सरपंच के सामने स्कूल से आते बच्चे बरसात के भरे गंदे पानी में गिरे, सरपंच हुआ दुखी, समय व जरूरत के लिए ग्रांट न मिलने से, समस्या अनेकों बात कही है।
बरसात के गंदे पानी निकासी से परेशान सरपंच, सरपंच के सामने ही गली में भरे बरसात के गंदे पानी में गिरे विद्यार्थी, दुखी मन से सरपंच बोला चार साल से निकासी के लिए गंदे नाला के ग्रांट की पंचायत मांग करती आ रही हैं। नही मिल रही ग्रांट।
विद्यार्थियों को गंदे पानी से निकलने को मजबूर।
बरसात के गंदे पानी निकासी से परेशान गग्रामीणों में रोष, विद्यार्थियों को गंदे पानी से निकलने पर हर रोज गिरते छोटे-छोटे बच्चो से दुखर सरपंच। संजय त्यागी ने पंचायत की ओर से प्रस्ताव कर अधर में लटका गंदे नाले निर्माण कार्य के लिए मांग कर रहे है़ शुक्रवार को जमकर हुई बरसात से गांव सनौली खुर्द में सरपंच संजय के सामने स्कूल से आते बच्चे बरसात के भरे गंदे पानी में बस्ते सहित गिर गए। उस समय सरपंच संजय त्यागी भी उसे गली में अंधर में पडे गंदे नाले की ग्रांट न मिलने से गली में भरे गंदे पानी निकासी समस्या को देखने पहुंचे थे। तभी बरसात रूकने के बाद जब स्कूल से छुटटी होने के बाद बच्चे खंड कार्यालय से लगी गली में भरे गंदे एक-दो फुट पानी के अंदर से निकल कर जा रहे थे। तभी अचानक दो बच्चे बारी-बार से किताबों से भरे बस्ते सहित गिर गए और रोने लगे । तभी सरपंच संजय त्यागी ने उनके साथ चल रहे बडो बच्चो से उन्हे गंदे पानी में उठवाया और रोते हुए छोटे-छोटे बच्चो को देख कर सरपंच के आंखों में आंशू निकल गए और नम आंखे से सरपंच संजय त्यागी ने कहा कि पिछले तीन-चार सालों से मैन फिरनी गली का गंदा आधे गंदे नाले का निर्माण हुआ था और आंधे का निर्माण गग्रांट की कमी से नही हो पा रहा हैं। कई बार पंचायत ने अलग-लग जगहो पर गंदे नाले निर्माण के लिए ग्रांट की मांग कर चुके हैं। मगर ग्रांट नही आ रही हैं। गली में भरे खडे गंदे पानी के अंदर बच्चे गिरने से सरपंच संजय त्यागी का मन दुखी हदय से बोलो की नाले निर्माण की ग्रांट न मिलने से निकासी समस्या होना बताया कि जिस कार्य को पहले करना चाहिएं वो काम नही हो रहे हैं। गांव में पुस्तकालय बनाने व अन्य कार्यो की ग्रांट आई हैं। गंदे नाले निर्माण कार्य के लिए ग्रांट की कई बार अधिकारियों व नेताओं से कर रहे है।