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टेढ़ागाछ: दो प्रेमी जोड़ी ने आपसी रजामंदी से की सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में शादी- लोगों ने दिया आशिर्वाद टेढ़ागाछ:- प्रखंड क्षेत्र

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किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक 17.08.2026 को पुलिस कप्तान संतोष कुमार द्वारा पुलिस कार्यालय में जन सुनवाई का आयोजन किया गया। जन सुनवाई के दौरान आम नागरिकों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना गया।

प्राप्त आवेदनों का अवलोकन करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को प्रत्येक मामले में निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आमजन को समयबद्ध न्याय एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #vacaciones #viralreels #venezuela #videogames #2026Goals #newyork

किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक 17.08.2026 को पुलिस कप्तान संतोष कुमार द्वारा पुलिस कार्यालय में जन सुनवाई का आयोजन किया गया। जन सुनवाई के दौरान आम नागरिकों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना गया। प्राप्त आवेदनों का अवलोकन करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को प्रत्येक मामले में निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आमजन को समयबद्ध न्याय एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #vacaciones #viralreels #venezuela #videogames #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 17, 2026

किशनगंज डीएम की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स" की समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुई।

किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक 17.08.2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार द्वारा समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिलेभर में आधार सीडिंग  अब तक 84.29 प्रतिशत है ।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया  कि शत-प्रतिशत लाभुकों का यथाशीघ्र आधार सीडिंग / eKYC कराना सुनिश्चित किया जाय।

सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों को अवगत कराया गया कि यदि किसी राशन कार्ड में अंकित किसी सदस्य की आधार सीडिंग / eKYC निर्धारित समय पर नहीं की गई है, तो ऐसे सभी सदस्यों के नाम राशन कार्ड से विलोपित करने की कार्रवाई की जाएगी और ऐसे सदस्यों के विरूद्ध खाद्यान्न का लाभ लाभुक परिवार को नहीं दिया जाएगा।

जिले में माह अगस्त, 2026 के खाद्यान्न वितरण का प्रतिशत 59.31 प्रतिशत है। सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि खाद्यान्न वितरण में तेजी लाना सुनिश्चित किया जाय ताकि खाद्यान्न वितरण में जिला अव्वल रहे।

माह सितम्बर 2026 का खाद्यान्न राज्य खाद्य निगम के गोदाम से जन वितरण प्रणाली के गोदाम तक खाद्यान्न आपूर्ति का प्रतिशत 09.76 प्रतिशत है।

जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को निदेश दिया गया कि राज्य खाद्य निगम के गोदाम से जन वितरण प्रणाली के गोदाम तक शत-प्रतिशत खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी  को निदेश दिया गया कि राशन से संबंधित सभी ऑफलाईन प्राप्त आवेदनों को यथाशीघ्र ऑनलाईन प्रवृष्टि करना सुनिश्चित करेंगे।

अनुमंडल पदाधिकारी को जन वितरण प्रणाली दुकानों की नई अनुज्ञप्ति निर्गत करने से संबंधित सभी प्रक्रिया एक सप्ताह के अन्दर पूर्ण करने का निदेश दिये गये है।

इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, किशनगंज, सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी एवं सभी सहायक गोदाम प्रबंधक आदि उपस्थित थे। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #vacaciones #venezuela #viralreels #videogames #2026Goals #newyork

