बादल फटने से भरमौर में भारी तबाही, पुल बहा; उफनती नदी पार करने को लकड़ी बनी सहारा
सुरेंद्र ठाकुर
भरमौर 17 अगस्त
चंबा के भरमौर क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। ग्राम पंचायत बलोठ के 84 चला गांव में बादल फटने के बाद अचानक आए भारी सैलाब ने तबाही मचा दी। तेज बहाव में श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए बनाया गया लोहे का पुल बह गया, जबकि पैदल रास्ते का बड़ा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
पुल और रास्ता टूटने के कारण मां भगवती खुंढी वाली के दर्शनों के लिए जा रहे करीब 40 से 50 श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। इन दिनों श्रद्धालु करीब 35 से 40 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर माता के मंदिर पहुंच रहे हैं। मंगलवार को ज्येष्ठ मंगलवार के अवसर पर डल झील में पवित्र स्नान की परंपरा के चलते श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना रहती है।
उफनती नदी के बीच लकड़ी बनी सहारा
सैलाब के बाद मौके के हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो गए। नदी पर बना पुल बह जाने के बाद स्थानीय लोगों ने एक बड़े लकड़ी के पेड़ को अस्थायी सहारे के रूप में लगाकर श्रद्धालुओं को उफनती नदी के पार करवाया। स्थानीय लोगों की तत्परता से श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया गया और बड़ा हादसा होने से टल गया।
बादल फटने की सूचना मिलते ही पूर्व प्रधान पवन शर्मा भी स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु रास्ते में फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने मिलकर तत्काल अस्थायी व्यवस्था तैयार की और श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने में मदद की।
जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं
राहत की बात यह है कि इस प्राकृतिक आपदा में अभी तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि पुल पूरी तरह बह जाने और पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है।
अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मार्ग को जल्द बहाल करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की है। नदी का बहाव तेज होने की स्थिति में अस्थायी रास्ते से आवाजाही भी जोखिम भरी हो सकती है।
Pangi Live News मौके के हालात पर अपनी नजर बनाए हुए है।
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