न मिल, न बारदाना, न भुगतान — नरवाना के किसान के हिस्से सिर्फ इंतजार : आदित्य सिंह सुरजेवाला
बोले- नरवाना में कैबिनेट मंत्री का इलाका होने के बावजूद किसान की जेब खाली, भुगतान का खाता तक नहीं खुला!
कहा: हरियाणा में बारिश से खेतों व मंडी में बर्बादी और फसल खरीद पर नायब सैनी सरकार की लूट से खून के आंसू रो रहा है किसान!
नरवाना की अनाज मंडी का दौरा कर किसान-मजदूर-आढ़ती से मुलाकात कर फसल खरीद व्यवस्था का लिया जायजा।
नरवाना: 11अक्टूबर, (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो:
हरियाणा कांग्रेस विधायक आदित्य सिंह सुरजेवाला ने प्रदेश में धान खरीद की बदहाली, धीमी उठान और हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के कारण मंडी व खेतों में भीगे धान को लेकर नायब सैनी सरकार पर तीखा हमला बोला है। विधायक आदित्य सुरजेवाला ने आज रविवार को नरवाना अनाज मंडी में किसान-मजदूर-आढ़ती साथियों से मुलाकात कर फसल खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। सुरजेवाला ने सैनी सरकार को इवेंट सरकार और मुख्यमंत्री को शगुफा सीएम करार देते हुए कहा कि भाजपा का धोखे का चक्रव्यूह अब किसानों को नमी के बहाने लूटने और मंडियों को बर्बाद करने पर उतारू है। प्रदेश में हुई तेज बारिश ने सैनी सरकार के दावों की पोल खोल दी है। मंडियों में खुले में पड़ी लाखों टन धान की फसल पानी में डूब गई है। करनाल व अन्य मंडियों में करीब 80% धान अभी तक बिका नहीं है और तिरपाल न होने के कारण यह पूरी तरह भीग चुका है। किसान अपनी सालभर की मेहनत को बर्बाद होते देख खून के आंसू रो रहा है, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि
नरवाना मंडी बारिश के मौसम में फसल खरीद व्यवस्था का बुरा हाल है। किसान का 10 में से 9 बोरी धान बिना बिके पड़ा है और बारिश का मौसम हो रहा है। मंडी में एक ही दिन में 691 गेट पास कटे, 38 हजार क्विंटल धान आया परन्तु HAFED ने सिर्फ 3,268 क्विंटल खरीदा। जो औसत में हर 100 क्विंटल में से 9 क्विंटल भी नहीं है। मार्केट कमेटी के सचिव खुद मान रहे हैं कि मिल ही अलॉट नहीं हुए, इसलिए उठान नहीं। सरकार ने खरीद का ढोल तो पीटा, पर धान ले कौन जाएगा, ये तय ही नहीं किया। सुरजेवाला ने कहा कि आढ़तियों ने मजबूर होकर मंडी के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। किसान मार्केट कमेटी दफ्तर के सामने धरने पर बैठा है। किसान ने गेहूँ कटते ही जून-जुलाई में "मेरी फसल मेरा ब्यौरा" पर पंजीकरण करवा दिया था, जिसका आज अक्टूबर में भी सत्यापन नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि अभी तो कुल फसल का सिर्फ 5% मंडी में आया है,अभी से मंडी जाम है, आगे क्या होगा? आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि पूरे जींद जिले का यही हाल है। जींद मंडी को एक भी मिल अलॉट नहीं, सफीदों में किसानों ने मार्केट कमेटी के गेट पर ताला जड़ा हुआ है।
आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश की मंडियों में अब तक ₹1,164 करोड़ का धान खरीदा गया है, पर किसानों के खाते में सिर्फ ₹199 करोड़ का भुगतान हुआ है। यानि 100 रुपये की फसल पर सिर्फ 17 रुपये का भुगतान। हालात ये है कि 23 में से सिर्फ 5 जिलों में भुगतान शुरू हुआ उसमें भी जींद शामिल ही नहीं है। नरवाना में कैबिनेट मंत्री का इलाका होने के बावजूद किसान की जेब खाली है, भुगतान का खाता तक नहीं खुला है। प्रदेश में 11 लाख टन धान मंडियों में अटका है जिसका उठान सिर्फ 27% है। परन्तु मुख्यमंत्री प्रदेश के किसानों को इन हालातो में छोड़कर सिंगापुर में छुट्टी मना रहे थे।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर "नमी की नौटंकी" कर रही है ताकि किसानों को कम दामों पर फसल बेचने के लिए मजबूर किया जा सके। प्रदेश में त्यौहार सिर पर हैं और किसान की जेब खाली है। एक ही धान के ढेर की नमी मापने पर तीन-तीन अलग आंकड़े दिए जा रहे हैं। पीआर धान की एमएसपी पर किसानों को ₹300 से ₹400 प्रति क्विंटल की चपत लगाई जा रही है और उन्हें कच्ची पर्ची थमाई जा रही है।
सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान को प्रताड़ित करने के लिए आए दिन नए फरमान जारी कर रही है। अब हरियाणा में अपने खून पसीने से ज्यादा पैदावार करना भी गुनाह बन गया है। पिछले साल पोर्टल पर 35 क्विंटल प्रति एकड़ तक खरीद की गई परंतु इस बार कुरुक्षेत्र को 29, कैथल को 27 और जींद को सिर्फ 24.43 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीद की लिमिट तय की गई है, जो धान बेल्ट के बड़े जिलों में सबसे कम है। यानी नरवाना के किसान की हर एकड़ पर साढ़े 10 क्विंटल धान MSP से बाहर करने का आदेश है। जिससे क्षेत्र के हर किसान को एक एकड़ पर लगभग ₹25,800 की सीधी चोट है।
सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश में पिछले साल 62 लाख टन से ज्यादा सरकारी खरीद की गई, पर इस बार मोदी सरकार का आदेश 58 लाख टन का है। यह आदेश भी केवल कागजों तक सीमित है।असल तैयारी 50 लाख टन पर रोकने की है। सैनी सरकार ने घुटने टेक प्रदेश के किसान मजदूर के हितों को केंद्र सरकार के दरवाजे पर गिरवी रख दिया है।
विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि नायब सैनी सरकार ने काले फरमान जारी कर खेत पर कर्फ्यू, जमीन पर रेड एंट्री घोषित कर दी है। अब किसान के खेत में पराली जली तो 30 महीने, यानी ढाई साल तक किसान का पोर्टल बंद — सरकारी खरीद बंद, MSP बंद। ये पराली का इलाज नहीं, किसान की जमीन हथियाने की साजिश है। शाम 6 से सुबह 10 बजे तक कंबाइन बंद यानि 24 में से 16 घंटे रोक। नियम तोड़ा तो खसरा गिरदावरी-जमाबंदी में रेड एंट्री और ₹30,000 जुर्माना।
सुरजेवाला ने कहा कि बाजरा, मूंग और गेहूँ पर भी भाजपा सरकार की मार लगातार जारी है। बाजरे का एमएसपी ₹2,900, पर सरकारी खरीद की जगह किसान को भावांतर का झुनझुना थमा दिया है, किसान ₹2,000–2,250 में बेचने को मजबूर है। किसान अपनी मूंग की फसल को एमएसपी से ₹1500 कम बेचने पर मजबूर है। खाद्य महंगाई लगभग 6%, और जो गेहूँ अभी बोया जा रहा है उसका MSP बढ़ा सिर्फ ₹25 यानि 1% से भी कम, जो 17 साल में सबसे कम बढ़ोतरी है।
प्रदेश के किसान-मजदूर-आढ़ती साथियों की ओर से हमारी मांगें -
1. नरवाना और जींद की हर मंडी को आज ही मिल अलॉट हों, बारदाना पूरा हो, उठान 48 घंटे में हो।
2. जून-जुलाई से अटका सत्यापन तुरंत हो, सरकार की गलती की सजा किसान को नहीं मिले।
3. भाजपा सरकार 72 घंटे में भुगतान का वादा निभाए, जींद के किसानों के खाते में आज से पैसा जारी हो।
4. नमी के नाम पर कट और एडवांस कैश की वसूली बंद कर हर मंडी में एक मशीन, एक माप व्यवस्था लागू हो।
5. हर दाना MSP पर खरीद हो,प्रति एकड़ लिमिट की शर्त तुरंत खत्म हो।
6. भावांतर का झुनझुना खत्म बाजरे की सरकारी खरीद ₹2,900 पर हो।
7. कंबाइन पाबंदी, ₹30,000 जुर्माना और 30 महीने की रेड एंट्री का आदेश वापस हो।
8. धान खरीद 62 लाख टन से कम नहीं हो, गेहूँ-चने का MSP महंगाई के हिसाब से तय हो।
9. प्रदेश के किसानों को बिजाई के इस समय पर खाद की पूरी सप्लाई हो।
विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंत्री जी के हलके में आढ़ती ताले लगा रहा है, किसान धरने पर बैठा है। क्योंकि सरकार ने मिल, बारदाना, पैसा कुछ नहीं दिया, सिर्फ फरमान दिए। प्रदेश भाजपा सरकार यह समझ ले कि ये वही किसान है जिसने तीन काले कानून वापस करवाए, इन चोर दरवाजे वाले हमलों को भी कामयाब नहीं होने देगा। नरवाना का किसान अकेला नहीं है। कांग्रेस खेत,मंडी से विधानसभा तक साथ खड़ी है। भाजपा सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री को अपनी किसान विरोधी मानसिकता छोड़कर फसल खरीद व्यवस्था का सुचारू रूप से संचालन करना चाहिए ताकि किसान मजदूर को कोई दिक्कत ना आए।
इस मौके पर उनके साथ वरिष्ठ नेता बृजेंद्र सुरजेवाला, जगरूप सुरजेवाला, मंडी प्रधान जयदेव बंसल, पूर्व प्रधान जियालाल गोयल,ब्लॉक प्रधान सुरेंद्र नैन, ब्लॉक प्रधान देवेंद्र सिंह मंटा, कैलाश सिंगला, सज्जन ढाकल, संदीप लोट,बिन्दर फरैण, जयपाल बंसल,प्रवीण दनोदा, प्रवीण मित्तल,रोशन मित्तल,सतीश पहलवान,जोगेंद्र ढाकल, मनजीत बब्बर, अमरीक मास्टर, छन्नाराम सैनी सहित बहुत से साथी मौजूद रहे।
Jagadhri, Yamuna Nagar | Oct 11, 2026