किशनगंज डीएम की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स" की समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुई। किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक 17.08.2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार द्वारा समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिलेभर में आधार सीडिंग अब तक 84.29 प्रतिशत है । जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि शत-प्रतिशत लाभुकों का यथाशीघ्र आधार सीडिंग / eKYC कराना सुनिश्चित किया जाय। सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों को अवगत कराया गया कि यदि किसी राशन कार्ड में अंकित किसी सदस्य की आधार सीडिंग / eKYC निर्धारित समय पर नहीं की गई है, तो ऐसे सभी सदस्यों के नाम राशन कार्ड से विलोपित करने की कार्रवाई की जाएगी और ऐसे सदस्यों के विरूद्ध खाद्यान्न का लाभ लाभुक परिवार को नहीं दिया जाएगा। जिले में माह अगस्त, 2026 के खाद्यान्न वितरण का प्रतिशत 59.31 प्रतिशत है। सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि खाद्यान्न वितरण में तेजी लाना सुनिश्चित किया जाय ताकि खाद्यान्न वितरण में जिला अव्वल रहे। माह सितम्बर 2026 का खाद्यान्न राज्य खाद्य निगम के गोदाम से जन वितरण प्रणाली के गोदाम तक खाद्यान्न आपूर्ति का प्रतिशत 09.76 प्रतिशत है। जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को निदेश दिया गया कि राज्य खाद्य निगम के गोदाम से जन वितरण प्रणाली के गोदाम तक शत-प्रतिशत खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि राशन से संबंधित सभी ऑफलाईन प्राप्त आवेदनों को यथाशीघ्र ऑनलाईन प्रवृष्टि करना सुनिश्चित करेंगे। अनुमंडल पदाधिकारी को जन वितरण प्रणाली दुकानों की नई अनुज्ञप्ति निर्गत करने से संबंधित सभी प्रक्रिया एक सप्ताह के अन्दर पूर्ण करने का निदेश दिये गये है। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, किशनगंज, सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी एवं सभी सहायक गोदाम प्रबंधक आदि उपस्थित थे। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #vacaciones #venezuela #viralreels #videogames #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 17, 2026

किशनगंज सदर अस्पताल में डायलिसिस का बढ़ता खर्च नहीं बनेगा इलाज में बाधा

किशनगंज जिला अन्तर्गत 17 अगस्त 2026 को सदर अस्पताल में गंभीर किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए डायलिसिस जीवनरक्षक उपचार है, लेकिन इसकी नियमित जरूरत और बढ़ती लागत गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाती है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत सदर अस्पताल में उपलब्ध निःशुल्क डायलिसिस सेवा जरूरतमंद परिवारों के लिए उपचार के साथ आर्थिक राहत का भी मजबूत माध्यम बन रही है। राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर जिले में भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2021 से अब तक सदर अस्पताल में 13,667 मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई जा चुकी है।हाल के तीन महीनों में भी बड़ी संख्या में मरीजों को इसका लाभ मिला है। मई में 263, जून में 292 और जुलाई में 289 मरीजों, यानी कुल 844 मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी गई। वहीं अब तक 1,454 मरीजों को बाजार दर से कम शुल्क पर डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई गई है।

निजी अस्पतालों की महंगी डायलिसिस के बीच सरकारी सेवा बनी सहारा

किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को कई बार सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है। लंबे समय तक चलने वाले इस उपचार में निजी केंद्रों का खर्च गरीब परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन जाता है। उपचार के साथ दूसरे शहर तक आने-जाने का खर्च भी परिवार पर अतिरिक्त बोझ डालता है।सदर अस्पताल स्थित डायलेसिस की सुविधा उपलब्ध होने के बाद जिले के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही नियमित डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। इससे उपचार का खर्च कम होने के साथ मरीजों और उनके परिजनों को दूसरे शहरों की भागदौड़ से भी राहत मिली है।

आर्थिक स्थिति इलाज में बाधा न बने

जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि गंभीर बीमारी से पीड़ित किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए आर्थिक कठिनाई इलाज में बाधा नहीं बननी चाहिए। जिला प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ पात्र मरीजों तक समय पर पहुंचे। डायलिसिस जैसी नियमित और महंगी उपचार सेवा का निःशुल्क लाभ मिलने से गरीब परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि लोगों को बेहतर उपचार के लिए अनावश्यक रूप से बाहर नहीं जाना पड़े।उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना भी है। सदर अस्पताल में उपलब्ध डायलिसिस सुविधा इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

वर्ष 2021 से अब तक 13,667 मरीजों को मुफ्त डायलिसिस

सदर अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू होने के बाद से अब तक 13,667 मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस उपलब्ध कराई जा चुकी है। यह सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें लंबे समय तक नियमित डायलिसिस की आवश्यकता होती है।इसके साथ ही ऐसे मरीजों को भी राहत देने का प्रयास किया जा रहा है, जो निःशुल्क सेवा की पात्रता में नहीं आते। ऐसे 1,454 मरीजों को बाजार दर से कम शुल्क पर डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निजी केंद्रों की तुलना में कम खर्च में उपचार मिल रहा है।

