#Balrampur ! 2800 ग्रेड-पे की मांग को लेकर उबरे लेखपाल, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन...
उपजिलाधिकारी उतरौला को सौंपा मांगपत्र; कहा– बढ़ा कार्यभार, लेकिन संसाधनों का अभाव
#उतरौला (बलरामपुर)। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील उतरौला उपशाखा ने अपनी वर्षों पुरानी और न्यायोचित मांगों को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। संघ ने चेतावनी दी है कि राजस्व प्रशासन की रीढ़ होने के बावजूद लेखपाल लगातार बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी और शोषणकारी परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं।
संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार और मंत्री विनय कुमार यादव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन (पत्रांक 01/2026) में कहा गया कि शासन की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं, ई-गवर्नेंस, पैमाइश, वरासत, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी लेखपालों पर ही होती है। इसके बावजूद उनकी वाजिब मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
10 साल से अटका 2800 ग्रेड-पे का मुद्दा
ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया कि लेखपाल संवर्ग के प्रारंभिक वेतनमान को 2800 ग्रेड-पे करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग पिछले 10 वर्षों से लंबित है। संघ के प्रतिनिधियों ने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में ही एसीपी (ACP) विसंगति और 2800 ग्रेड-पे को लेकर शासन स्तर पर पत्राचार (शासनादेश संख्या 5829/4-33ए/2013 टीसी (1)) किया जा चुका है, परंतु अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
अतिरिक्त कार्यभार और छुट्टी के दिन भी ड्यूटी का विरोध
लेखपालों ने आरोप लगाया कि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए बिना उन पर लगातार अतिरिक्त काम का दबाव डाला जा रहा है। अवकाश के दिनों में भी उनसे ड्यूटी कराई जाती है, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न हो रहा है। संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान निकाला जाए।
इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश प्रताप शुक्ला, कनिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव प्रताप सिंह, उपमंत्री महेश चौरसिया, कोषाध्यक्ष शिवम, ऑडिटर गीता सहित तहसील के तमाम लेखपाल उपस्थित रहे।
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