बैठक में मतदान केंद्रों के प्रस्ताव और वहां उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा की गई। इसके साथ ही मतदान कर्मियों की आवश्यकता और उपलब्धता, कर्मियों के प्रशिक्षण, मतदान केंद्रों के अनुरूप मतपेटिकाओं की उपलब्धता, निर्वाचन सामग्री के आकलन एवं खरीद तथा वाहनों की जरूरत और उपलब्धता की जानकारी ली गई। डीएम ने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने का निर्देश दिया।  निर्वाचन व्यवस्था के तहत माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति, डिस्पैच सेंटर के चिह्नांकन और वहां जरूरी सुविधाओं की भी समीक्षा हुई। मतदान केंद्रों की वीडियोग्राफी, कम्यूनिकेशन प्लान और अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को लेकर भी पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

चुनाव या एमसीसी से जुड़ी जानकारी और शिकायत के लिए आमजन 1950, 06226-796197 और 06226-295421 पर संपर्क किया जा सकता है।  11 कोषांगों के जरिए चुनावी मशीनरी को अलग-अलग जिम्मेदारियों में बांटा गया है। इससे मतदान केंद्र, कर्मी, सामग्री, वाहन और आदर्श आचार संहिता जैसी व्यवस्थाओं की अलग-अलग मॉनिटरिंग होगी। खास फोकस एमसीसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और कंट्रोल रूम के जरिए सूचना-तंत्र मजबूत रखने पर है। बैठक में सभी कोषांगों  के नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे।
Chief Electoral Officer, Bihar
जिलाधिकारी ने बाजपट्टी सीएचसी का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता एवं उपलब्धता का लिया फीडबैक

मरीजों को त्वरित चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का दिया निर्देश

जिलाधिकारी, सीतामढ़ी श्री तनय सुल्तानिया ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बाजपट्टी का भ्रमण कर वहां संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं उपलब्ध संसाधनों की स्थिति का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्था तथा विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों के कार्यों की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, एक्स-रे कक्ष, औषधि वितरण केंद्र समेत अस्पताल के विभिन्न विभागों का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से मरीजों की संख्या, चिकित्सकीय सेवाओं, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, जांच व्यवस्था तथा उपचार की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों से भी बातचीत की। उन्होंने उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में उनका अनुभव जाना तथा दवा, जांच, डॉक्टर से परामर्श और अन्य आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता को लेकर फीडबैक लिया। मरीजों द्वारा बताई गई समस्याओं एवं सुझावों को उन्होंने गंभीरता से सुना।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली को और व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर चिकित्सकीय परामर्श, जरूरी जांच एवं दवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से आपातकालीन सेवाओं को पूरी तत्परता के साथ संचालित रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने अस्पताल में आवश्यक औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने तथा जांच संबंधी सुविधाओं को सुचारु रूप से संचालित करने पर जोर दिया। मरीजों एवं उनके साथ आने वाले परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल परिसर में स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं सहज वातावरण कायम रखने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा नियमित रूप से स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं एवं व्यवस्थाओं में निरंतर गुणात्मक सुधार लाने का निर्देश दिया।
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जिलाधिकारी ने बाजपट्टी प्रखंड-अंचल कार्यालयों का किया निरीक्षण

जिलाधिकारी, सीतामढ़ी श्री तनय सुल्तानिया द्वारा आज  बाजपट्टी  प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों में संचालित प्रशासनिक कार्यों, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आमजन से संबंधित सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया।  जिलाधिकारी ने प्रखंड एवं अंचल स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विकासात्मक एवं राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि काया कल्प अभियान को धरातल पर उतारने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करें। बैठक में इसके अतिरिक्त डिग्री कॉलेज, विभिन्न पेंशन योजना के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति, महादलित टोलों  में शौचालय निर्माण, पंचायत सरकार भवन निर्माण की स्थिति,  स्वच्छता अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण  इत्यादि को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कार्यालयों में संधारित विभिन्न पंजियों का भी अवलोकन किया। इस क्रम में कैश बुक, आगत-निर्गत पंजी, उपस्थिति पंजी सहित अन्य अभिलेखों का निरीक्षण कर उनके संधारण एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी अभिलेखों को नियमानुसार अद्यतन रखने तथा कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया।