तीन माह में 844 मरीजों को निःशुल्क सेवा

डायलिसिस सेवा का लाभ लेने वाले मरीजों की संख्या हाल के महीनों में भी उल्लेखनीय रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मई में 263, जून में 292 और जुलाई में 289 मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सेवा दी गई। तीन माह में कुल 844 मरीजों को इसका लाभ मिला।नियमित डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए निरंतर और समय पर सेवा बेहद महत्वपूर्ण होती है। निःशुल्क सुविधा मिलने से पात्र मरीज आर्थिक परेशानी के कारण उपचार बीच में छोड़ने के जोखिम से भी बच रहे हैं।

नियमित डायलिसिस वाले मरीजों को सबसे अधिक राहत

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि डायलिसिस लंबे समय तक चलने वाली उपचार प्रक्रिया है और कई मरीजों को सप्ताह में कई बार इसकी आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में निःशुल्क डायलिसिस सेवा जरूरतमंद मरीजों के लिए बहुत बड़ी राहत है। सदर अस्पताल में उपलब्ध सुविधा के माध्यम से पात्र मरीजों को नियमित उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य यही है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। डायलिसिस केंद्र में मरीजों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सेवा उपलब्ध कराई जा रही है और पात्र लाभुकों को निःशुल्क सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।

मरीजों को लगातार मिल रही निःशुल्क सुविधा

सदर अस्पताल के डायलिसिस केंद्र में शैलेश कुमार, नूरसाज आलम और हारून रशीद सहित कई मरीजों को विगत माह से लगातार निःशुल्क डायलिसिस सेवा दी जा रही है। नियमित डायलिसिस की जरूरत वाले इन मरीजों के लिए सरकारी सुविधा उपचार जारी रखने के साथ आर्थिक चिंता कम करने का माध्यम बनी है।मरीजों के अनुसार, किडनी की बीमारी में नियमित डायलिसिस के कारण लंबे समय तक होने वाला खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में सदर अस्पताल में निःशुल्क सुविधा मिलने से इलाज जारी रखना आसान हुआ है और परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव काफी कम हुआ है।

