Public App Logo
Profile Picture

Saharsa District Administration

@DPRODSaharsa
1242Followers
0Following
सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
==================
सारण, 01 अक्टूबर 2026
==================
जिले में लगातार हो रही वर्षा एवं तटबंध टूटने के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन की पूरी टीम कल रात से ही लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है।

मकेर प्रखंड में दो स्थानों पर तटबंध टूटने के कारण बड़ी मात्रा में पानी का फैलाव हुआ है, जिससे मकेर प्रखंड की सभी पंचायतें तथा अमनौर प्रखंड की कुछ पंचायतें प्रभावित हुई हैं। वहीं, पानी का तेज बहाव परसा प्रखंड की ओर भी हो रहा है। बाढ़ के पानी के कारण NH-722 पर आवागमन एवं संपर्कता भी कुछ स्थानों पर प्रभावित हुई है।

जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में NDRF की दो टीमों तथा SDRF की एक टीम को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। प्रभावित पंचायतों से लोगों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए SDRF की एक अतिरिक्त टीम, जिसमें लगभग 40 सदस्य शामिल हैं, को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए लगाया गया है।

इसी प्रकार पानापुर प्रखंड में भी एक स्थान पर तटबंध टूटने के कारण बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। यहां भी प्रशासन द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। पानापुर प्रखंड में राहत एवं बचाव कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए SDRF की दो टीमें पहुंच चुकी हैं।

सामुदायिक रसोई के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा भोजन

बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर सामुदायिक रसोई (Community Kitchen) संचालित की जा रही है। कल शाम से ही सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा आज भी यह व्यवस्था लगातार जारी है।

जिले के सभी प्रखंडों में सामुदायिक रसोई प्रारंभ कर दी गई है। कल पूरे जिले में 14 स्थानों पर सामुदायिक रसोई संचालित की गई थी। आज आवश्यकता एवं प्रभावित क्षेत्रों के अनुसार सामुदायिक रसोई की संख्या और बढ़ाई जा रही है। पंचायत एवं आवश्यकता वाले अन्य स्तरों पर भी सामुदायिक रसोई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को भोजन की समस्या न हो।

मेडिकल टीम एवं राहत सामग्री की व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों को भी लगातार सक्रिय रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।

मकेर प्रखंड में जहां तटबंध टूटने के कारण क्षेत्र प्रभावित हुआ है, वहां जरूरतमंद परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट का वितरण कल  किया गया है। आवश्यकता अनुसार अन्य पंचायतों में भी किया जाएगा।  साथ ही प्रभावित पशुपालकों को आवश्यकतानुसार पशु चारा भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिला प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन द्वारा जिलेवासियों से अपील की गई है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी लोग प्रशासन का सहयोग करें। प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से पानी में जाने से बचें तथा प्रशासन एवं बचाव दल द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए जाने पर तत्काल सहयोग करें।

जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। NDRF, SDRF, प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन उपलब्ध कराने एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर जारी है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तत्परता एवं मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं, स्थानीय लोगों से संवाद कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील कर रहे हैं। साथ ही मौके पर मौजूद पदाधिकारियों एवं बचाव दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। NDRF, SDRF, प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन, मेडिकल सुविधा एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य को और तेज किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी के साथ राहत एवं बचाव कार्य जारी

सारण जिले के बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी एवं चौकसी रखी जा रही है। सभी संबंधित पदाधिकारी एवं टीमें क्षेत्र में सक्रिय रहकर स्थिति का लगातार अनुश्रवण कर रहे हैं तथा आवश्यकता के अनुरूप तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

माइकिंग के माध्यम से लगातार लोगों को सचेत एवं जागरूक किया जा रहा है। जलस्तर एवं स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी जा रही है तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की आवश्यकता होने पर समय पर सूचना उपलब्ध कराई जा रही है। आवश्यकता के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर इवेक्युएट भी किया जा रहा है।

प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। सुरक्षित आवागमन एवं निकासी के लिए नावों का परिचालन किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन का संचालन, मेडिकल कैंपों के माध्यम से चिकित्सा सुविधा तथा मवेशियों के उपचार के लिए पशु चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि पैनिक न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन द्वारा आवश्यक राहत, बचाव एवं सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। लोग प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करें, प्रशासन का सहयोग करें तथा उपलब्ध कराई जा रही राहत एवं अन्य सुविधाओं का लाभ लें।

संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन प्रभावित लोगों के साथ पूरी तरह खड़ा है। लोगों की सुरक्षा एवं उन्हें हर संभव राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी लगातार तत्परता से कार्य कर रहे हैं।
राहत से सुरक्षा तक बाढ़ प्रभावितों की हर जरूरत का रखा जा रहा ध्यान

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं सहायता कार्य लगातार जारी हैं। अमनौर के बसतपुर पंचायत सरकार भवन, चंचलिया एवं पानापुर सहित विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं मकेर सहित अन्य क्षेत्रों में पशुओं के लिए सूखा चारा उपलब्ध कराकर पशुधन की देखभाल भी सुनिश्चित की जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का लगातार स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर आवश्यक सहायता पहुंचाई जा सके।

सारण जिला प्रशासन — राहत, सेवा और सुरक्षा के लिए पूरी तत्परता के साथ जनता के साथ खड़ा है। 
हर जरूरतमंद तक सहायता पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है।
पंचायतों के 48 गांव प्रभावित; 14 सामुदायिक रसोई के माध्यम से 5,000 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था
सारण जिले में गंडक नदी के जलस्तर एवं बाढ़ की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी एवं राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं। दिनांक 30.09.2026 को अपराह्न 4 बजे तक की बाढ़ स्थिति रिपोर्ट के अनुसार जिले के 18 पंचायतों के 48 गांव प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों की अनुमानित प्रभावित आबादी 24,725 है तथा लगभग 4,220 परिवार प्रभावित हैं।
जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव के निर्देशानुसार सभी संबंधित पदाधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
राहत एवं बचाव कार्य जारी
वर्तमान स्थिति के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में 5 चिकित्सा शिविर, 33 नावें तथा एक बोट एंबुलेंस उपलब्ध/संचालित हैं। पशु चिकित्सा के लिए भी शिविर की व्यवस्था की गई है। राहत कार्यों के लिए 1 राहत केंद्र संचालित हैं, जहां 50 आश्रयार्थी रह रहे हैं। इसके अतिरिक्त 3 NDRF/SDRF टीमें भी उपलब्ध हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित परिवारों के बीच 950 पॉलीथिन शीट का वितरण भी किया गया है। 
14 सामुदायिक रसोई से 5,000 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर एवं परसा प्रखंडों में सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। उपलब्ध अद्यतन सूची के अनुसार कुल 14 सामुदायिक रसोई संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 5,000 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। 
प्रखंडवार सामुदायिक रसोई की स्थिति इस प्रकार है—
पानापुर — 2 सामुदायिक रसोई
तरैया — 3 सामुदायिक रसोई, चंचलिया, माधोपुर एवं भटगाई में
अमनौर — 1 सामुदायिक रसोई
मकेर — 5 सामुदायिक रसोई, बाघाकोल, कस्बा मकेर, भाथा, पीर मकेर एवं तरैया अमनौर क्षेत्र में
परसा — 3 सामुदायिक रसोई

उपलब्ध सूची में सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की कुल संख्या 5,000 अंकित है। 
जिला प्रशासन द्वारा निर्देश दिया गया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधा एवं अन्य आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए। जलस्तर एवं स्थानीय परिस्थितियों में होने वाले परिवर्तन पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव कार्यों को और विस्तारित किया जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा आम लोगों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा नदी एवं तटबंध के संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
राहत से सुरक्षा तक बाढ़ प्रभावितों की हर जरूरत का रखा जा रहा ध्यान

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं सहायता कार्य लगातार जारी हैं। अमनौर के बसतपुर पंचायत सरकार भवन, चंचलिया एवं पानापुर सहित विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं मकेर सहित अन्य क्षेत्रों में पशुओं के लिए सूखा चारा उपलब्ध कराकर पशुधन की देखभाल भी सुनिश्चित की जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का लगातार स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर आवश्यक सहायता पहुंचाई जा सके।

