*देश से आए हजारों पुलक भक्तों के मध्य बोले आचार्य पुलकसागर, 32 साल में भीलवाड़ा चातुर्मास सर्वश्रेष्ठ*
*पुलक मंच परिवार के 29वां राष्ट्रीय महाधिवेशन में 170 सदस्यों की नई राष्ट्रीय टीम गठित*
भीलवाड़ा:निलेश कांठेड़ ( वरिष्ठ पत्रिका ), 4 अक्टूबर। राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज के सानिध्य में पुलक मंच परिवार का 29वां राष्ट्रीय महाधिवेशन का आयोजन रविवार को भीलवाड़ा के रीको क्षेत्र स्थित ओरियम रिसोर्ट में उत्साह एवं उल्लास के माहौल में सम्पन्न हुआ। शोभायात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ प्रारंभ अधिवेशन के प्रथम सत्र में आचार्यश्री का उद््बोधन एवं द्वितीय सत्र में मंच के कार्यो पर चर्चा के साथ 170 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन हुआ। प्रथम सत्र में आचार्य पुलकसागर महाराज ने उद्बोधन में जब ये कहा कि मेरे 32 वर्ष की मुनि दीक्षा में अब तक जितने चातुर्मास हुए उनमें भीलवाड़ा चातुर्मास सर्वश्रेष्ठ एवं नंबर वन है तो पूरा पांडाल तालियों की करतल ध्वनि से गूंज उठा। उन्होंने श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति भीलवाड़ा के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी एवं उनकी पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि इनकी समर्पित भाव से दिन रात दी गई सेवाओं ने ही इस चातुर्मास को नंबर वन बनाया ओर ये चातुर्मास सदा मेरी स्मृति में रहेगा। भीलवाड़ा में यह पहला राष्ट्रीय महाधिवेशन है जिसने सभी अधिवेशन में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने भीलवाड़ा में नवगठित पुलक मंच परिवार की शाखा का परिचय कराने के साथ मंगलभावनाएं देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में भीलवाड़ा की टीम पूरे भारत की नंबर वन शाखा बने ऐसा आशीर्वाद है। आचार्यश्री ने कहा कि भीलवाड़ा से पुलक मंच परिवार की कई नई चीजे शुरू हो रही है। हमे अपनी खूबियों को तराशना है ओर कमियों को दूर करना है। सदा मुस्कराते रहने की सीख देते हुए कहा कि ये सोच मुस्करा लेना कि इससे भी बुरा होता तो क्या होता, अगर कोई पूछे जिंदगी जीने का क्या सलीका है तो कहना हमने हर हाल में पुलकसागर से मुस्कराना सीखा है। ग्रहण पूर्णिमा के चांद को ही लगता है ये सत्य जब से समझ लिया मैने हर हाल में मुस्कराना सीख लिया।
आचार्य पुलकसागर महाराज ने अधिवेशन में शामिल होने के लिए भीलवाड़ा पहुंचे पुलक मंच परिवार की देशभर की 150 शाखाओं से 1500 से अधिक प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि इसकी शुरूआत दिल्ली में चार लोगों से हुई थी, लोग जुड़ते गए ओर कारवां बढ़ता गया। उन चार लोगों ने भागीरथी के रूप में एक छोटी सी लकीर को दिल्ली से निकाला ओर आज ये लकीर गंगासागर में परिवर्तित होने जा रही है। अधिवेशन के द्वितीय सत्र में आचार्य पुलकसागर महाराज के सानिध्य में राष्ट्रीय पुलक मंच परिवार की गतिविधियों एंव आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई एवं नवगठित 170 सदस्यीय कार्यकारिणी की घोषणा कर शपथ दिलाई गई। नई टीम में विनोद फंदोत राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त हुए जबकि भीलवाड़ा से पहली बार प्रवीण चौधरी राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किए गए। भीलवाड़़ा की अंतिमा जैन को महिला राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं तन्वी जैन को जोन-4 की महिला महामंत्री नियुक्त किया गया। इस दौरान पुलक मंच परिवार की 70 शाखाओं को समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर अवार्ड प्रदान किए गए।
सुबह अधिवेशन विधिवत प्रारंभ होने से पहले पुलक मंच परिवार के देशभर से आए सदस्यों ने आचार्य पुलकसागर महाराज के जयकारे लगाते हुए भव्य शोभायात्रा निकाली। इसके बाद श्रद्धा एवं भक्ति से ओतप्रोत माहौल में पुलक मंच परिवार का ध्वज फहराया गया तो जयकारे गूंजे उठे। पुलक मंच परिवार भीलवाड़ा महिला शाखा की सदस्यों ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। पूज्य पुष्पदंतसागर महाराज का चित्र अनावरण प्रदीप जैन एवं प्रतिभा जैन ने किया। दीप प्रज्वलन पुलक मंच परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद फंडोत सहित राष्ट्रीय कार्यकारिणी, भीलवाड़ा पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सह संयोजक लोकेश अजमेरा, महामंत्री जयकुमार पाटनी आदि पदाधिकारियों ने किया। आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन का सौभाग्य मुंबई के निर्मल गोधा व विमल बीना संघी ने प्राप्त किया। शास्त्र भेंट का सौभाग्य बांसवाड़ा के हेमंत सेठ एवं औरंगाबाद के प्रकाश पाटनी ने प्राप्त किया। गुरू पूजन पूना के जीतूजी प्रिया अग्रवाल ने किया। आचार्यश्री की आरती का सौभाग्य जयपुर की नीतू कुशल ठोलिया ने प्राप्त किया।
आचार्यश्री ने भीलवाड़ा पुलक मंच के अध्यक्ष अतुल पाटनी, महामंत्री अक्षय टोंग्या, कार्याध्यक्ष विभोर गोधा, उपाध्यक्ष आदिश चौधरी, संयोजक प्रतीक शाह, मंत्री प्रदीप लुहाड़िया,कोषाध्यक्ष पीयूष वेद, भीलवाड़ा महिला शाखा की अध्यक्ष रीना सोनी, महामंत्री ज्योति लुहाड़िया, संयोजक दीपिका लुहाड़िया, कार्याध्यक्ष तन्वी गंगवाल, मंत्री शिवानी काला, कोषाध्यक्ष रश्मि काला आदि पदाधिकारियों को मंच पर बुलाकर उनका परिचय संस्था के सदस्यों से कराया ओर कहा कि इनके प्रयासों से ही भीलवाड़ा में ये भव्य विशाल आयोजन संभव हो पाया है। महाधिवेशन के समापन पर श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष एवं पुलक मंच परिवार भीलवाड़ा के संरक्षक प्रवीण चौधरी ने सभी का आभार जताया। महाधिवेशन में राजस्थान के साथ देश के विभिन्न प्रान्तों से आए पुलक मंच परिवार के सदस्य शामिल हुए।