इलाज के साथ आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में बड़ा कदम

सदर अस्पताल की डायलिसिस सेवा यह दर्शाती है कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था अब गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों के उपचार को भी आम नागरिक की पहुंच में लाने पर जोर दे रही है। निःशुल्क डायलिसिस से जहां मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है, वहीं परिवारों को निजी उपचार पर होने वाले भारी खर्च से भी राहत मिल रही है।13,667 मरीजों को निःशुल्क सेवा और 1,454 मरीजों को बाजार दर से कम शुल्क पर उपचार मिलना इस बात का प्रमाण है कि जिले में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा जरूरतमंदों तक पहुंच रही है। किडनी रोग जैसी गंभीर बीमारी में नियमित उपचार की जरूरत वाले मरीजों के लिए यह सुविधा केवल स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि परिवार को आर्थिक संकट से बचाने वाली महत्वपूर्ण सहायता भी साबित हो रही है।
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किशनगंज सदर अस्पताल में डायलिसिस का बढ़ता खर्च नहीं बनेगा इलाज में बाधा किशनगंज जिला अन्तर्गत 17 अगस्त 2026 को सदर अस्पताल में गंभीर किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए डायलिसिस जीवनरक्षक उपचार है, लेकिन इसकी नियमित जरूरत और बढ़ती लागत गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाती है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत सदर अस्पताल में उपलब्ध निःशुल्क डायलिसिस सेवा जरूरतमंद परिवारों के लिए उपचार के साथ आर्थिक राहत का भी मजबूत माध्यम बन रही है। राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर जिले में भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2021 से अब तक सदर अस्पताल में 13,667 मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई जा चुकी है।हाल के तीन महीनों में भी बड़ी संख्या में मरीजों को इसका लाभ मिला है। मई में 263, जून में 292 और जुलाई में 289 मरीजों, यानी कुल 844 मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी गई। वहीं अब तक 1,454 मरीजों को बाजार दर से कम शुल्क पर डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई गई है। निजी अस्पतालों की महंगी डायलिसिस के बीच सरकारी सेवा बनी सहारा किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को कई बार सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है। लंबे समय तक चलने वाले इस उपचार में निजी केंद्रों का खर्च गरीब परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन जाता है। उपचार के साथ दूसरे शहर तक आने-जाने का खर्च भी परिवार पर अतिरिक्त बोझ डालता है।सदर अस्पताल स्थित डायलेसिस की सुविधा उपलब्ध होने के बाद जिले के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही नियमित डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। इससे उपचार का खर्च कम होने के साथ मरीजों और उनके परिजनों को दूसरे शहरों की भागदौड़ से भी राहत मिली है। आर्थिक स्थिति इलाज में बाधा न बने जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि गंभीर बीमारी से पीड़ित किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए आर्थिक कठिनाई इलाज में बाधा नहीं बननी चाहिए। जिला प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ पात्र मरीजों तक समय पर पहुंचे। डायलिसिस जैसी नियमित और महंगी उपचार सेवा का निःशुल्क लाभ मिलने से गरीब परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि लोगों को बेहतर उपचार के लिए अनावश्यक रूप से बाहर नहीं जाना पड़े।उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना भी है। सदर अस्पताल में उपलब्ध डायलिसिस सुविधा इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वर्ष 2021 से अब तक 13,667 मरीजों को मुफ्त डायलिसिस सदर अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू होने के बाद से अब तक 13,667 मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस उपलब्ध कराई जा चुकी है। यह सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें लंबे समय तक नियमित डायलिसिस की आवश्यकता होती है।इसके साथ ही ऐसे मरीजों को भी राहत देने का प्रयास किया जा रहा है, जो निःशुल्क सेवा की पात्रता में नहीं आते। ऐसे 1,454 मरीजों को बाजार दर से कम शुल्क पर डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निजी केंद्रों की तुलना में कम खर्च में उपचार मिल रहा है। तीन माह में 844 मरीजों को निःशुल्क सेवा डायलिसिस सेवा का लाभ लेने वाले मरीजों की संख्या हाल के महीनों में भी उल्लेखनीय रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मई में 263, जून में 292 और जुलाई में 289 मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सेवा दी गई। तीन माह में कुल 844 मरीजों को इसका लाभ मिला।नियमित डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए निरंतर और समय पर सेवा बेहद महत्वपूर्ण होती है। निःशुल्क सुविधा मिलने से पात्र मरीज आर्थिक परेशानी के कारण उपचार बीच में छोड़ने के जोखिम से भी बच रहे हैं। नियमित डायलिसिस वाले मरीजों को सबसे अधिक राहत सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि डायलिसिस लंबे समय तक चलने वाली उपचार प्रक्रिया है और कई मरीजों को सप्ताह में कई बार इसकी आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में निःशुल्क डायलिसिस सेवा जरूरतमंद मरीजों के लिए बहुत बड़ी राहत है। सदर अस्पताल में उपलब्ध सुविधा के माध्यम से पात्र मरीजों को नियमित उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य यही है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। डायलिसिस केंद्र में मरीजों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सेवा उपलब्ध कराई जा रही है और पात्र लाभुकों को निःशुल्क सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। मरीजों को लगातार मिल रही निःशुल्क सुविधा सदर अस्पताल के डायलिसिस केंद्र में शैलेश कुमार, नूरसाज आलम और हारून रशीद सहित कई मरीजों को विगत माह से लगातार निःशुल्क डायलिसिस सेवा दी जा रही है। नियमित डायलिसिस की जरूरत वाले इन मरीजों के लिए सरकारी सुविधा उपचार जारी रखने के साथ आर्थिक चिंता कम करने का माध्यम बनी है।मरीजों के अनुसार, किडनी की बीमारी में नियमित डायलिसिस के कारण लंबे समय तक होने वाला खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में सदर अस्पताल में निःशुल्क सुविधा मिलने से इलाज जारी रखना आसान हुआ है और परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव काफी कम हुआ है। इलाज के साथ आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में बड़ा कदम सदर अस्पताल की डायलिसिस सेवा यह दर्शाती है कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था अब गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों के उपचार को भी आम नागरिक की पहुंच में लाने पर जोर दे रही है। निःशुल्क डायलिसिस से जहां मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है, वहीं परिवारों को निजी उपचार पर होने वाले भारी खर्च से भी राहत मिल रही है।13,667 मरीजों को निःशुल्क सेवा और 1,454 मरीजों को बाजार दर से कम शुल्क पर उपचार मिलना इस बात का प्रमाण है कि जिले में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा जरूरतमंदों तक पहुंच रही है। किडनी रोग जैसी गंभीर बीमारी में नियमित उपचार की जरूरत वाले मरीजों के लिए यह सुविधा केवल स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि परिवार को आर्थिक संकट से बचाने वाली महत्वपूर्ण सहायता भी साबित हो रही है। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #vacaciones #venezuela #viralreels #newyork #2026Goals