उन्होंने  दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं राजस्व से जुड़े अन्य मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों का नियमानुसार एवं समय-सीमा के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया। 

बैठक के पश्चात जिलाधिकारी ने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय परिसर का भ्रमण किया तथा विभिन्न शाखाओं एवं कार्यालयों में संचालित कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित कर्मियों से उनके कार्यों की जानकारी ली और निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई एवं व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने का भी निर्देश दिया। 
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया। 

मौके पर बीडीओ एवं सीओ बाजपट्टी के साथ प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।
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सुप्पी, प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय एवं  अस्पताल का निरीक्षण।
रीगा, प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय एवं  अस्पताल का निरीक्षण।
🏥 सीएचसी सुप्पी का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सुप्पी का निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ओपीडी, इमरजेंसी, एक्स-रे एवं दवा वितरण केंद्र सहित अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा दवा एवं जांच सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल की सेवाओं के संबंध में सीधा फीडबैक लिया। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित एवं मरीज हितैषी बनाने, इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तत्परता से संचालित करने तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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🏥 सीएचसी रीगा का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रीगा का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी, एक्स-रे कक्ष, दवा वितरण केंद्र सहित विभिन्न सेवाओं का निरीक्षण किया तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, दवा एवं जांच की उपलब्धता की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद कर स्वास्थ्य सुविधाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने इमरजेंसी सेवाओं को तत्परता से संचालित करने, आवश्यक दवाओं एवं जांच सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता तथा अस्पताल परिसर में बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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सुप्पी प्रखंड-अंचल कार्यालय का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

जिलाधिकारी, सीतामढ़ी श्री तनय सुल्तानिया ने आज सुप्पी प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर प्रशासनिक, विकासात्मक एवं राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, डब्ल्यू.पी.यू., राशन कार्ड निर्माण, कायाकल्प अभियान, दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं नल-जल योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन करने तथा जिन नल-जल योजनाओं का संचालन लंबित है, उन्हें आवश्यक कार्रवाई करते हुए शीघ्र चालू कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन को सरकारी सेवाओं का लाभ सहज एवं समयबद्ध तरीके से मिलना चाहिए।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने आम लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही कार्यालय में स्वच्छता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी में सीतामढ़ी ने बिहार में प्राप्त किया दूसरा स्थान

1962 प्रारंभिक विद्यालयों में शत-प्रतिशत PTM का आयोजन

सीतामढ़ी। शिक्षा विभाग के निर्देश के आलोक में सीतामढ़ी जिले के सभी 1962 प्रारंभिक विद्यालयों में दिनांक 26 सितंबर 2026 को शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी (PTM) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में PTM का शत-प्रतिशत आयोजन होने के साथ सीतामढ़ी ने राज्य स्तर पर जारी रैंकिंग में पूरे बिहार में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री राघवेंद्र मणि त्रिपाठी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान श्री सुजीत कुमार दास के मार्गदर्शन एवं अनुश्रवण में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी विद्यालयों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी की मुख्य थीम “निपुण पथ: पढ़ना, लिखना एवं गणना” रही। इसके साथ ही “सेवा ही संकल्प” अभियान के अंतर्गत किए जा रहे सेवा कार्यों तथा “विकसित भारत@2047” की संकल्पना पर भी विशेष चर्चा की गई। विद्यालयों में शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों ने सामूहिक रूप से उत्सव की भावना के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।

संगोष्ठी के दौरान बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, पढ़ने-लिखने एवं गणना कौशल, नियमित उपस्थिति, अभिभावकों की भूमिका तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर संवाद किया गया। साथ ही अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

जिले के सभी 1962 प्रारंभिक विद्यालयों में PTM का शत-प्रतिशत आयोजन सीतामढ़ी शिक्षा विभाग, विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। राज्य स्तर पर जारी रैंकिंग में बिहार में दूसरा स्थान प्राप्त करना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने इस उपलब्धि के लिए जिले के सभी प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय और अभिभावक के बीच मजबूत समन्वय से बच्चों के सीखने के स्तर एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाया जा सकता है।
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रीगा प्रखंड-अंचल कार्यालय का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

