बारुण में फ्लाई ऐश का जहर! NTPC-NPGCL की लापरवाही से लोगों का जीना मुश्किल, सांस लेना भी हुआ दुश्वार। #aaptaknewspoint1 #aurangabad #barun #BiharNews
बारुण। औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में नगर पंचायत बारुण-नवीनगर मुख्य पथ पर फ्लाई ऐश की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि NTPC और NPGCL से निकलने वाली फ्लाई ऐश के परिवहन में नियमों की अनदेखी के कारण सड़क और आसपास का इलाका धूल से प्रभावित है। लोगों का कहना है कि उन्हें घर से निकलने और सामान्य रूप से सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक फ्लाई ऐश से लदी कई गाड़ियां मुख्य सड़क से गुजरती हैं। आरोप है कि कुछ वाहन बिना पर्याप्त ढकाव और क्षमता से अधिक लोड के साथ चलते हैं, जिसके कारण राख सड़क पर गिरती रहती है और वाहनों के गुजरने पर धूल हवा में फैल जाती है। सड़क किनारे बसे लोगों और दुकानदारों को इससे सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
बरसात में कुछ राहत, बारिश थमते ही फिर वही हाल
लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में बारिश होने पर कुछ समय के लिए सड़क पर उड़ने वाली धूल से राहत जरूर मिलती है, लेकिन बारिश रुकने के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। सड़क पर जमा फ्लाई ऐश सूखते ही वाहनों के आवागमन से दोबारा हवा में उड़ने लगती है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर इस समस्या से उन्हें स्थायी राहत कब मिलेगी? वर्षों से चली आ रही इस परेशानी के बीच लोग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत
सड़क के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि उड़ती राख और धूल के कारण आंखों में जलन, गले में परेशानी तथा सांस लेने में दिक्कत जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि इन स्वास्थ्य समस्याओं के वास्तविक कारणों की पुष्टि चिकित्सकीय जांच से ही हो सकती है, लेकिन स्थानीय लोग फ्लाई ऐश की धूल को लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लोगों का सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या सिर्फ सड़क की नहीं, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य और रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी है। लोगों का सवाल है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा? परिवहन विभाग कब कार्रवाई करेगा? और क्षेत्र के सांसद एवं विधायक इस गंभीर समस्या पर चुप क्यों हैं?
लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जनप्रतिनिधियों को समस्याओं के समाधान के लिए वोट दिया है। ऐसे में जब इलाके के लोग लगातार फ्लाई ऐश और धूल से परेशान हैं, तो उनकी आवाज विधानसभा और संसद तक कब पहुंचेगी?
बीडीओ नीरज कुमार ने कहा—ओवरलोड और खुले में फ्लाई ऐश परिवहन पर प्रतिबंध
वहीं, बारुण प्रखंड विकास पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि मेह पुल डैमेज होने के कारण ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही फ्लाई ऐश को खुले में ले जाने पर भी रोक लगाई गई है।
बीडीओ ने बताया कि वाहनों को अंडरलोड चलाने की सलाह दी गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई वाहन ओवरलोड या खुले में फ्लाई ऐश लेकर जाता पाया जाता है तो उसे पकड़कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस बयान के बाद अब सवाल यह है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि सड़क पर ओवरलोड या खुले वाहनों का परिचालन जारी रहता है, तो जिम्मेदार वाहनों और संचालकों पर कितनी सख्ती से कार्रवाई होती है।
नियमों के पालन की मांग
ग्रामीणों और स्थानीय दुकानदारों ने मांग की है कि फ्लाई ऐश परिवहन करने वाले वाहनों की नियमित जांच की जाए। ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई हो और राख का परिवहन करते समय वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुसार ढकना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सड़क पर जमा फ्लाई ऐश की नियमित सफाई और धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की गई है।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—बारुण के लोगों को फ्लाई ऐश की इस समस्या से आखिर कब मिलेगी स्थायी राहत? प्रशासन ने कार्रवाई का भरोसा तो दिया है, लेकिन अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ जमीन पर कितनी सख्ती दिखाई जाती है।
Barun, Aurangabad | Aug 16, 2026