Terhagachh, Kishanganj | Aug 17, 2026

किशनगंज जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने आमजनों की समस्याएं सुनीं

किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित 17 अगस्त 2026 को बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से नवीन कुमार, जिला पदाधिकारी, किशनगंज द्वारा आम जनमानस की समस्याओं को सुना गया।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सप्ताह में दो दिन—सोमवार एवं शुक्रवार को सभी पदाधिकारी अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे, ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रत्येक कार्यालय में आगंतुक पंजी विधिवत संधारण करते हुए प्राप्त शिकायतों की प्रविष्टि एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

इसके अतिरिक्त प्रखंड, पंचायत एवं जिला स्तर पर प्रतिदिन आगंतुकों की संख्या की रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है। किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी को तत्काल अपने वरीय पदाधिकारी को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।

जिला पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। यदि किसी कारणवश संबंधित पदाधिकारी कार्यालय में अनुपस्थित हों, तो उनके स्थान पर अधिकृत पदाधिकारी आमजनों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। जो पदाधिकारी एक से अधिक कार्यालयों के प्रभार में हैं, वे सोमवार एवं शुक्रवार को सुविधा अनुसार समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में उपस्थित रहकर लोगों से मिलना सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्देशों की अवहेलना अथवा अधिकृत पदाधिकारी की अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। #viralpost #viralreelschallenge #viralreels #videogames #viralchallenge #vacaciones #venezuela #2026Goals #newyork

किशनगंज जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने आमजनों की समस्याएं सुनीं किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित 17 अगस्त 2026 को बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से नवीन कुमार, जिला पदाधिकारी, किशनगंज द्वारा आम जनमानस की समस्याओं को सुना गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सप्ताह में दो दिन—सोमवार एवं शुक्रवार को सभी पदाधिकारी अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे, ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रत्येक कार्यालय में आगंतुक पंजी विधिवत संधारण करते हुए प्राप्त शिकायतों की प्रविष्टि एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त प्रखंड, पंचायत एवं जिला स्तर पर प्रतिदिन आगंतुकों की संख्या की रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है। किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी को तत्काल अपने वरीय पदाधिकारी को सूचित करने का निर्देश दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। यदि किसी कारणवश संबंधित पदाधिकारी कार्यालय में अनुपस्थित हों, तो उनके स्थान पर अधिकृत पदाधिकारी आमजनों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। जो पदाधिकारी एक से अधिक कार्यालयों के प्रभार में हैं, वे सोमवार एवं शुक्रवार को सुविधा अनुसार समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में उपस्थित रहकर लोगों से मिलना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्देशों की अवहेलना अथवा अधिकृत पदाधिकारी की अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। #viralpost #viralreelschallenge #viralreels #videogames #viralchallenge #vacaciones #venezuela #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 17, 2026

सखी वार्ता कार्यक्रम में छात्राओं को अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक।

