बागपत डबल मर्डर: तंत्र क्रिया, सट्टे के नंबर और डेरे से जुड़ी पुरानी गतिविधियां भी जांच के घेरे में
बागपत। चांदीनगर क्षेत्र के सिंगोली तगा गांव के अंकित प्रजापति और इसरार हत्याकांड में अब आरोपी साधु/महंत नरेश नाथ की पुरानी गतिविधियों को लेकर भी कई दावे सामने आने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हत्या के मामले की जांच के बीच नरेश नाथ के सट्टे के नंबर बताने, तंत्र क्रिया के नाम पर रुपये लेने और डेरे में बाहरी लोगों की आवाजाही से जुड़े आरोप भी चर्चा में हैं।
दिसंबर 2025 में बाबा हरनामदास के डेरे पर आया था
ग्रामीण अंकुश और विकास के अनुसार, नरेश नाथ दिसंबर 2025 में बाबा हरनामदास महाराज के डेरे पर आया था। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उसने सीसीटीवी कैमरे, वातानुकूलित यंत्र, बड़ी दूरदर्शन मशीन, कपड़े धोने की मशीन समेत कई सुविधाएं जुटा लीं।
इसके बाद उसके परिचितों की भी डेरे पर आवाजाही बढ़ गई। ग्रामीणों का दावा है कि दिन में बाहरी लोगों का आना-जाना और रात में महिलाओं के आने से गांव के लोगों को परेशानी होने लगी थी।
सट्टे के नंबर और तंत्र क्रिया के नाम पर रुपये लेने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि नरेश नाथ लोगों को सट्टे के नंबर बताता था और तंत्र क्रिया के नाम पर रुपये लेता था। रुपये वापस मांगने को लेकर कई बार विवाद होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली और हरियाणा समेत दूसरे राज्यों से भी लोग सट्टे के नंबर लेने उसके पास आते थे। ग्रामीणों के मुताबिक, उसकी गतिविधियों से परेशान होकर पहले उसे नवादा गांव और बाद में सिंगोली तगा के डेरे से भी हटाया गया।
सामान लेकर दोबारा डेरे पर पहुंचा था
ग्रामीण विकास के मुताबिक, डेरे से निकाले जाने के कुछ दिन बाद नरेश नाथ अपने कुछ साथियों के साथ दोबारा वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने अपना सामान तो उठाया ही, साथ में डेरे में लगे पंखे, लोहे का सामान, बर्तन और भंडारे का सामान भी ले जाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों का कहना है कि उसने डेरे की कोठरी की चौखट उखाड़ने की कोशिश भी की, लेकिन विरोध होने पर ऐसा नहीं कर सका।
इसके बाद लहचौड़ा के गणेश मंदिर में रहने लगा
डेरे से विवाद के बाद नरेश नाथ लहचौड़ा स्थित श्रीगणेश मंदिर में रहने लगा। पुलिस जांच के मुताबिक, 25 जुलाई को अंकित और इसरार इसी मंदिर परिसर में पहुंचे थे, जहां बाद में दोनों की हत्या कर शव दफनाए जाने का मामला सामने आया।
पुलिस के अनुसार, दोनों युवकों को कथित तौर पर नशीली चाय पिलाकर बेहोश किया गया और इसके बाद जहरीला इंजेक्शन लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, कथित इंजेक्शन अभी बरामद नहीं हुआ है। मंदिर से नींद की गोलियों का रैपर और सिरिंज मिलने की बात सामने आई है।
चार लोगों ने खोदा था गड्ढा, किशोर ने की थी पहरेदारी
पुलिस की जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों युवकों को दफनाने के लिए गड्ढा खोदा गया था। आरोप है कि इस दौरान करीब 14 वर्षीय किशोर को मंदिर के गेट पर पहरेदारी के लिए लगाया गया था।
दोनों शवों को मंदिर परिसर में दफनाने के बाद ऊपर निर्माण/टाइल्स लगाए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने खुदाई कर दोनों शव बरामद किए थे।
बाइक और मोबाइल को भी ठिकाने लगाने का आरोप
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अंकित और इसरार जिस बाइक से मंदिर पहुंचे थे, उसे यमुना नहर में फेंकने और मोबाइल को भी पानी में डालने की कोशिश की गई। पुलिस बाइक और मोबाइल बरामद करने का प्रयास कर रही है।
महंत और बेटे की तलाश
मामले में नरेश नाथ के दो शिष्यों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हत्या और शव दफनाने से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। वहीं नरेश नाथ और उसके बेटे की तलाश जारी है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
फिलहाल पुलिस हत्या के मुख्य मामले के साथ-साथ नरेश नाथ की पुरानी गतिविधियों और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सट्टे और तंत्र क्रिया से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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Baghpat, Bagpat | Aug 14, 2026