नमो सेवा—अनकही कहानियां’ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से देशभक्ति एवं राष्ट्र सेवा का संदेश
यमुनानगर, 6 अक्टूबर- कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा द्वारा ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत जिला के विभिन्न कॉलेजों, स्कूलों व गांवों में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जा रहा है।
इस बारे में जानकारी देते हुए जिला परिषद के चेयरमैन रमेश ठसका ने बताया कि इन नुक्कड़ नाटकों का उद्देश्य बच्चों, युवाओं एवं आमजन तक सेवा भावना, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी तथा जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित संदेशों को सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ सेवा संकल्प अभियान के तहत कलाकार प्रभावशाली अभिनय एवं संवादों के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्र सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना का संदेश देते है। इन नाटकों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों से संबंधित विषयों को आम जन को सरलता से समझाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति से ओत-प्रोत संवादों से बच्चों एवं युवाओं में उत्साह बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों एवं युवाओं को मनोरंजन के साथ-साथ देशभक्ति, सामाजिक सरोकार एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
गुरु नानक खालसा कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविन्द्र सिंह भल्ला ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में कलाकारों एवं टीम का सहयोग किया। उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटक लोक कला का प्रभावी माध्यम है, जिसके जरिए महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश सरल, सहज और मनोरंजक तरीके से विद्यार्थियों एवं आमजन तक पहुंचाए जा सकते हैं।
डीएवी कॉलेज यमुनानगर, राजकीय कॉलेज आहड़वाला, गुरु नानक खालसा कॉलेज यमुनानगर, डीएवी कॉलेज सढौरा, जीएमएसएसएस स्कूल व्यासपुर, जगाधरी, साढौरा, गांव अजीजपुर कला, व्यासपुर, सामुदायिक भवन दामला, गांव हड़ोली, छछरौली में कलाकारों ने अभिनय, संवाद एवं संगीत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सेवा भावना, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक दायित्व तथा जनकल्याण से जुड़े संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभिन्न कॉलेजों व स्कूलों के प्रधानाचार्य, अध्यापक, विद्यार्थी, गांवों में महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।