किशनगंज जिला अन्तर्गत आज दिनांक 17 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के आदेश के आलोक में तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस सह नोडल पदाधिकारी, डब्ल्यूसीडीसी, अंकिता सिंह के मार्गदर्शन में आज कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दिघलबैंक में छात्राओं एवं शिक्षकों के साथ ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा, केस वर्कर सुश्री टुम्पा दास एवं वन स्टॉप सेंटर (OSC) के वर्कर श्री सुनील कुमार राम ने छात्राओं के साथ संवाद किया तथा उन्हें महिला एवं किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों एवं सशक्तीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान लिंग आधारित हिंसा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर छात्राओं को जागरूक किया गया। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें और उचित माध्यम से इसकी जानकारी संबंधित पदाधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकार को दें।

इस अवसर पर OSC Worker श्री सुनील कुमार राम ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक एवं आत्मविश्वासी बनना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को किसी भी कठिन परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारने तथा अपने साथ होने वाली गलत घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आत्मविश्वास के साथ छात्राएं अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा एवं केस वर्कर सुश्री टुम्पा दास ने भी छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें विभिन्न सामाजिक समस्याओं एवं उनसे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं एवं विचार साझा किए।

कार्यक्रम में विद्यालय की वार्डन, अकाउंटेंट, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। विद्यालय की छात्राओं ने कार्यक्रम को काफी उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। छात्राओं ने कहा कि “सखी वार्ता कार्यक्रम बहुत अच्छा था। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम लोगों को महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों तथा विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला।”

इस अवसर पर डब्ल्यूसीडीसी की नोडल पदाधिकारी सुश्री अंकिता सिंह ने कहा कि “सखी वार्ता जैसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य किशोरियों एवं महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना तथा उन्हें किसी भी प्रकार की हिंसा एवं शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सशक्त करना है। जागरूकता, आत्मविश्वास और सही जानकारी के माध्यम से ही किशोरियों को सुरक्षित एवं सशक्त बनाया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश एवं संबंधित विभागों के समन्वय से महिलाओं एवं किशोरियों के सशक्तीकरण और सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने का संदेश दिया गया।
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सखी वार्ता कार्यक्रम में छात्राओं को अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक। किशनगंज जिला अन्तर्गत आज दिनांक 17 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के आदेश के आलोक में तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस सह नोडल पदाधिकारी, डब्ल्यूसीडीसी, अंकिता सिंह के मार्गदर्शन में आज कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दिघलबैंक में छात्राओं एवं शिक्षकों के साथ ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा, केस वर्कर सुश्री टुम्पा दास एवं वन स्टॉप सेंटर (OSC) के वर्कर श्री सुनील कुमार राम ने छात्राओं के साथ संवाद किया तथा उन्हें महिला एवं किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों एवं सशक्तीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान लिंग आधारित हिंसा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर छात्राओं को जागरूक किया गया। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें और उचित माध्यम से इसकी जानकारी संबंधित पदाधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकार को दें। इस अवसर पर OSC Worker श्री सुनील कुमार राम ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक एवं आत्मविश्वासी बनना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को किसी भी कठिन परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारने तथा अपने साथ होने वाली गलत घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आत्मविश्वास के साथ छात्राएं अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा एवं केस वर्कर सुश्री टुम्पा दास ने भी छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें विभिन्न सामाजिक समस्याओं एवं उनसे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं एवं विचार साझा किए। कार्यक्रम में विद्यालय की वार्डन, अकाउंटेंट, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। विद्यालय की छात्राओं ने कार्यक्रम को काफी उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। छात्राओं ने कहा कि “सखी वार्ता कार्यक्रम बहुत अच्छा था। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम लोगों को महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों तथा विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला।” इस अवसर पर डब्ल्यूसीडीसी की नोडल पदाधिकारी सुश्री अंकिता सिंह ने कहा कि “सखी वार्ता जैसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य किशोरियों एवं महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना तथा उन्हें किसी भी प्रकार की हिंसा एवं शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सशक्त करना है। जागरूकता, आत्मविश्वास और सही जानकारी के माध्यम से ही किशोरियों को सुरक्षित एवं सशक्त बनाया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश एवं संबंधित विभागों के समन्वय से महिलाओं एवं किशोरियों के सशक्तीकरण और सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने का संदेश दिया गया। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #vacaciones #venezuela #viralreels #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 17, 2026