सारण जिला प्रशासन — राहत, सेवा और सुरक्षा के लिए पूरी तत्परता के साथ जनता के साथ खड़ा है। 
हर जरूरतमंद तक सहायता पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी द्वारा शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के माध्यम से गांवों की जनसुविधाओं और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को बेहतर बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। 

Samrat Choudhary
<nis:link nis:type=tag nis:id=kayakalpabhiyan nis:value=KayakalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=samratchoudhary nis:value=samratchoudhary nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=cmsamrat nis:value=CMSamrat nis:enabled=true nis:link/>
बिहार स्वाभिमान पुलिस वाहिनी आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस वाहिनी से जुड़कर आदिवासी महिलाएं आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रही हैं।

Samrat Choudhary
Home Department, Govt. of Bihar
Bihar Police
<nis:link nis:type=tag nis:id=kahanibadlavki nis:value=kahanibadlavki nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=kahanibiharkebadlavki nis:value=KahaniBiharKeBadlavKi nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=samratchoudhary nis:value=samratchoudhary nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=cmsamrat nis:value=CMSamrat nis:enabled=true nis:link/>
जीविका से बदली जिंदगी, हुनर से बढ़ी कमाई।

शेखपुरा की निशा देवी पहले गृहिणी थीं। जीविका से जुड़ने के बाद उन्होंने सिलाई का प्रशिक्षण लिया। और आज सिलाई घर में काम कर के हर महीने करीब ₹12 हजार तक की कमाई कर रही हैं। जिससे उनकी जिंदगी पहले से बेहतर हुई है

Samrat Choudhary 
Rural Development Department, Government of Bihar 
JEEVIKA Bihar
<nis:link nis:type=tag nis:id=kahanibadlavki nis:value=kahanibadlavki nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=kahanibiharkebadlavki nis:value=KahaniBiharKeBadlavKi nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=jeevika nis:value=Jeevika nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=samratchoudhary nis:value=samratchoudhary nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=cmsamrat nis:value=CMSamrat nis:enabled=true nis:link/>
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने आज पश्चिम चंपारण जिले के बगहा, बैरिया प्रखंड के बथना, योगापट्टी प्रखंड के मच्छरगांवा तथा नौतन प्रखंड के शिवराजपुर, बनकटवा एवं आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एरियल सर्वे कर स्थिति का जायजा लिया।

साथ ही,माननीय मुख्यमंत्री जी ने सारण जिले के मकेर प्रखंड अंतर्गत हैजलपुर पंचायत क्षेत्र में टूटे तटबंध का भी हवाई सर्वेक्षण किया। पटना से पश्चिम चंपारण आने के क्रम में उन्होंने नदियों के जलस्तर एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का भी जायजा लिया।

माननीय मुख्यमंत्री जी ने बथना स्थित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण कर सामुदायिक रसोई, चिकित्सा शिविर, पेयजल, शौचालय, पशु राहत शिविर एवं आवासन व्यवस्था की जानकारी ली तथा राहत शिविर में लोगों को स्वयं भोजन परोसा।

उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने, नदियों के जलस्तर एवं तटबंधों की सतत निगरानी, पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था तथा NDRF एवं SDRF की तैनाती बनाए रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये।

माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्थिति सामान्य होने और लोगों के अपने घर लौटने तक सामुदायिक रसोई का संचालन जारी रखा जाए।

Samrat Choudhary 
<nis:link nis:type=tag nis:id=samratchoudhary nis:value=samratchoudhary nis:enabled=true nis:link/> 
<nis:link nis:type=tag nis:id=cmsamrat nis:value=CMSamrat nis:enabled=true nis:link/>
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के कुशल नेतृत्व में जल प्रबंधन और फल्गु नदी में साल भर जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु लभगभ ₹1000 हजार करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है। 

इस भगीरथी प्रयास से फल्गु नदी में साल भर पानी उपलब्ध रहेगा। 

Samrat Choudhary 
Department of Tourism, Government of Bihar 
District Administration, GAYA
<nis:link nis:type=tag nis:id=falguriver nis:value=FalguRiver nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=watermanagement nis:value=WaterManagement nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=samratchoudhary nis:value=samratchoudhary nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=cmsamrat nis:value=CMSamrat nis:enabled=true nis:link/>
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 30 एजेंडों पर लगी मुहर। 