जिलाधिकारी, सीतामढ़ी श्री तनय सुल्तानिया ने आज रीगा प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर विभिन्न प्रशासनिक, विकासात्मक एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा की।
इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, डब्ल्यू.पी.यू., राशन कार्ड निर्माण, कायाकल्प अभियान, दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं नल-जल योजना सहित अन्य कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई।
जिलाधिकारी ने लंबित राजस्व मामलों का नियमानुसार एवं समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने तथा नल-जल अनुरक्षकों के लंबित भुगतान के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनके त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय में संधारित पंजियों का अवलोकन किया तथा कार्यालय परिसर में स्वच्छता, पारदर्शिता एवं बेहतर कार्य संस्कृति बनाए रखने का निर्देश दिया।
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पोषण माह 2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

सीतामढ़ी, 29 सितंबर 2026। पोषण माह 2026 के अंतर्गत आज दिनांक 29 सितंबर 2026 को जिला स्तर पर पोषण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अपर समाहर्ता, सीतामढ़ी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता एवं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा गर्भवती महिला की गोदभराई एवं 06 माह की आयु पूर्ण कर चुके बच्चे का अन्नप्राशन कराया गया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं, माताओं एवं बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली डुमरा ग्रामीण एवं रुन्नीसैदपुर परियोजना की आंगनवाड़ी सेविकाओं को जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला समन्वयक, महिला पर्यवेक्षिकाएं एवं जिला प्रोग्राम कार्यालय के कर्मी उपस्थित रहे।

पोषण माह के अंतर्गत जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर 08 अक्टूबर 2026 तक पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न जागरूकता एवं जनभागीदारी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, बच्चों एवं समुदाय को संतुलित आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा पोषण संबंधी व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

पोषण माह 2026 का संदेश है— स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा और स्वस्थ समाज।
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शहरी स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया मातृ-शिशु स्वास्थ्य व टीकाकरण का प्रशिक्षण

सीतामढ़ी। शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सदर अस्पताल, सीतामढ़ी में शहरी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव ने किया।

प्रशिक्षण में डुमरा, सुरसंड, बेलसंड, बैरगनिया एवं पुपरी के शहरी क्षेत्रों में कार्यरत आशा, एएनएम एवं चिकित्सा पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान पीरामल फाउंडेशन की टीम ने टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था एवं प्रसव की पहचान और प्रबंधन, परिवार नियोजन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विषयों पर जानकारी दी।

प्रशिक्षकों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए समय पर जांच, उच्च जोखिम वाले मामलों की पहचान एवं उचित रेफरल पर विशेष जोर दिया। साथ ही, समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लाभार्थियों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम में जिला योजना समन्वयक दिनेश कुमार, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी संतोष कुमार एवं अस्पताल प्रबंधक विजय कुमार झा सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी उपस्थित रहे। पीरामल फाउंडेशन की ओर से प्रभाकर कुमार, दुर्गा प्रसाद, रितु कुमारी, बिकेश कुमार, राकेश ठाकुर, गांधी फेलो विक्रांत कुमार एवं रोशन कुमार, रॉड्रिक से राजेश कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग किया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शहरी स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता का विकास कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण एवं परिवार नियोजन जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाना रहा।
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सप्लाई चेन सुदृढ़ीकरण को लेकर सीतामढ़ी में 54 फार्मासिस्टों का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
सीतामढ़ी। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निरंतर सुधार में प्रभावी दवा आपूर्ति एवं सप्लाई चेन प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी दिशा में सीतामढ़ी जिले में दवा प्रबंधन और सप्लाई चेन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर पहल की जा रही है।
सिविल सर्जन सीतामढ़ी डॉ. आर.के. यादव के नेतृत्व में सदर अस्पताल सीतामढ़ी में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार, अस्पताल प्रबंधक विजय कुमार झा एवं पिरामल फाउंडेशन की टीम के सहयोग से मॉडल दवा भंडार की स्थापना की गई है। इस मॉडल स्टोर के माध्यम से दवाओं के सुरक्षित भंडारण, व्यवस्थित प्रबंधन, एक्सपायरी की निगरानी तथा FIFO (First In, First Out) और FEFO (First Expiry, First Out) जैसी तकनीकों को अपनाते हुए दवा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
मॉडल दवा भंडार की इस पहल को जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों तक विस्तार देने के उद्देश्य से सदर अस्पताल सीतामढ़ी में जिले के सभी 54 फार्मासिस्टों का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान फार्मासिस्टों को दवा के वैज्ञानिक भंडारण एवं प्रबंधन, दवाओं की एक्सपायरी की निगरानी, इंडेंटिंग, स्टॉक प्रबंधन, FIFO/FEFO तकनीक तथा प्रभावी सप्लाई चेन प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग पिरामल फाउंडेशन की राज्य एवं जिला स्तरीय टीम द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्टॉक प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव ने कहा कि “सीतामढ़ी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में निरंतर सुधार के लिए विभिन्न स्तरों पर पहल और नवाचार किए जा रहे हैं। दवा प्रबंधन एवं सप्लाई चेन को मजबूत करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिले में किए जा रहे नवाचारों और बेहतर कार्यप्रणालियों को राज्य स्तर पर भी सराहना मिल रही है तथा इन्हें अन्य जिलों एवं राज्यों में अपनाया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि प्रभावी सप्लाई चेन व्यवस्था के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और इससे आमजन को बेहतर एवं निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। प्रशिक्षण में जिला अनुश्रवण वो मूल्यांकन पदाधिकारी संतोष कुमार, पीरामल से प्रोग्राम मैनेजर चितरंजन कुमार, प्रभाकर कुमार, रितु कुमारी, प्रोग्राम लीड अश्विनी श्रीवास्तव, दुर्गा प्रसाद, बिकेश कुमार, आदि मौजूद रहे।
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Video 18
"सबका सम्मान-जीवन आसान" कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सुनीं जन समस्याएं।

बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ’’सात निश्चय-3’’ अंतर्गत सातवें निश्चय सबका सम्मान-जीवन आसान के तहत आज समाहरणालय स्थित अपने विमर्श कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं जहां परिवादों को सुना गया एवं उसके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम  उठाए गए।

जनसुनवाई के दौरान 150 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना,आई सी डी एस, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, राशन कार्ड,अतिक्रमण, सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी परिवाद प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले की बारीकी से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं के निष्पादन में जिले के सभी पदाधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल  समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने कहा कि सेवा-संवाद-समाधान कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है। इससे न केवल समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि प्रशासन के प्रति आम लोगों का भरोसा भी और अधिक मजबूत हुआ है।
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जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करें अधिकारी : जिलाधिकारी

जिलाधिकारी, सीतामढ़ी श्री तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में आज परिचर्चा भवन में जिला विकास एवं समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक सभी पदाधिकारी आमजन की समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ कार्य करें। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक आवेदन सृजित करने, बैंक स्तर से ऋण की स्वीकृति एवं डिस्बर्सल सुनिश्चित करने तथा सोलर सिस्टम के अधिष्ठापन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी योजना के प्रति जागरूक करने को कहा। जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से भी योजना का लाभ लेने की अपील की।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कायाकल्प अभियान के तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी विद्यालयों एवं अन्य सरकारी संस्थानों में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई सहित आवश्यक सौंदर्यीकरण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने 31 मार्च 2027 तक जिले में 500 से 600 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लक्ष्य की दिशा में तेजी से कार्य करने को कहा। जिन विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जाने हैं, वहां आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया। संबंधित विद्यालय प्रधानों को 48 घंटे के भीतर एनओसी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित अंचल अधिकारियों को लंबित एनओसी शीघ्र जारी करने का सख्त निर्देश दिया गया, ताकि योजनाओं का कार्य समय पर प्रारंभ किया जा सके।
बैठक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, पुपरी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उनका वेतन स्थगित करने, स्पष्टीकरण पूछने तथा प्रपत्र ‘क’ गठित कर विभाग को भेजने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया।
वृद्धावस्था पेंशन योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिन लाभुकों का अभी तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं हो पाया है, वे शीघ्र अपना जीवन प्रमाणीकरण करा लें। इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता श्री संजीव कुमार, सिविल सर्जन, निदेशक डीआरडीए, एडीएम विभागीय जांच सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
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समुदाय आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर अभिमुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट

दिनांक: 28.09.2026
स्थान: परिचर्चा भवन, समाहरणालय, सीतामढ़ी
कार्यक्रम की अध्यक्षता: श्री बृज किशोर पांडेय, जिला पंचायत राज पदाधिकारी (DPRO)-सह-अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, सीतामढ़ी
कार्यक्रम: राष्ट्रीय समुदाय-आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम
विषय: ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन योजना (VDMP) एवं ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के साथ समायोजन

