खुशियों की दास्तां....
चार माह की बालिका सिया को जन्मजात हृदय रोग से मिली मुक्ति
महज एक सप्ताह में एम्स भोपाल में हुई निःशुल्क पीडीए क्लोजर सर्जरी
हरदा- जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र के ग्राम गुठानिया निवासी शिव कपूर की चार माह की बेटी सिया को समय पर उपचार और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से जन्मजात हृदय रोग से मुक्ति मिली है। जिला चिकित्सालय हरदा में निमोनिया के उपचार के लिए भर्ती हुई सिया में चिकित्सकों ने जन्मजात हृदय रोग की संभावना पहचानी। इसके बाद महज एक सप्ताह से भी कम समय में उसकी जांच एवं उपचार की प्रक्रिया पूरी कर एम्स भोपाल में पीडीए क्लोजर सर्जरी की गई। आयुष्मान भारत योजना के तहत यह उपचार पूरी तरह निःशुल्क हुआ।
सिया को बार-बार सर्दी की समस्या होने पर उसके परिजन जिला चिकित्सालय हरदा लेकर पहुंचे थे। चिकित्सकों ने जांच में निमोनिया के लक्षण पाए और जन्मजात हृदय रोग की संभावना को देखते हुए उसे तत्काल पीआईसीयू वार्ड में भर्ती किया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रजेश रघुवंशी एवं डॉ. प्रियंका छारी की सलाह पर बालिका को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र (डीईआईसी) भेजा गया। डीईआईसी में ऑडियोलॉजिस्ट नीरज मालवीय ने बालिका की श्रवण क्षमता की जांच की। वहीं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक आशीष साकल्ले द्वारा एम्स भोपाल में हृदय रोग की जांच के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लिया गया। अगले ही दिन सिया की एम्स भोपाल के हृदय रोग विभाग में जांच कर इको परीक्षण किया गया।
इको जांच में सिया में पीडीए (Patent Ductus Arteriosus) नामक जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई। इस स्थिति में जन्म के बाद बंद हो जाने वाली महाधमनी और फेफड़ों की धमनी के बीच की नली खुली रह जाती है। एम्स भोपाल के चिकित्सा विशेषज्ञ अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बालिका के लिए प्रक्रिया आवश्यक बताई।
सिया के माता-पिता कुंती और शिव कपूर के लिए यह स्थिति चिंता का विषय थी। हालांकि, परिवार आयुष्मान भारत-निरामयम् मध्यप्रदेश योजना के लिए पात्र होने के कारण सिया की सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क की गई। एक सप्ताह से भी कम समय में जांच से लेकर उपचार तक की पूरी प्रक्रिया पूरी हो गई। सिया का फॉलोअप भी किया जा चुका है और वह अब स्वस्थ है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना जिले के जरूरतमंद लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सुदूर वन क्षेत्र के गांव की बालिका को समय पर बीमारी की पहचान, विशेषज्ञ जांच और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की तत्परता का उदाहरण है।
सिया के चाचा सोनू ने कम समय में बालिका को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिला चिकित्सालय हरदा, एम्स भोपाल के चिकित्सकों तथा डीईआईसी हरदा की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
Harda, Harda | Aug 26, 2026