ग्रेटर नोएडा: जेवर एयरपोर्ट के लिए उजड़े किसानों का छलका दर्द, आखिर कहां जाएं प्रभावित परिवार?
जेवर एयरपोर्ट देश और प्रदेश के विकास की नई पहचान बन रहा है, लेकिन इस विकास के बीच विस्थापित किसानों और उनके परिवारों की समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्होंने एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन और घर छोड़े, लेकिन आज भी रोजगार की समस्या से जूझ रहे हैं। किसानों को मिला छोटा-सा प्लॉट उनकी जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका सवाल है कि जब इतनी कम जगह है, तो भैंस कहां बांधें और परिवार का गुजारा कैसे करें?
किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए बच्चों के भविष्य और शादी-ब्याह को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि जमीन चली गई, घर छूट गया, लेकिन रोजगार का सहारा नहीं मिला। आखिर वे अपने परिवार की जरूरतें कैसे पूरी करें?
एक तरफ विकास का बड़ा सपना, दूसरी तरफ विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भविष्य की चिंता।
अब सवाल यह है कि क्या इन प्रभावित किसानों को रोजगार, पर्याप्त आवासीय सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
जेवर एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों की आवाज आप तक पहुंचाना जरूरी है। आप बताइए—विकास के साथ विस्थापित परिवारों का पुनर्वास और रोजगार सुनिश्चित होना चाहिए या नहीं? अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।
ग्रेटर नोएडा | News Aaj
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