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हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति की बैठक आयोजित, आगामी रणनीति पर हुई चर्चा, किसानों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा समाज के अधिकारों, शिक्षा और रोजगार के लिए गांव-गांव पहुंचेगी चमार संघर्ष समिति : मांगेराम तोंदवाल भिवानी, 17 अगस्त : हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति की बैठक स्थानीय स्तर पर आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मांगेराम तोंदवाल ने किया तथा अध्यक्षता कैप्टन ब्रह्मानंद ने की। बैठक का मुख्य संचालन समिति के प्रदेश प्रवक्ता राजेश चौधरी द्वारा किया गया। बैठक में हरियाणा प्रदेश के अंदर समाज के सामने मौजूद शिक्षा, रोजगार, आर्थिक स्थिति, सामाजिक सम्मान, सरकारी योजनाओं एवं छात्रवृत्तियों का लाभ, युवाओं के भविष्य, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता तथा संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि आज भी समाज के अनेक परिवार अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी के आभाव में पीछे छूट रहे हैं। युवाओं के सामने बेरोजगारी, शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की भारी कमी जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। इन सभी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए समाज को शिक्षित, जागरूक और संगठित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। संगठन को और अधिक गतिशील और मजबूत बनाने के लिए बैठक में महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा की गई। जिसमें रमेश सिहाग को हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति की जनरल बॉडी में भिवानी जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। मंजीत लांगयान को यूथ चमार संघर्ष समिति का भिवानी जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मांगेराम तोंदवाल के नेतृत्व में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत समिति के पदाधिकारी गांव-गांव जाकर समाज के लोगों से सीधा संवाद करेंगे तथा लोगों को शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाओं, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक एकता के प्रति जागरूक किया जाएगा। समाज से जुड़ी तमाम समस्याओं और मांगों को संबंधित प्रशासन एवं सरकार के समक्ष पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उठाया जाएगा। बैठक में आगामी रूपरेखा तय करते हुए घोषणा की गई कि आने वाले समय में जिला स्तरीय चमार सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसके उपरांत, हरियाणा के विभिन्न जिलों से समाज के प्रतिनिधियों, प्रबुद्ध जनों, युवाओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को मंच पर एकजुट करने के लिए प्रदेश स्तरीय चमार सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर हरियाणा प्रदेश चमार संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मांगेराम तोंदवाल व प्रदेश प्रवक्ता राजेश चौधरी ने कहा कि समाज की समस्याओं का समाधान केवल बैठकों और कागजी बयानों तक सीमित रहने से नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के बीच जाकर कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा, संगठन और जागरूकता ही किसी भी समाज को सशक्त बनाने के सबसे बड़े आधार हैं। उन्होंने विशेष तौर पर युवाओं से आह्वान किया कि वे आगे आएं और सामाजिक अभियानों में बढ़-चढक़र अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलदेव मुवाल, उदय सिंह, राजेंद्र सिंह, जोगिंदर चौहान गुरु रविदास मंदिर प्रधान, डी.के. रंगा, रामकिशन सभ्रवाल, मास्टर संत कुमार हजऱस, प्रदेश कोषाध्यक्ष मास्टर हरीश मेहरा, संदीप दहिया नक्शनवीस, रामानंद दहिया, धर्मपाल भोरिया, राजेंद्र पूर्व कस्टम अधिकारी, सुमित लांगयान सहित समाज के तमाम गणमान्य पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बॉक्स हांसी में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की घटना की कड़ी निंदा बैठक के दौरान हाल ही में हरियाणा के हांसी में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों और आम नागरिकों पर पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए निर्मम लाठीचार्ज की घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया गया और इसे लेकर एक कड़ा प्रस्ताव पास किया गया। समिति के नेताओं ने एक स्वर में कहा कि लोकतांत्रिक देश में अपनी जायज मांगों और न्याय के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे लोगों व किसानों पर बल प्रयोग करना बेहद अलोकतांत्रिक, निंदनीय और तानाशाही रवैया है। समिति ने घायल किसानों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस दमनकारी नीति को तुरंत बंद किया जाए तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करते हुए उचित न्याय सुनिश्चित किया जाए। - Bhiwani News