Samrat Choudhary
Cabinet Secretariat Department, Govt. of Bihar
<nis:link nis:type=tag nis:id=biharcabinetdecisions nis:value=BiharCabinetDecisions nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=samratchoudhary nis:value=samratchoudhary nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=cmsamrat nis:value=CMsamrat nis:enabled=true nis:link/>
सारण तटबंध में संभावित रिसाव की सूचना पर जिला प्रशासन अलर्ट, प्रभावित क्षेत्र का डीएम ने स्वयं किया दौरा और निरीक्षण,

मकेर प्रखंड के हेजलपुर एवं बाधाकोल में सुरक्षात्मक कार्य तेज
 छपरा 30 सितंबर 2026
मकेर प्रखंड अंतर्गत सारण तटबंध में दो स्थानों पर संभावित रिसाव की सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन पूरी तरह सजग एवं अलर्ट मोड में है। जिला पदाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर संबंधित पदाधिकारियों एवं तकनीकी टीमों द्वारा स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

- मकेर प्रखंड के हेजलपुर एवं बाधाकोल में तटबंध पर संभावित रिसाव की सूचना प्राप्त हुई है। सूचना मिलते ही जिला पदाधिकारी सारण, श्री वैभव श्रीवास्तव ने स्वयं प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया  तथा जल संसाधन विभाग एवं बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की टीमों को तत्काल स्थल पर पहुंचकर आवश्यक निरोधात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्य करने का निर्देश दिया गया है।
- संभावित रिसाव वाले स्थलों पर बालू भरे बोरे, बल्ले सहित अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
- स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई के लिए एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमों को भी प्रतिनियुक्त किया गया है।
- तटबंध के समीप एवं संभावित बाढ़ प्रभावित आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यकतानुसार सुरक्षित निष्क्रमण एवं सुरक्षित ठहराव की व्यवस्था के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
- प्रभावित क्षेत्रों में नावों के परिचालन एवं उपलब्धता को लेकर भी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
- जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता से कार्य करने तथा तटबंध से संबंधित किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। ज्ञातव्य  है कि यहां कटाव स्थल,हैजलपुर(मकेर) में दिन में और रात में भी भोजन कराने के लिए कम्युनिटी किचन की व्यवस्था कर दी गई है और लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु मेडिकल कैंप भी संचालित है।

जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि तटबंध एवं नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों को तत्काल सूचना दें।
सारण तटबंध पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, सुरक्षा एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी

मकेर प्रखंड के हेजलपुर एवं बाघाकोल में संभावित रिसाव की सूचना पर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। डीएम श्री वैभव श्रीवास्तव ने प्रभावित क्षेत्रों का स्वयं निरीक्षण कर सुरक्षात्मक कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

     तटबंध पर निरोधात्मक कार्य जारी
    मकेर प्रखंड के बाघकोल पंचायत में  पशु चिकित्सा शिविर एवं एमवीयू के माध्यम से पशुओं का उपचार
     प्रभावित क्षेत्र में कम्युनिटी किचन संचालित
     ड्राई राशन पैकेटिंग एवं राहत व्यवस्था जारी
    नाव, SDRF/NDRF एवं अन्य आपात व्यवस्थाएं सक्रिय

जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील है कि तटबंध एवं नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
पारंपरिक खेती से आधुनिक एवं विविधीकृत कृषि की ओर एक सफल कदम 

कभी किसान मुख्य रूप से धान और गेहूँ की पारंपरिक खेती करते थे। लेकिन कृषि विभाग एवं आत्मा (ATMA) द्वारा आयोजित प्रशिक्षण, परिभ्रमण कार्यक्रमों में भाग लेने और वाराणसी में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद खेती के नए तौर-तरीकों की जानकारी मिली और कुछ नया करने की प्रेरणा मिली।

इसी प्रेरणा से किसान ने पारंपरिक खेती के साथ-साथ मक्का की खेती, लगभग 10 कट्ठा क्षेत्र में आलान पर सब्जियों की खेती तथा 1 बीघा क्षेत्र में जैविक तरीके से बैंगन की खेती शुरू की।