कार्यक्रम का उद्देश्य

राष्ट्रीय समुदाय-आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 28 सितंबर 2026 को परिचर्चा भवन, समाहरणालय, सीतामढ़ी में समुदाय आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण के विषय पर अभिमुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर आपदा जोखिमों की पहचान, आपदा-पूर्व तैयारी, स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग तथा पंचायत स्तर की विकास योजनाओं में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को शामिल करने के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री बृज किशोर पांडेय, जिला पंचायत राज पदाधिकारी (DPRO)-सह-अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, सीतामढ़ी द्वारा की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य समन्वयक-यूनिसेफ श्री वीरेंद्र पांडेय तथा जिला सलाहकार श्री गौरव श्रीवास्तव द्वारा प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

प्रतिभागियों की सहभागिता

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न प्रखंडों से संबंधित पदाधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें BPRO, मुखिया जी एवं पंचायत कार्यपालक सहायक शामिल रहे। कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रखंडों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही—

बैरगनिया

सुरसंड

बेलसंड

रून्नीसैदपुर

परिहार

इन प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन एवं विकास योजना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा स्थानीय स्तर पर आपदा जोखिम को कम करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन योजना (VDMP)

प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन योजना (Village Disaster Management Plan-VDMP) के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थानीय स्तर पर मौजूद संभावित आपदाओं, जोखिमों एवं संवेदनशीलताओं की पहचान करते हुए एक प्रभावी आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जानी चाहिए।

VDMP तैयार करते समय बाढ़, सूखा, आंधी-तूफान, अग्निकांड, अत्यधिक गर्मी, शीतलहर, महामारी आदि संभावित जोखिमों के साथ-साथ पंचायत में उपलब्ध संसाधनों, संवेदनशील परिवारों, बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगजनों तथा अन्य जरूरतमंद समूहों की पहचान करना आवश्यक है। इसके माध्यम से आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्य को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि VDMP केवल एक दस्तावेज न होकर ग्राम पंचायत की वास्तविक परिस्थितियों, स्थानीय जोखिमों और समुदाय की आवश्यकताओं पर आधारित एक व्यावहारिक योजना होनी चाहिए।

GPDP के साथ VDMP का समायोजन

प्रशिक्षण का एक प्रमुख विषय ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन योजना (VDMP) को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के साथ समायोजित करना रहा। प्रतिभागियों को बताया गया कि पंचायत के समग्र विकास की योजना बनाते समय आपदा जोखिम न्यूनीकरण को विकास प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना आवश्यक है।

GPDP में ऐसी गतिविधियों एवं कार्यों को शामिल किया जा सकता है, जो पंचायत को आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित एवं सक्षम बनाते हैं। उदाहरण के रूप में जल निकासी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था, स्वच्छता, विद्यालय एवं आंगनबाड़ी की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, सुरक्षित सड़क एवं संपर्क व्यवस्था, सामुदायिक भवनों की उपयोगिता तथा स्थानीय स्तर पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता जैसे विषयों को शामिल किया जा सकता है।

योजना निर्माण में समुदाय की भूमिका

अभिमुखीकरण के दौरान समुदाय की सक्रिय भागीदारी को आपदा जोखिम न्यूनीकरण का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय लोगों को योजना निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करने से वास्तविक समस्याओं एवं स्थानीय जोखिमों की बेहतर पहचान की जा सकती है।

वार्ड समिति द्वारा योजना की समीक्षा एवं सुझाव, इसके बाद ग्राम सभा में योजना का प्रस्तुतिकरण एवं अनुमोदन तथा संबंधित योजनाओं को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करने जैसे महत्वपूर्ण चरणों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि योजना निर्माण की प्रक्रिया पारदर्शी, सहभागी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप होनी चाहिए।

आपदा-लचीले गांव की अवधारणा

प्रशिक्षण में सुरक्षित एवं सतत विकास को आपदा जोखिम न्यूनीकरण से जोड़ते हुए आपदा-लचीले गांव की अवधारणा पर चर्चा की गई। बताया गया कि केवल आपदा आने के बाद राहत एवं बचाव कार्य करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आपदा से पहले तैयारी और जोखिम को कम करने के उपाय करना भी आवश्यक है।

