मरणोपरांत देहदान कर स्व. विशंभर साहू जी ने पेश की मानवता की मिसाल
बालोद जिले के गुरूर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम डधारी से समाजसेवा और मानवता की एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है।
तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के शिष्य स्व. विशंभर साहू जी ने जीवित रहते मरणोपरांत देहदान का संकल्प लिया था। 12 अगस्त 2026 को उनके निधन के बाद उनके पुत्र हरख राम साहू और परिवार ने उनके संकल्प को पूरा करते हुए पार्थिव शरीर को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव की टीम को सौंप दिया।
परिजनों का कहना है कि देहदान के माध्यम से मृत्यु के बाद भी शरीर चिकित्सा शिक्षा और शोध के काम आ सकता है।
परिवार के इस निर्णय की क्षेत्र में सराहना हो रही है और इसे समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।
🎥 देखिए पूरी Ground Report और जानिए परिवार ने क्यों लिया देहदान का फैसला।
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