माँ भी, अफसर भी: ड्यूटी के साथ बेटे को संभालती दिखीं अरवल SP, तस्वीर ने जीता दिल।
स्वतंत्रता दिवस पर 5 वर्षीय बेटे मिरान के साथ मंच पर पहुंची IPS डॉ. नवजोत सिमी, महिला सशक्तिकरण की बनीं मिसाल।
रोशनी की वह किरण, जो अंधेरे में भी रास्ता दिखाए और जिम्मेदारियों के बीच भी अपने फर्ज से पीछे न हटे। कुछ ऐसा ही नजारा स्वतंत्रता दिवस पर अरवल के गांधी मैदान में देखने को मिला, जब जिले की एसपी डॉ. नवजोत सिमी ने वर्दी और ममता, दोनों का फर्ज एक साथ निभाकर सबका दिल जीत लिया।
अरवल के गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक तस्वीर ने हर किसी का ध्यान खींच लिया। जिले की पुलिस कप्तान डॉ. नवजोत सिमी मंच पर जिले की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही थीं, तो वहीं दूसरी ओर एक माँ के रूप में अपने पांच वर्षीय बेटे मिरान को भी संभाल रही थीं।
खास बात यह रही कि मिरान भी अपनी माँ की तरह पुलिस की वर्दी में था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वह कभी अपनी माँ की वर्दी खींचता, तो कभी कुछ खाते हुए मस्ती करता नजर आया। बेटे की इन नटखट शरारतों के बावजूद एसपी डॉ. सिमी के चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं आई। उन्होंने पूरे धैर्य और मुस्कान के साथ अपनी ड्यूटी भी निभाई और माँ का फर्ज भी।
वह चाहतीं तो किसी अधीनस्थ कर्मी को बेटे को संभालने के लिए कह सकती थीं, लेकिन माँ का ममत्व शायद उन्हें ऐसा करने से रोक रहा था। एक हाथ में जिले की जिम्मेदारी और सामने लहराता तिरंगा, तो दूसरी ओर बेटे की मासूमियत — दोनों भूमिकाओं को उन्होंने जिस सहजता से निभाया, वह काबिल-ए-तारीफ है।
यह तस्वीर सिर्फ एक महिला आईपीएस की नहीं, बल्कि उस सशक्त माँ की भी है जो पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने बच्चे के लिए भी उतनी ही सजग है।
बता दें कि डॉ. नवजोत सिमी 2018 बैच की बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से पंजाब की रहने वाली हैं। उनके पति तुषार सिंगला आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में पटना में पदस्थापित हैं।
मंच पर अरवल की जिलाधिकारी अमृषा बैंस भी मौजूद थीं, जो मिरान की शरारतों पर मुस्कुराती नजर आईं। वहीं प्रभारी मंत्री सह पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी मंच पर मौजूद रहे और बच्चे की मासूमियत को निहारते दिखे।
स्वतंत्रता दिवस के मंच से आई यह तस्वीर एक बड़ा संदेश देती है — एक महिला एक साथ एक सख्त अधिकारी, जिम्मेदार पत्नी और ममतामयी माँ, तीनों भूमिकाएं बखूबी निभा सकती है। यही महिला सशक्तिकरण की असली तस्वीर है।