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देहरादून: बेरोजगार लैब तकनीशियनों ने दी मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी, 20वें दिन भी जारी रहा धरना देहरादून में मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ के बैनर तले एकता विहार स्थित धरना स्थल पर डिग्रीधारी बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियनों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को 20वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत लैब तकनीशियनों ने अब मुख्यमंत्री आवास घेराव और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के महासचिव मयंक राणा और संगठन मंत्री अनुराग पंत ने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री से वार्ता का समय मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के 26 वर्षों बाद भी लैब तकनीशियनों के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है, जिसके कारण हजारों डिग्रीधारी युवा बेरोजगार हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि 26 वर्षों से सेवा नियमावली न बनने के कारण न तो पदों का सृजन हो पाया और न ही डिग्रीधारी लैब तकनीशियनों के लिए नियमित भर्तियां निकाली गईं। वर्षों से उपेक्षित लैब तकनीशियन अब आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री स्तर पर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जल्द मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। लैब तकनीशियनों की प्रमुख मांगों में मानकों के अनुरूप पदों का सृजन, वर्षवार मेरिट के आधार पर सेवा नियमावली बनाना, आयु सीमा में एकमुश्त छूट प्रदान करना तथा सरकारी लैबों के निजीकरण पर रोक लगाना शामिल है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी चार सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर संगठन के अध्यक्ष आशीष चंद्र, महासचिव मयंक राणा, उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, संगठन मंत्री अनुराग पंत, कोषाध्यक्ष देवेंद्र भट्ट सहित बड़ी संख्या में डिग्रीधारी लैब तकनीशियन मौजूद रहे। #facebookreelsviral #viralreelschallenge #facebookreels #rudraprayag_uttrakhand #facebookviral #NewsUpdate #labtechnicians #dehradun #team #medical

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रील्स और रोमांच के चक्कर में जान जोखिम में न डालें! 

बरसात के मौसम में नदी-नालों, झरनों और जलप्रपातों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। ऐसे खतरनाक स्थलों पर उतरना, तेज बहाव के बीच जाना या किनारे खड़े होकर फोटो/वीडियो बनाना जानलेवा साबित हो सकता है।

रील्स और रोमांच के चक्कर में जान जोखिम में न डालें! बरसात के मौसम में नदी-नालों, झरनों और जलप्रपातों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। ऐसे खतरनाक स्थलों पर उतरना, तेज बहाव के बीच जाना या किनारे खड़े होकर फोटो/वीडियो बनाना जानलेवा साबित हो सकता है।

Rudraprayag, Rudraprayag | Aug 16, 2026

कैबनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के प्रयासों से पश्चिमी भरदार में विकास को मिली रफ्तार, पुल के लिए ₹6.36 करोड़ और पेयजल योजना के लिए ₹85 लाख स्वीकृत।

रुद्रप्रयाग। पश्चिमी भरदार क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को स्वीकृति मिली है। सेमलता–डूंगरा–कफना मोटर मार्ग पर भरदारी गाड़ में पुल निर्माण के लिए ₹6.36 करोड़ तथा क्वीलाखाल–सौदा लिफ्ट पम्पिंग पेयजल योजना के NPV के लिए ₹85 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-20 में निर्मित सेमलता–डूंगरा–कफना मोटर मार्ग पर सेमलता और डूंगरा के मध्य भरदारी गाड़ में प्रस्तावित पुल का निर्माण लंबे समय से धनराशि के अभाव में लंबित था। पुल न होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी।

क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने सरकार में मंत्री बनने के बाद इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों को पुल निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत विचलन के माध्यम से ₹6.36 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि पुल निर्माण से क्षेत्र के आवागमन को बड़ी राहत मिलेगी।
वहीं क्वीलाखाल–सौदा लिफ्ट पम्पिंग पेयजल योजना भी वन विभाग की स्वीकृति के कारण लंबित चल रही थी। योजना को आगे बढ़ाने के लिए कार्यदायी संस्था पेयजल निगम को NPV के रूप में ₹85 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। वन विभाग से आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया गतिमान है और योजना का कार्य सितंबर माह से शुरू किए जाने की तैयारी है। योजना के पूरा होने के बाद पश्चिमी भरदार क्षेत्र में पेयजल की समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों को गति देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सेमलता–डूंगरा पुल का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही पेयजल योजना को भी शीघ्र धरातल पर उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी भरदार सहित पूरे विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।

कैबनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के प्रयासों से पश्चिमी भरदार में विकास को मिली रफ्तार, पुल के लिए ₹6.36 करोड़ और पेयजल योजना के लिए ₹85 लाख स्वीकृत। रुद्रप्रयाग। पश्चिमी भरदार क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को स्वीकृति मिली है। सेमलता–डूंगरा–कफना मोटर मार्ग पर भरदारी गाड़ में पुल निर्माण के लिए ₹6.36 करोड़ तथा क्वीलाखाल–सौदा लिफ्ट पम्पिंग पेयजल योजना के NPV के लिए ₹85 लाख स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-20 में निर्मित सेमलता–डूंगरा–कफना मोटर मार्ग पर सेमलता और डूंगरा के मध्य भरदारी गाड़ में प्रस्तावित पुल का निर्माण लंबे समय से धनराशि के अभाव में लंबित था। पुल न होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने सरकार में मंत्री बनने के बाद इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों को पुल निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत विचलन के माध्यम से ₹6.36 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि पुल निर्माण से क्षेत्र के आवागमन को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं क्वीलाखाल–सौदा लिफ्ट पम्पिंग पेयजल योजना भी वन विभाग की स्वीकृति के कारण लंबित चल रही थी। योजना को आगे बढ़ाने के लिए कार्यदायी संस्था पेयजल निगम को NPV के रूप में ₹85 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। वन विभाग से आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया गतिमान है और योजना का कार्य सितंबर माह से शुरू किए जाने की तैयारी है। योजना के पूरा होने के बाद पश्चिमी भरदार क्षेत्र में पेयजल की समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों को गति देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सेमलता–डूंगरा पुल का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही पेयजल योजना को भी शीघ्र धरातल पर उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी भरदार सहित पूरे विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।

Rudraprayag, Rudraprayag | Aug 16, 2026

आपदा के मोर्चे पर मंत्री मदन कौशिक का सख्त अल्टीमेटम, बंद सड़कें नहीं खुलीं तो अफसरों पर गिरेगी गाज!
मलबे में फंसे मार्गों को तत्काल खोलने के निर्देश, संवेदनशील इलाकों पर 24 घंटे नजर रखने को कहा,,

रुद्रप्रयाग। मानसून की बारिश के बीच आपदा के मोर्चे पर सरकारी मशीनरी की तैयारियों को परखने पहुंचे कैबिनेट मंत्री एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को सख्त तेवर दिखाए। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि आपदा के समय राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबे समय से बंद सड़कों को लेकर नाराज मंत्री ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर मार्ग खोलने के निर्देश दिए।

मंत्री ने जिले के संवेदनशील क्षेत्रों, बंद एवं बाधित सड़कों, उपलब्ध जेसीबी और अन्य मशीनरी, राहत एवं बचाव दलों तथा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और क्यूआरटी की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा कि आपदा की स्थिति में आवश्यक मशीनरी और उपकरण कहां-कहां उपलब्ध हैं और कितनी देर में मौके पर पहुंच सकते हैं।

मलबा गिरा तो मशीन मौके पर पहुंचने में नहीं होनी चाहिए देरी

मदन कौशिक ने निर्देश दिए कि सड़क बंद होते ही इंपैनल की गई मशीनों को तत्काल प्रभावित स्थल पर भेजा जाए। उन्होंने मशीनरी की लोकेशन और उपलब्धता की अद्यतन जानकारी रखने को कहा, ताकि मलबा हटाने में समय बर्बाद न हो और यातायात जल्द बहाल किया जा सके।

उन्होंने उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों और महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

अगस्त्यमुनि-तिलवाड़ा में जलभराव पर मंत्री सख्त

बारिश के दौरान अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा सहित कई बाजार क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर भी मंत्री ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित विभागों को स्थायी समाधान के लिए प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि हर बरसात में जलभराव की समस्या दोहराने के बजाय इसका स्थायी समाधान किया जाए।

