मंडल कारा में वित्तीय लेनदेन पर उठे सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग
आरटीआई से मिले अभिलेखों में विसंगतियों का दावा, कैंटीन और नकद रजिस्टर की पड़ताल कराने की माँग
जहानाबाद : काको स्थित जहानाबाद मंडल कारा में कैंटीन के संचालन और नकद लेनदेन के हिसाब-किताब को लेकर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। अनुप कुमार शर्मा ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए जेल के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बिंदुओं पर सवाल उठाए और संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।
अनुप कुमार शर्मा का दावा है कि नकद रजिस्टर में दर्ज राशि और बंदियों के स्वजन द्वारा जमा कराई गई रकम के विवरण में अंतर है। उनके अनुसार, परिजनों ने कुल सात हजार रुपये जमा कराए थे, जबकि सरकारी अभिलेख में एक हजार रुपये की ही प्रविष्टि दर्ज होने की बात सामने आई है। उन्होंने शेष छह हजार रुपये के अंतर की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दस्तावेजों की तारीखों पर भी सवाल
शर्मा ने कैंटीन से संबंधित कागजात की तारीखों में अंतर होने का भी दावा किया। उनके मुताबिक, आरटीआई के जवाब के साथ प्राप्त पत्र पर 28 सितंबर 2026 की तारीख अंकित है, जबकि संलग्न खाद्य सुरक्षा लाइसेंस 29 सितंबर 2026 को जारी होने का उल्लेख करता है। उन्होंने इस अंतर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की।
उन्होंने जेल परिसर में प्रतिबंधित तंबाकू और खैनी की कथित बिक्री का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि पांच रुपये में मिलने वाली खैनी की कीमत जेल के भीतर 500 रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई है। उन्होंने पिछले तीन महीने के दौरान तंबाकू और खैनी की बरामदगी, जब्ती तथा संबंधित कार्रवाई का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। शर्मा का कहना है कि आरटीआई आवेदन के माध्यम से मांगी गई कुछ जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई गईं।
तीन अक्टूबर को अधिकारियों को भेजा आवेदन
अनुप कुमार शर्मा के अनुसार, उन्होंने तीन अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और कारा महानिरीक्षक, पटना को प्रथम अपील तथा सुरक्षा से संबंधित आवेदन स्पीड पोस्ट से भेजा था। उनका दावा है कि उसी दिन शाम को उन्हें जेल प्रशासन की ओर से आरटीआई से संबंधित पत्र मिला। उन्होंने इस घटनाक्रम की भी जांच कराने की मांग की है।
कैशलेस भुगतान व्यवस्था लागू करने की मांग
शर्मा ने जेल के वित्तीय खातों, कैंटीन के संचालन और नकद रजिस्टर की उच्चस्तरीय न्यायिक अथवा सतर्कता जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कैंटीन में लेनदेन को पारदर्शी बनाने के लिए नकद रहित भुगतान और बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने का सुझाव भी दिया। उनका कहना है कि जांच में आरोप प्रमाणित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि उचित कार्रवाई नहीं होने पर वह पटना उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने पर विचार करेंगे। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने तथा अभिलेखों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Jehanabad, Jehanabad | Oct 9, 2026