इसके साथ ही 250 अमरूद के पौधे, कागजी नींबू तथा प्रायोगिक तौर पर लगभग 2 कट्ठा क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती भी शुरू की गई। 

खेती में इस विविधीकरण और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का सकारात्मक परिणाम सामने आया। इससे किसान की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और आय लगभग दोगुनी हो गई। 

यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि नई तकनीक, प्रशिक्षण, सही मार्गदर्शन और खेती में विविधीकरण किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

       प्रशिक्षण से ज्ञान, ज्ञान से नवाचार और नवाचार से समृद्धि — यही आधुनिक कृषि की नई दिशा है।

कृषि विभाग एवं आत्मा द्वारा आयोजित प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम किसान के आर्थिक एवं सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुए हैं।

     किसान आगे बढ़ेगा, तभी कृषि समृद्ध होगी।
     विविधीकृत खेती — समृद्ध किसान की ओर एक मजबूत कदम।
आदर्श आचार्य संहिता लागू होने के कारण 01 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली एक दिवसीय नियोजन-सह- मार्गदर्शन मेला स्थगित*

छपरा 30 सितम्बर 2026:

 छपरा शहर के राजेन्द्र स्टेडियम में दिनांक 01 अक्टूबर 2026 को जिला स्तरीय एक दिवसीय नियोजन-सह-मार्गदर्शन मेला  को स्थगित कर दिया गया है।
     इस संबंध में जानकारी देते हुए नियोजन पदाधिकारी, अवर प्रादेशिक नियोजनालय छपरा के द्वारा बताया गया कि बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को लेकर दिनांक 22 सितंबर 2026 से आदर्श आचार संहिता लागू है। इसी के मद्देनजर दिनांक 01 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित नियोजन-सह-मार्गदर्शन मेला स्थगित किया गया है।
स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत चिरांद ग्राम में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन 

दिनांक 29 सितम्बर 2026 को जिला गंगा समिति के तत्वावधान में छपरा प्रखंड के चिरांद ग्राम स्थित तापसी सिंह उच्च विद्यालय के प्रांगण में स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों की सहभागिता से—

      स्वच्छता श्रमदान किया गया।
पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
     क्विज प्रतियोगिता आयोजित कर बच्चों के ज्ञान एवं जागरूकता को बढ़ाया गया।
      ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के तहत चार रंगों वाले कूड़ेदानों के सही उपयोग एवं कचरे के उचित पृथक्करण के संबंध में बच्चों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं ग्रामीण समुदाय में स्वच्छता, कचरा पृथक्करण, पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा नदी की स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा।

आइए, हम सभी मिलकर स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी और दैनिक आदत बनाएं।
 स्वच्छ गंगा — स्वच्छ समाज — स्वस्थ भविष्य
बिहार में आई बाढ़ के मद्देनजर प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बेल्ट्रान) ने 15 करोड़ रूपये का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिये माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी को लोक सेवक आवास में सौंपा।

माननीय मुख्यमंत्री जी ने इस सहयोग के लिये बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह राशि राज्य में आपदा एवं कठिन परिस्थितियों के समय जरूरतमंद लोगों की मदद में काम आएगी।
ज्ञान, मोक्ष और आस्था की नगरी गया जी के विकास को मिलेगी नई गति।

माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के विजन के तहत फल्गु नदी को इंद्रपुरी बराज के माध्यम से सोन नदी से जोड़ने की पहल की जा रही है।

यह ऐतिहासिक कदम फल्गु नदी में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ गया जी की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संतुलन और पर्यटन विकास को नई दिशा देगा।

Samrat Choudhary 
Department of Tourism, Government of Bihar 
District Administration, GAYA
<nis:link nis:type=tag nis:id=gayaji nis:value=GayaJi nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=cmsamrat nis:value=CMSamrat nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=samratchoudhary nis:value=samratchoudhary nis:enabled=true nis:link/>
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने आज फुलवारीशरीफ उच्च विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-137 में आयोजित कार्यक्रम में राज्यव्यापी ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों एवं सेविका से संवाद कर केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं एवं संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं आशा दीदी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा लाभार्थियों के बीच पौष्टिक किट का वितरण किया।