पीपलकोटी टनल हादसे के बाद बढ़ी चुनौती

समीक्षा बैठक में पीपलकोटी में हाल ही में हुई टनल दुर्घटना का भी उल्लेख हुआ। मंत्री ने कहा कि ऐसे हादसों से निपटने के लिए रेस्क्यू सिस्टम को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और विशेषज्ञों की मदद से आपदा प्रबंधन की तैयारियां मजबूत करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय भारतीय सेना, एनडीआरएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग लिया जा रहा है तथा राज्य सरकार आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही है।

अधिकारी अलर्ट रहें, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब मौसम के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में व्यवधान आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

उन्होंने दो टूक कहा कि मानसून में किसी भी आपदा की स्थिति में राहत-बचाव कार्य में लापरवाही सामने आई तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और आमजन तथा केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करें।

बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

आपदा के मोर्चे पर मंत्री मदन कौशिक का सख्त अल्टीमेटम, बंद सड़कें नहीं खुलीं तो अफसरों पर गिरेगी गाज! मलबे में फंसे मार्गों को तत्काल खोलने के निर्देश, संवेदनशील इलाकों पर 24 घंटे नजर रखने को कहा,, रुद्रप्रयाग। मानसून की बारिश के बीच आपदा के मोर्चे पर सरकारी मशीनरी की तैयारियों को परखने पहुंचे कैबिनेट मंत्री एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को सख्त तेवर दिखाए। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि आपदा के समय राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबे समय से बंद सड़कों को लेकर नाराज मंत्री ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर मार्ग खोलने के निर्देश दिए। मंत्री ने जिले के संवेदनशील क्षेत्रों, बंद एवं बाधित सड़कों, उपलब्ध जेसीबी और अन्य मशीनरी, राहत एवं बचाव दलों तथा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और क्यूआरटी की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा कि आपदा की स्थिति में आवश्यक मशीनरी और उपकरण कहां-कहां उपलब्ध हैं और कितनी देर में मौके पर पहुंच सकते हैं। मलबा गिरा तो मशीन मौके पर पहुंचने में नहीं होनी चाहिए देरी मदन कौशिक ने निर्देश दिए कि सड़क बंद होते ही इंपैनल की गई मशीनों को तत्काल प्रभावित स्थल पर भेजा जाए। उन्होंने मशीनरी की लोकेशन और उपलब्धता की अद्यतन जानकारी रखने को कहा, ताकि मलबा हटाने में समय बर्बाद न हो और यातायात जल्द बहाल किया जा सके। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों और महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। अगस्त्यमुनि-तिलवाड़ा में जलभराव पर मंत्री सख्त बारिश के दौरान अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा सहित कई बाजार क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर भी मंत्री ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित विभागों को स्थायी समाधान के लिए प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि हर बरसात में जलभराव की समस्या दोहराने के बजाय इसका स्थायी समाधान किया जाए। पीपलकोटी टनल हादसे के बाद बढ़ी चुनौती समीक्षा बैठक में पीपलकोटी में हाल ही में हुई टनल दुर्घटना का भी उल्लेख हुआ। मंत्री ने कहा कि ऐसे हादसों से निपटने के लिए रेस्क्यू सिस्टम को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और विशेषज्ञों की मदद से आपदा प्रबंधन की तैयारियां मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय भारतीय सेना, एनडीआरएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग लिया जा रहा है तथा राज्य सरकार आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही है। अधिकारी अलर्ट रहें, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब मौसम के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में व्यवधान आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि मानसून में किसी भी आपदा की स्थिति में राहत-बचाव कार्य में लापरवाही सामने आई तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और आमजन तथा केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करें। बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Rudraprayag, Rudraprayag | Aug 16, 2026

जय बाबा केदारनाथ 🌹

जय बाबा केदारनाथ 🌹

Rudraprayag, Rudraprayag | Aug 16, 2026

टनल हादसे के बाद दो लापता श्रमिकों की तलाश जारी, पानी और मलबा बना चुनौती!!

चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुई दुर्घटना के बाद लापता श्रमिकों की तलाश और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे के बाद से रेस्क्यू एजेंसियां टनल के भीतर फंसे दो लापता श्रमिकों को तलाशने में जुटी हुई हैं।

रेस्क्यू अभियान के तहत एसडीआरएफ समेत विभिन्न बचाव एजेंसियों की टीमें टनल के भीतर संभावित स्थानों पर लगातार सर्चिंग कर रही हैं। टनल के अंदर जमा पानी और भारी मलबा रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती बना हुआ है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल आधुनिक तकनीकी उपकरणों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

रेस्क्यू टीमों द्वारा टनल के उन हिस्सों में विशेष रूप से सर्चिंग की जा रही है, जहां लापता श्रमिकों के मौजूद होने की संभावना है। पानी और मलबे को हटाने के साथ ही सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ते हुए संभावित स्थानों की गहन जांच की जा रही है।
लापता श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना रेस्क्यू एजेंसियों की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बचाव अभियान में जुटी टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं और अभियान के परिणाम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

टनल हादसे के बाद दो लापता श्रमिकों की तलाश जारी, पानी और मलबा बना चुनौती!! चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुई दुर्घटना के बाद लापता श्रमिकों की तलाश और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे के बाद से रेस्क्यू एजेंसियां टनल के भीतर फंसे दो लापता श्रमिकों को तलाशने में जुटी हुई हैं। रेस्क्यू अभियान के तहत एसडीआरएफ समेत विभिन्न बचाव एजेंसियों की टीमें टनल के भीतर संभावित स्थानों पर लगातार सर्चिंग कर रही हैं। टनल के अंदर जमा पानी और भारी मलबा रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती बना हुआ है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल आधुनिक तकनीकी उपकरणों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। रेस्क्यू टीमों द्वारा टनल के उन हिस्सों में विशेष रूप से सर्चिंग की जा रही है, जहां लापता श्रमिकों के मौजूद होने की संभावना है। पानी और मलबे को हटाने के साथ ही सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ते हुए संभावित स्थानों की गहन जांच की जा रही है। लापता श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना रेस्क्यू एजेंसियों की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बचाव अभियान में जुटी टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं और अभियान के परिणाम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Rudraprayag, Rudraprayag | Aug 16, 2026

देहरादून: बेरोजगार लैब तकनीशियनों ने दी मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी, 20वें दिन भी जारी रहा धरना देहरादून में मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ के बैनर तले एकता विहार स्थित धरना स्थल पर डिग्रीधारी बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियनों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को 20वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत लैब तकनीशियनों ने अब मुख्यमंत्री आवास घेराव और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के महासचिव मयंक राणा और संगठन मंत्री अनुराग पंत ने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री से वार्ता का समय मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के 26 वर्षों बाद भी लैब तकनीशियनों के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है, जिसके कारण हजारों डिग्रीधारी युवा बेरोजगार हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि 26 वर्षों से सेवा नियमावली न बनने के कारण न तो पदों का सृजन हो पाया और न ही डिग्रीधारी लैब तकनीशियनों के लिए नियमित भर्तियां निकाली गईं। वर्षों से उपेक्षित लैब तकनीशियन अब आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री स्तर पर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जल्द मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। लैब तकनीशियनों की प्रमुख मांगों में मानकों के अनुरूप पदों का सृजन, वर्षवार मेरिट के आधार पर सेवा नियमावली बनाना, आयु सीमा में एकमुश्त छूट प्रदान करना तथा सरकारी लैबों के निजीकरण पर रोक लगाना शामिल है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी चार सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर संगठन के अध्यक्ष आशीष चंद्र, महासचिव मयंक राणा, उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, संगठन मंत्री अनुराग पंत, कोषाध्यक्ष देवेंद्र भट्ट सहित बड़ी संख्या में डिग्रीधारी लैब तकनीशियन मौजूद रहे। #facebookreelsviral #viralreelschallenge #facebookreels #rudraprayag_uttrakhand #facebookviral #NewsUpdate #labtechnicians #dehradun #team #medical - Rudraprayag News