इस संदर्भ में गरीबी-मुक्त एवं उन्नत आजीविका गांव, विविध आय स्रोत, रोजगार सुरक्षा, स्वस्थ गांव, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं तथा मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों को आपदा-लचीले गांव के निर्माण से जोड़ा गया। यह समझाया गया कि मजबूत आजीविका, बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित जल एवं स्वच्छता व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधन समुदाय की आपदा से उबरने की क्षमता को बढ़ाते हैं।

प्रशिक्षकों द्वारा दिए गए प्रमुख संदेश

राज्य समन्वयक-यूनिसेफ श्री वीरेंद्र पांडेय एवं जिला सलाहकार श्री गौरव श्रीवास्तव द्वारा प्रशिक्षण के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को VDMP एवं GPDP के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रतिभागियों को स्थानीय जोखिमों की पहचान, जोखिम मानचित्रण, संवेदनशील समूहों की पहचान, उपलब्ध संसाधनों का आकलन तथा समुदाय आधारित तैयारी के बारे में जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान यह संदेश दिया गया कि पंचायत स्तर पर यदि जोखिमों की पहचान पहले से कर ली जाए और उपलब्ध संसाधनों तथा समुदाय की सहभागिता के आधार पर योजना तैयार की जाए, तो आपदा के संभावित प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्री पुष्कर कुमार, DPRC नोडल श्री शंकर जी, श्रीमती पूनम कुमारी, श्री मुकुंद सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा पंचायत स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण को विकास योजनाओं से जोड़ने के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

निष्कर्ष

कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण को केवल आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी न मानकर पंचायत, जनप्रतिनिधि, प्रशासन एवं समुदाय की साझा जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। VDMP और GPDP का प्रभावी समायोजन पंचायतों को स्थानीय जोखिमों के प्रति अधिक तैयार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा—

> “आपदा नहीं हो भारी, यदि पूरी हो तैयारी।”

समुदाय की सक्रिय भागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, पंचायत स्तर पर समन्वित योजना तथा विकास योजनाओं में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को शामिल करके सुरक्षित, सक्षम, सतत एवं आपदा-लचीले गांवों का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को पंचायत स्तर पर प्राप्त प्रशिक्षण एवं जानकारी को व्यवहार में लागू करने के आह्वान के साथ किया गया।
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*“अब सीतामढ़ी शहर के घरों तक पाइप से पहुंचेगी रसोई गैस, 3700 घरों तक बिछाई गई PNG पाइपलाइन”*

सीतामढ़ी शहर में पीएनजी कनेक्शन के विस्तार को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा

 जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया द्वारा आज समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में सीतामढ़ी शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के इंस्टॉलेशन एवं कनेक्शन के विस्तार को लेकर समीक्षा बैठक की गई। बैठक में शहर में पीएनजी आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, पाइपलाइन विस्तार तथा अधिक से अधिक घरों तक कनेक्शन पहुंचाने को लेकर विस्तृत जानकारी ली गई।

समीक्षा के क्रम में जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिन्हा द्वारा जिलाधिकारी को बताया गया कि सीतामढ़ी नगर निगम क्षेत्र के खड़का, डुमरा में पीएनजी डीकम्प्रेशन यूनिट स्थापित की गई है। इसके माध्यम से 107 घरों में प्रायोगिक तौर पर पीएनजी कनेक्शन दिया गया है तथा इन घरों में पीएनजी से चूल्हा संचालित हो रहा है।

उन्होंने बताया कि सीतामढ़ी शहर के वार्ड संख्या 01 से 25 तक लगभग 3700 घरों को आच्छादित करते हुए पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा चुका है। इससे शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस की सुविधा के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

बैठक में जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने पीएनजी कनेक्शन के विस्तार की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं तकनीकी टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शहर में पीएनजी आधारित गैस आपूर्ति को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने तथा अधिक से अधिक घरों तक कनेक्शन उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

पीएनजी के माध्यम से घरों में गैस की आपूर्ति पाइपलाइन के जरिए सीधे पहुंचाई जाती है। इसके विस्तार से शहरवासियों को घरेलू ईंधन की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा गैस सिलेंडर की बुकिंग, भंडारण और घर तक पहुंचाने जैसी प्रक्रियाओं पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिन्हा, कुंज जगर, महमूद आलम, लक्ष्मण कुमार, साइट इंजीनियर तथा बीपीसीएल के संबंधित अभियंता उपस्थित थे।
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