सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि लोग 1 किलो तेल का पैसा देते हैं लेकिन तेल कम मिलता है। यह सवाल वाजिब है कि आम उपभोक्ता पैकेट पर लिखी जानकारी को ध्यान से पढ़ता भी है या नहीं......!
हालांकि दूसरी तरफ कंपनियों का भी पक्ष है,कई तेल कंपनियां अपने उत्पाद लीटर (Litre) में बेचती हैं,जबकि ग्राहक उसे किलो (Kg) के हिसाब से समझ लेते हैं,तेल का घनत्व (Density) पानी से अलग होता है......!
इसलिए 1 लीटर तेल का वजन हमेशा 1 किलो नहीं होता,यही वजह है कि किसी बोतल पर 1 लीटर लिखा होने का मतलब 1 किलो होना जरूरी नहीं है,अगर पैकेट पर मात्रा और वजन सही तरीके से लिखा है.......!
तो यह धोखाधड़ी नहीं बल्कि माप की अलग इकाई का मामला हो सकता है,फिर भी सवाल यह है कि क्या कंपनियां पैकेजिंग को इतनी स्पष्ट बनाती हैं कि आम ग्राहक आसानी से समझ सके? और क्या उपभोक्ता भी खरीदते समय लेबल पढ़ते हैं.....?
निष्कर्ष यही है कि हर मामले को बिना जांचे "फ्रॉड" कहना सही नहीं,लेकिन कंपनियों की जिम्मेदारी भी है कि उपभोक्ता को भ्रम की कोई गुंजाइश न रहे......!
जागरूक ग्राहक बनिए,लेबल पढ़िए और फिर फैसला कीजिए....!