सर्पदंश से तीन साल के शहवाज की मौत, कंधे पर पोते का शव लिए दो घंटे भटकते रहे दादा, नहीं मिली एंबुलेंस
त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के कुमयाही वार्ड संख्या 13 में सड़क किनारे खेल रहे तीन साल के बच्चे को जहरीले सांप ने काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई. मौत के बाद शव को घर ले जाने के लिए परिवार को दो घंटे तक भटकना पड़ा.
घर के आगे खेल रहा था शहवाज, सांप ने डसा
मृतक की पहचान कुमयाही वार्ड 13 के रहने वाले मोहम्मद वासिम के तीन साल के बेटे शहवाज के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार शहवाज घर के आगे सड़क किनारे खेल रहा था, तभी जहरीले सांप ने उसके बाएं पैर में काट लिया. कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. परिजन आनन-फानन में उसे अनुमंडलीय अस्पताल, त्रिवेणीगंज लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर संजीव कुमार ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
बताया गया कि शहवाज के पिता मोहम्मद वासिम मद्रास में मजदूरी करते हैं. बच्चे की मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
दादा पोते का शव कंधे पर लेकर दो घंटे भटकते रहे
बच्चे की मौत के बाद परिवार पर और बड़ी मुसीबत आ गई. शव को घर ले जाने के लिए परिजनों को अस्पताल के सामने एनएच 327ई के किनारे करीब दो घंटे भटकना पड़ा, लेकिन घर जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला. दादा याकूब पोते का शव कंधे पर लेकर अस्पताल के पास खड़े ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से घर पहुंचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ.
पोते का शव कंधे पर लिए दादा याकूब की बेबसी देखकर और बच्चे की मां रबीना खातून और दादी खेरून खातून की हालत देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं. दोनों शव को लेकर कभी एनएच के किनारे तो कभी अस्पताल परिसर में इधर-उधर दौड़ती और चीखती रहीं. एक तरफ बेटे की मौत का सदमा, दूसरी तरफ शव को घर ले जाने की मजबूरी ने परिवार को बेबस कर दिया. इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्था और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल यह भी है कि अस्पताल में किसी मरीज की मौत के बाद उसके शव को सम्मान से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी है.
पत्रकारों की पहल पर मिली एंबुलेंस
अस्पताल में खबर जुटाने पहुंचे पत्रकारों को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने सिविल सर्जन बाबू साहेब झा से बात की. इसके बाद सिविल सर्जन ने अस्पताल के मैनेजर को शव घर पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा. करीब दो घंटे बाद मैनेजर की ओर से निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और बच्चे का शव घर पहुंचाया गया.
Hardoi, Hardoi | Oct 5, 2026