स्वतंत्रता दिवस पर 12 बंदियों को मिली नई जिंदगी, जेल में हुआ ध्वजारोहण
सतना। स्वतंत्रता दिवस पर केंद्रीय जेल सतना में जेल अधीक्षक लीना कोष्टा ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। देशभक्ति गीतों और मिठाई वितरण के बीच आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे 12 बंदियों को रिहा किया गया। 13 बंदियों का प्रस्ताव था, लेकिन एक वृद्ध बंदी की पैरोल के दौरान मृत्यु होने से 12 ही रिहा हो सके।
रिहा बंदियों में सतना के सोमू कोल, लालजी कुशवाहा, कमलेश उर्फ नंदलाल उर्फ चब्बू मवासी; पन्ना के पप्पू बसोर, संतोष उर्फ चार्ली आदिवासी, राजकुमार उर्फ चुनकू लोध, राजाराम अहीर, रामसिंह महदेले; छतरपुर के बैजनाथ राजपूत, नंदकिशोर अहिरवार, रंधीर लोधी और खुली जेल कॉलोनी सतना के आशीष उर्फ बाबा तिवारी शामिल हैं। जेल अधीक्षक ने उन्हें रिहाई प्रमाण पत्र, पारिश्रमिक पासबुक, श्रीफल, श्रीमद्भगवद्गीता, आम का पौधा और लंच पैकेट देकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की शुभकामनाएं दीं।
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