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बरसात के पानी से कट रही सड़क को बचाने में जुटे नौनिहाल, मासूमों का प्रयास बना चर्चा का विषय . #हरदोई: बरसात के मौसम में जलभराव और तेज बहाव के चलते बेनीगंज कस्बे से बेल्हैया गांव होते हुए बैरागी खेड़ा, चपरतला, महुआकोला समेत कई गांवों को सीधे जोड़ने वाला महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्ग अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। सड़क के कटकर जमींदोज होने की स्थिति के बीच आसपास के गांवों के नन्हे-मुन्ने बालकों द्वारा इसे बचाने के लिए किए जा रहे प्रयास लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बेनीगंज देहात के बेल्हैया गांव से होकर अन्य गांवों और संपर्क मार्गों को जोड़ने वाला यह गिट्टी एवं मिट्टी युक्त मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार है। हुई तेज बरसात के बाद मार्ग के आसपास के खेतों में जमा पानी का बहाव सड़क पर होते हुए पुनः खेतों की ओर होने लगा। पानी के लगातार तेज बहाव से सड़क की मिट्टी कटती चली गई और देखते ही देखते मार्ग का हिस्सा कमजोर होकर टूटने लगा। सड़क को तेजी से कटता देख आसपास के कुछ नौनिहालों ने अपने स्तर से पानी के बहाव को रोकने और सड़क को बचाने का प्रयास शुरू कर दिया। मासूम बालक मिट्टी लगाकर पानी की दिशा मोड़ने और सड़क के कटाव को रोकने की कोशिश करते दिखाई दिए। उनका यह प्रयास भले ही संसाधनों के अभाव में छोटा नजर आए, लेकिन ग्रामीणों के लिए यह दृश्य बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों के लिए आवागमन का सीधा महत्वपूर्ण साधन है। इसके खराब होने से ग्रामीणों को खेतों, बाजारों और आसपास के गांवों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान में सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि बारिश जारी रहने पर इसका बड़ा हिस्सा पूरी तरह कटकर समाप्त होने की आशंका है। बताया जाता है कि मार्ग के कुछ हिस्से का निर्माण दशकों पूर्व ऊसर सुधार विभाग द्वारा कराया गया था। इसके बाद लंबे समय से किसी संबंधित विभाग द्वारा मार्ग की समुचित देखरेख अथवा मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार उपेक्षा के चलते सड़क की स्थिति वर्ष दर वर्ष बिगड़ती गई और अब बरसात ने इसकी जर्जर हालत को और उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं प्रशासन से मांग की है कि मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कराकर तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए तथा कट चुके हिस्सों की मरम्मत कर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए। साथ ही भविष्य में जलभराव और बरसाती पानी के कटाव से सड़क को बचाने के लिए स्थायी नाला अथवा उचित जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए। फिलहाल, जिस सड़क को वर्षों से जिम्मेदार विभागों की निगरानी और मरम्मत का इंतजार है, उसे बचाने के लिए नन्हे-मुन्ने बच्चों का आगे आना व्यवस्था की अनदेखी पर सवाल खड़े करने के साथ ही ग्रामीणों की संवेदनशीलता और सामुदायिक भावना की तस्वीर भी पेश कर रहा है। #रिपोर्ट: पुनीत मिश्रा/बेनीगंज - Hardoi News