माननीय मुख्यमंत्री जी ने ‘सुपोषित बचपन की रसोई’ पुस्तिका का विमोचन भी किया और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन, फल एवं दूध उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान  दिया जा रहा है।
बाढ़ की स्थिति पर माननीय मुख्यमंत्री की नजर, राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा

माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज में बढ़े जलस्तर का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति, तटबंधों की निगरानी तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की कोताही न हो इसका ख्याल रखें।

Samrat Choudhary 
Disaster Management Department Govt. of Bihar
<nis:link nis:type=tag nis:id=biharflood nis:value=BiharFlood nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=samratchoudhary nis:value=samratchoudhary nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=cmsamrat nis:value=CMSamrat nis:enabled=true nis:link/>
बिहार की बेटियों और बहनों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने तथा शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए 4,700 दोपहिया वाहनों के साथ ‘पुलिस दीदी’ (अभया ब्रिगेड) की तैनाती की गई है - श्री सम्राट चौधरी, माननीय मुख्यमंत्री 

Samrat Choudhary 
Home Department, Govt. of Bihar 
Bihar Police
<nis:link nis:type=tag nis:id=policedidi nis:value=PoliceDidi nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=abhayabrigade nis:value=AbhayaBrigade nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=samratchoudhary nis:value=samratchoudhary nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=cmsamrat nis:value=CMSamrat nis:enabled=true nis:link/>
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने आज वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण एवं गोपालगंज जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने डुमरिया घाट पर गंडक नदी के बढ़े हुए जलस्तर का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों से अद्यतन स्थिति एवं राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली।

माननीय मुख्यमंत्री जी ने निर्देश देते हुए कहा कि संवेदनशील एवं निचले क्षेत्रों की लगातार निगरानी कि जाए, राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतें, प्रभावित लोगों तक आवश्यक सुविधाएं ससमय पहुंचायें।

माननीय मुख्यमंत्री जी ने जल संसाधन विभाग को तटबंधों की सतत निगरानी, आवश्यक सतर्कता एवं नाइट पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मेथवालिया फ्लाईओवर का LHS यातायात के लिए खुला

हल्के एवं भारी वाहनों का आवागमन शुरू, मेथवालिया चौक पर जाम से मिलेगी राहत

छपरा 29 सितंबर 2026 

छपरा बाईपास (NH-19) परियोजना के अंतर्गत ग्राम मेथवालिया, कि.मी. 150 पर स्थित फ्लाईओवर के LHS (बायें भाग) को दिनांक 29.09.2026 को अपराह्न 05:00 बजे से हल्के एवं भारी वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है।

यह व्यवस्था जिलाधिकारी सारण, वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण एवं परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), PIU-छपरा के संयुक्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में प्रभावी की गई है।

फ्लाईओवर के LHS के चालू होने से मेथवालिया चौक पर यातायात का दबाव कम होगा तथा जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से भारी वाहन अब फ्लाईओवर के माध्यम से सीधे आवागमन कर सकेंगे, जिससे बाईपास पर यातायात का संचालन अधिक सुगम एवं व्यवस्थित होगा।

फ्लाईओवर का यह हिस्सा यातायात के लिए उपलब्ध होने से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी तथा सड़क यातायात को अधिक सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।
स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत चिरांद ग्राम में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन 

दिनांक 29 सितम्बर 2026 को जिला गंगा समिति के तत्वावधान में छपरा प्रखंड के चिरांद ग्राम स्थित तापसी सिंह उच्च विद्यालय के प्रांगण में स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों की सहभागिता से—

      स्वच्छता श्रमदान किया गया।
पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
     क्विज प्रतियोगिता आयोजित कर बच्चों के ज्ञान एवं जागरूकता को बढ़ाया गया।
      ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के तहत चार रंगों वाले कूड़ेदानों के सही उपयोग एवं कचरे के उचित पृथक्करण के संबंध में बच्चों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं ग्रामीण समुदाय में स्वच्छता, कचरा पृथक्करण, पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा नदी की स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा।

आइए, हम सभी मिलकर स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी और दैनिक आदत बनाएं।
 स्वच्छ गंगा — स्वच्छ समाज — स्वस्थ भविष्य