सखी वार्ता कार्यक्रम में छात्राओं को अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक।
किशनगंज जिला अन्तर्गत आज दिनांक 17 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के आदेश के आलोक में तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस सह नोडल पदाधिकारी, डब्ल्यूसीडीसी, अंकिता सिंह के मार्गदर्शन में आज कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दिघलबैंक में छात्राओं एवं शिक्षकों के साथ ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा, केस वर्कर सुश्री टुम्पा दास एवं वन स्टॉप सेंटर (OSC) के वर्कर श्री सुनील कुमार राम ने छात्राओं के साथ संवाद किया तथा उन्हें महिला एवं किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों एवं सशक्तीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान लिंग आधारित हिंसा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर छात्राओं को जागरूक किया गया। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें और उचित माध्यम से इसकी जानकारी संबंधित पदाधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकार को दें।
इस अवसर पर OSC Worker श्री सुनील कुमार राम ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक एवं आत्मविश्वासी बनना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को किसी भी कठिन परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारने तथा अपने साथ होने वाली गलत घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आत्मविश्वास के साथ छात्राएं अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा एवं केस वर्कर सुश्री टुम्पा दास ने भी छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें विभिन्न सामाजिक समस्याओं एवं उनसे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं एवं विचार साझा किए।
कार्यक्रम में विद्यालय की वार्डन, अकाउंटेंट, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। विद्यालय की छात्राओं ने कार्यक्रम को काफी उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। छात्राओं ने कहा कि “सखी वार्ता कार्यक्रम बहुत अच्छा था। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम लोगों को महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों तथा विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला।”
इस अवसर पर डब्ल्यूसीडीसी की नोडल पदाधिकारी सुश्री अंकिता सिंह ने कहा कि “सखी वार्ता जैसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य किशोरियों एवं महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना तथा उन्हें किसी भी प्रकार की हिंसा एवं शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सशक्त करना है। जागरूकता, आत्मविश्वास और सही जानकारी के माध्यम से ही किशोरियों को सुरक्षित एवं सशक्त बनाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश एवं संबंधित विभागों के समन्वय से महिलाओं एवं किशोरियों के सशक्तीकरण और सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने का संदेश दिया गया।
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Terhagachh, Kishanganj | Aug 17, 2026